Daily Archive: July 6, 2017

आबकारी विभाग ने छापा मारकर दूसरे राज्य की 1 35 पेटी शराब सहित तस्कर को किया गिरफ्तार

नोएडा – जिले मे शराब तस्करी का कारोबार थमने का नाम नही ले रहा है आज मौके पर करवाई करते हुए आबकारी अधिकारी श्री राकेश कुमार सिंह के निर्देशन में आज दिनांक 6 जुलाई को जनपद की आबकारी टीम द्वारा ग्राम मोहियापुर में दबिश कर राजू नामक व्यक्ति के किराए के मकान से *एक स्विफ्ट कार से 42 पेटी, तथा एक कमरे से 93पेटी बेस्टो ब्रांड विदेशी मदिरा (कुल 135 पेटी)हरियाणा राज्य में विक्रय हेतु मान्य बरामद की। मौके से 2 व्यक्ति ऋषभ गोयल व पुष्पेंद्र को गिरफ्तार किआ गया। गिरफ्तार दोनों व्यक्ति तथा राजू के विरुद्ध थाना सूरजपुर में FIR दर्ज कराई गई। तथा बरामद शराब एवं कार को जब्त कर अग्रिम कार्यवाई हेतु थाने के सुपुर्द किया गया।बरामद शराब की कीमत लगभग 7 लाख रु है

सपा ने लगाया बीजेपी सरकार पर सरकारी अस्पता लों में भर्ती शुल्क के नाम पर उगाही का आरोप

नोएडा – 1 जुलाई को ख़ामोशी से सूबे में राज कर रही बीजेपी की योगी सरकार का एक ऐसा फरमान लाया जिससे की आम आदमी और ख़ास तौर पे गरीब वर्ग के लोगों पर एक बहुत बड़ा प्रहार हुआ | जिला अस्पतालों में अब 34 रूपये भर्ती शुल्क मरीजों से वसूला जायेगा | आज से 17 साल पूर्व सत्ता में काबिज़ समाजवादी पार्टी की सरकार ने मात्र 1 रुपये का शुल्क वसूलने का आदेश दिया था| पिछली अखिलेश यादव जी की समाजवादी सरकार ने भी इस को न सिर्फ जारी रखा बल्कि 1 रूपये में ज़्यादा से ज़्यादा सुविधाएं देने का प्रयास किया | यह खर्च 34 रूपये से शुरू होक 167 रूपये तक अलग अलग श्रेणी में लिया जायेगा | गर्भवती महिलाओं को अखिलेश जी द्वारा दी जा रही आहार को भी बंद कर दिया गया है |
इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के नॉएडा के पूर्व प्रत्याशी सुनील चौधरी ने कहा की ये आम जनता को लूटने का नया हथियार है | स्वास्थ्य सेवाएं गरीबों को दिया जा रहा दान नहीं बल्कि लोकतंत्र मे उनका अधिकार है | पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश जी द्वारा किये गए कामो को बंद करने से इसका सीधा सीधा नुक्सान प्रदेश की भोली भाली जनता को होगा | पुराने समाजवादी नेता ओम पाल राणा जी ने भी कहा की गाँव गरीबों की बात करने वाली सरकार उन्ही के बीमार हो जाने पर मेहेंगे इलाज की व्यवस्था बना रही है | सरकार को यह सोचना चाहिए की वह कैसे उन् गरीबों को अच्छी सेवाएं प्रदान करें जिन्होंने वोट दे कर बीजेपी को सत्ता तक पहुँचाया |

नोएडा में चल रहा है ठगी का नया अंदाज, पढ़े औ र सावधान रहें आप

यूपी के हाईटेक शहर नोएडा में ठगी जैसी घटनाओ पर लगाम नहीं लग पा रहा है क्योकि थोड़े से लालच में लोग ठगी का शिकार हो जाते है | जी हाँ मामला है होशियारपुर गांव के पास एक युवक को बाइक सवार दो युवकों ने मोबाइल का खाली डब्बा थमा 10 हजार रुपये ठग लिए। युवक जबतक डब्बा खोलकर चेक करता, आरोपी फरार हो चुके थे। पीड़ित सुपौल बिहार के रहने वाले रमेश परिवार के साथ हिंडन विहार में रहते हैं। वह सुरजपुर स्थित एक बिल्डर साइट पर सुपरवाइजर हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार शाम वह होशियारपुर में दोस्त से मिलने गए थे। वह घर लौट रहे थे। तभी उन्हें सेक्टर 51 पुलिस चौकी से करीब 100 मीटर पहले बाइक सवार दो युवक मिले। युवकों ने उन्हें एचटीसी का एक महंगा फोन दिखाया। उन्हें डिब्बे से निकालकर फोन भी दिखाया। सौदा 10 हजार में तय हो गया। पास ही के एक एटीएम से पीड़ित ने 10 हजार रुपये निकाले और युवकों को दे दिया। रुपये लेने के बाद आरोपी डब्बा थमाकर तेजी से भाग गए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस मामले की जाच कर रही है।

एलिवेटेड रोड पर फर्राटा भरते वाहन बन रहे द ुर्घटना का कारण आधा दर्जन लोग हो चुके हैं अब त क घायल

नोएडा में ट्रैफिक से निजात और लोगों की सुविधाए के लिए सेक्टर 27 से सेक्टर 60 तक प्राधिकरण द्धारा एलिवेटेड रोड बनाया गया लेकिन ये एलिवेटेड रोड दुर्घटनओं में तब्दील होता जा रहा है | आपको बता दे की एलिवेटेड रोड का 28 जून को उद्घाटन हुआ था। उद्घाटन के बाद से अब तक एलिवेटेड रोड पर पांच दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। जिसमें आधा दर्जन लोग घायल हो चुके हैं। वही मंगलवार की रात को फॉ‌र्च्यूनर कार ने डंपर ने टक्कर मार दी। दुर्घटना में कार के परखच्चे उड़ गए, जबकि उसमें सवार फैक्ट्री संचालक राजन तोमर (30) गंभीर रूप से घायल हो गए।

नोएडा निवासी खुद निभा रहे हैं पुलिस की जिम ्मेदारी, सारे सबूत देने पर भी नहीं पकड़ पा रही नोएडा की लाचार पुलिस

यूपी के मुखिया योगी प्रदेश में पुलिस विभाग की फेरबदल तो कर रही है जिससे लॉ एंड आर्डर और वारदात जैसी घटनाओ पर अंकुश लग सके लेकिन नोएडा पुलिस इसका सबक नहीं ले पा रही है | आपको बता दे की कुछ दिन पहले मोबाइल लूट के मामले में कार शोरूम प्रबंधक ने पहले तो जान की बाजी लगाकर दो बदमाशों को पकड़कर पुलिस को सौंपा। फिर मोबाइल लेकर फरार हुए तीसरे बदमाश को गूगल ड्राइव की मदद से खोज निकाला। साथ ही जीपीएस की मदद से अपने मोबाइल की लोकेशन भी तलाश ली। मोबाइल खोड़ा गाजियाबाद में चल रहा है। सवाल ये खड़ा होता है की पुलिस प्रशसन अभी तक तीसरा बदमाश को क्यों नहीं गिरफ्तार कर पाई ? क्या लोगों को खुद पुलिस का काम करना चाहिए ? शायद ऐसी घटनाओ से ये प्रतीत हो रहा है की अगर आपके साथ कोई लूट हो जाए तो खुद बदमाशों को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया जाए |