Daily Archive: May 12, 2017

बदमाशो के होंसले बुलद पुलिस हुई बेबस

नोएडा -कोतवाली फेज-3 क्षेत्र में कार सवार बदमाशों ने कंपनी से घर लौट रहे सुपरवाजर तमंचे के बल पर नकदी, मोबाइल और पर्स लूट लिया। विरोध करने पर बदमाश गोली मारने की देते हुए फरार हो गए। वहीं सिटी सेंटर के पास ऑटो में बैठे एक युवक से बाइक सवार बदमाश मोबाइल लूटकर फरार हो गए। पीड़ितों ने घटना संबंधित कोतवाली पुलिस से शिकायत की है। पुलिस के मुताबिक विजय नगर गाजियाबाद निवासी प्रदीप कुमार सेक्टर-63 स्थित एक कंपनी में सुपरवाइजर हैं। बुधवार शाम वह एफएनजी रोड होते हुए बाइक से अपने घर जा रहे थे। तभी कार सवार आधा दर्जन बदमाशों ने ओवरटेक कर उन्हें रोक लिया। बदमाशों ने तमंचे के बल पर प्रदीप से जेब में रखी 20 हजार रुपए की नकदी, दो मोबाइल फोन और पर्स लूट लिया। पीड़ित ने घटना की शिकायत कोतवाली फेज-3 पुलिस से की है।

मछली पकड़ना पड़ा मंहगा , 17 हुऐ गिरफ्तार

नोएडा – ओखला पक्षी विहार में प्रतिबंध के बावजूद मछली पकड़ रहे 17 लोगों को वन विभाग ने थाना सेक्टर 20 पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया है। इनके पास से मछली पकडऩे का जाल, पकड़ी हुई मछली बरामद की गई है।जनपद गौतमबुद्घ नगर के प्रभागीय वनाधिकारी एच. वी. गिरीश ने बताया कि बीती रात को हमें सूचना मिली कि ओखला पक्षी विहार में कुछ लोग अवैध रूप से मछली पकड़ रहे हैं। सूचना के आधार पर देर रात 1.30 बजे के करीब थाना सेक्टर 20 पुलिस की मदद से पक्षी विहार में छापा मारा गया। छापेमारी के दौरान प्रतिबंधित क्षेत्र में मछली का शिकार कर रहे राम चरित्र, सुरेंद्र, परेश, राजा, सुमेर, सुशील, रोबिन, नयन, मोटू, गौतम, अर्जुन, रंजीत, जीवा, हरन को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वन अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों के पास से मछली पकडऩे वाला जाल व पकड़ी हुई मछली बरामद की गई है। उन्होंने बताया कि इनके खिलाफ 1972 वन्य संरक्षण अधिनियम धारा 2, 9, 27, 29, 50, और 51 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि ओखला पक्षी विहार संरक्षित वन क्षेत्र है जहां किसी भी तरह का शिकार करना या मछली पकडऩा प्रतिबंधित है।

गंगाजल से अब बुझेगी नोएडावासियो की प्यास

नोएडा में सभी लोगो को गंगा जल पिने के लिए पर्याप्त मात्रा में मिले उसके लिए नोएडा प्राधिकरण काफी प्रयास करने में लगा है पेयजल के रूप में शहर में सौ फीसद गंगाजल उपलब्ध कराने के लिए इस समय नोएडा प्राधिकरण के पास दस मिलियन लीटर डेली एमएलडी गंगाजल की कमी है। आने वाले दिनों में इस कमी को पूरा करके शहर व गांव में पेयजल के रूप में सौ फीसद गंगाजल की आपूर्ति की जाएगी। इसके बाद 90 एमएलडी गंगाजल की परियोजना पर कार्य चल रहा है। हालांकि इतने गंगाजल की मांग वर्ष 2021 में होगी, लेकिन इस परियोजना को इस वर्ष के अंत तक पूरा करके शहर के लोगों को सौ फीसद गंगाजल पेयजल के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण के पास इस समय पेयजल की आपूर्ति के तीन मुख्य श्रोत हैं। पहला गंगाजल, दूसरा ट्यूबवेल और तीसरा रैनीवेल से मिलने वाला भूजल। अभी शहर में पेयजल की मांग 250 एमएलडी है और प्राधिकरण के पास गंगाजल के रूप में 240 एमएलडी पानी की उपलब्धता है। दस एमएलडी पानी की कमी को पूरा करने के लिए भूजल के रूप में पानी निकालकर इसमें गंगाजल मिश्रित पानी की आपूर्ति की जाती है। जिससे लोगों को सिर्फ भूगर्भ से निकलने वाले भारी पानी के कारण परेशानी न हो। नोएडा प्राधिकरण द्वारा वेपकॉस द्वारा कराए गए सर्वे के अनुसार शहर में दस प्रतिशत के हिसाब से प्रतिवर्ष मांग बढ़ेगी। इस हिसाब से पानी की उपलब्धता के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया। इसके तहत वर्ष 2021 में नोएडा प्राधिकरण के पास 330 एमएलडी गंगाजल उपलब्ध होगा। 2026 में यह क्षमता बढ़कर 452 एमएलडी और वर्ष 2031 के मास्टर प्लान के अनुसार नोएडा प्राधिकरण के पास 560 एमएलडी गंगाजल की उपलब्धता होगी। एक सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक नोएडा क्षेत्र में अब आबादी में जो बढोतरी होनी है, वह दस प्रतिशत प्रति वर्ष से भी कम हो जाएगी। वजह, नोएडा में अधिकांश सेक्टरों में पूरी तरह से आबादी बस चुकी है। जिन नए सेक्टरों में आबादी बढ़नी हैं, उनके हिसाब से आने वाले दिनों में भी जितने पानी की जरूरत होगी, उतनी आपूर्ति गंगाजल के माध्यम से की जा सके। इसकी दूसरी बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि पार्क, ग्रीन बेल्ट व अन्य रूप में सिंचाई कार्य में प्रयोग होने वाले पानी के रूप में सीवरेज ट्रीटमेंट से निकलने वाले शोधित पानी का प्रयोग किया जाएगा। वहीं निर्माण कार्य के दौरान भी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकले शोधित पानी का प्रयोग किया जाएगा। ऐसे में जो मांग आबादी बढ़ने पर बढ़ेगी, उतने पेयजल की आपूर्ति गंगाजल से पूरी की जा सकेगी।

औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति , सतीश महान ा

नोएडा -प्रदेश सरकार बहुत ही जल्द नई औद्योगिक नीति लागू करने जा रही है। इसमें उद्यमियों को लालफीताशाही से मुक्ति मिल जाएगी। औद्योगिक विकास को गति प्रदान होगी। यह बात बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश औद्योगिक मंत्री सतीश महाना ने उद्यमियों ने कही। वह सेक्टर-6 स्थित नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पर औद्योगिक समस्या से उद्यमियों के साथ बैठक कर रहे थे। उद्यमियों का एक प्रतिनिधि मंडल नोएडा एंटरप्रिनियोर्स एसोसिशन अध्यक्ष विपिन मल्हन के नेतृत्व में बैठक में शामिल होने पहुंचा था। इस मौके पर उद्यमियों की ओर से विपिन मल्हन ने मंत्री को पुष्पगुच्छ देकर उनका जोरदार स्वागत किया और औद्योगिक विकास में उनके निरंतर प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर एनईए महासचिव वीके सेठ, वरिष्ठ उपाध्यक्ष धर्मवीर शर्मा, उपाध्यक्ष सुधीर श्रीवास्तव, मोहन सिंह, मोहम्मद इरशाद, सचिव कमल कुमार, हरीश जोनेजा, कोषाध्यक्ष शरद चन्द्र जैन, सह कोषाध्यक्ष नीरू शर्मा, अमित तारा, अनिल अग्रवाल, किशोर कुमार, एचके गौतम, रमन वासन, अजय अग्रवाल, राहुल नय्यर, राजीव गोयल, इन्दरपाल खाडपुर, सुभाष चोपड़ा, एचके गौतम, आरके सूरी, राजन खुराना, संदीप अग्रवाल, एचके अरोड़ा, अतुल कात वर्मा उपस्थित रहे।

उद्यमियों ने ये रखी मांग :

इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी में मिले छूट

इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी में छूट मिले उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा विभाग ने वर्ष 2010 में अधिसूचना जारी की थी कि नई इकाइयों को दस वर्ष की अवधि के लिए इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी से छूट दी जाएगी लेकिन इसके बावजूद आज तक विद्युत निगम ने इसका पालन नही किया। उद्यमियों को इस लाभ से वंचित रखा कई वर्षो से आइटी /आइटीईएस उद्योग मंदी के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में आइटी भूखंड को औद्योगिक भूखंड में परिवर्तित कर उद्यमी निर्माण इकाई लगाना चाहता है। ऐसे में आवंटित भूखंडों पर प्राधिकरण द्वारा अनुमन्य उद्योग लगाने की अनुमति प्रदान करें। यदि एक बार प्रोजेक्ट परिवर्तन करने की अनुमति के पश्चात भी यदि भवन का निर्माण कर इकाई कार्यशील नहीं की जाती है तो उसका आवंटन निरस्त कर दिया जाए।

लीज रेंट एक फीसद हो :

नोएडा में उद्योगों से लीज रेंट प्राधिकरण 2.50 फीसद की दर से वसूल रहा है। जो कि वर्तमान दर पर बहुत ज्यादा है। औद्योगिक भूखंडों की लीज रेंट की दर एक फीसद की जाए।

छोटी इकाइयां को सर्विस इंडस्ट्री घोषित की जाए :

नोएडा में उद्योगों में काम आने वाले रॉ-मैटेरियल की कोई मार्केट नही है। इस कारण उद्यमियों को अपने उत्पाद में काम आने वाले कच्चे माल के लिए अन्य पड़ोसी राज्यों पर पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में छोटे औद्यौगिक भूखंड पर इकाई चलाना संभव नही है। ऐसे में उद्योगों के विकास के लिए सेक्टर-9, 10 ( 50 वर्ग मीटर से 114 वर्ग मीटर तक) की इकाइयों को सर्विस इंडस्ट्रीज घोषित किया जाए।

छोटे उद्योगों का विस्तार कराया जाए :

कई वर्षो से छोटे औद्योगिक भूखंडों की योजना नहीं निकाली गई है। इस कारण कई उद्यमी अपनी इकाई का विस्तार नहीं कर पाए हैं। छोटे उद्योग लगाने के इच्छुक उद्यमी अपना उद्यम लगाने से वंचित रह गये। मास्टर प्लान के हिसाब से नोएडा छोटे उद्योगों का हब है। ऐसे में औद्योगिक भूखंडों 2000 वर्ग मीटर से कम (500, 800, 1000, 1200 वर्ग मीटर तक) की योजना लाने के लिए प्राधिकरण को निर्देश दिए जाएं ताकि छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिले और रोजगार के नये अवसर बढ़ें।

लोगों को जागरूक करने के लिए यातायात अभिया न चलाया जायेगा, डीएम बीएन सिंह

नोएडा में किस तरह यातायात को सुचारु रूप से चलाया जाये ताकि कम से कम दुर्घटना घटित हो , डीएम कैम्प नोएडा पर जिला परिवहन एवं यातायात सलाहकार समिति एवं. सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक करते हुए डीएम बीएन सिंह कम से कम सडक़ दुर्घटना घटित हो इसके लिए हाइवे पर ओवर वाहनों के विरुद्ध कडी कार्यवाही होगी , बार-बार ओवर स्पीड वाहन चलाने पर यदि कोई व्यक्ति पकड़ा जाएगा तो उसके लाइसेंस को जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी ,डीएम ने कहा कि लोगों को जागरूक करने के लिए यातायात अभियान चलाया जाए ताकि लोगो को अधिक से अधिक यातायात नियमों की अधिक जानकारी दी जाए,