Daily Archive: December 19, 2018

22 फरवरी से 24 फरवरी तक 33 वा बसंत उत्सव् मनाया जायेगा नोएडा के रामलीला मैदान ,

33 वां बसंत उत्सव फ्लोरीकल्चर सोसायटी नोएडा एवं नोएडा अथॉरिटी के तत्वावधान में प्रतिवर्ष फरवरी के अंतिम सप्ताह को आयोजित किया जाता है। इस आयोजन की थीम पुष्प एंटीराइनम के साथ 2019 में प्रर्यावरण प्रेमियों का यह कुंभ 22 , 23 व 24 फरवरी को रामलीला मैदान नोएडा में आयोजित किया जाएगा।
यह आयोजन विभिन्न प्रतियोगिताओं के साथ सामयिक विषयों पर वार्ता एवं चर्चा तथा मनोरंजन के साधनों पर भी आयोजकों का पूर्ण ध्यान केंद्रित रहता है।
मुख्य रुप से नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं दिल्ली के उद्यान प्रेमियों को प्रतीक्षा रहती है अपने उद्यानों को विभिन्न वर्गों में प्रतिभागी बनाने की। प्रत्येक वर्ग में प्रथम एवं द्वितीय सर्वश्रेष्ठ उद्यानों को एक भव्य समारोह में पुरस्कृत किया जाता है।
उद्यान प्रतियोगिताओं के लिए विभिन्न वर्ग इस प्रकार हैं
आवासीय उद्यान
1 . 50 वर्ग मी से अधिक
2 . 25 से 50 वर्ग मी
3 . 25 वर्ग मी से कम
4 . लघु उद्यान
5 . बालकनी उद्यान
6 . एथनिक उद्यान
7 . छत पर उद्यान
8 . सड़क किनारे उद्यान जो किसी व्यक्ति विशेष द्वारा संवारा गया हो
9 . नयापन लिए हुए कलात्मक उद्यान
इन आवासीय उद्यानों के अतिरिक्त विभिन्न सरकारी विभागों, आवासीय कालोनियों, शैक्षणिक संस्थानों , नर्सरी स्कूलों , सरकारी पौधशालाओं इत्यादि के लिए भी अवसर होता है प्रतियोगिताओं में भाग लेने का, अपने उद्यानों को बेहतर बनाने का और पुरस्कार जीतने का।
सभी छोटे बड़े उद्यानों के स्वामी इस बसंत उत्सव का हिस्सा बनिए।

Wave Infratech Signs MoU with Construction Skill Development Council of India (CSDCI).

Noida, 13th December, 2018: Taking a step forward to recognise and certify their skilled workforce, Wave Infratech signed a memorandum of understanding (MoU) with Construction Skill Development Council of India (CSDCI) in Best in Class Employer scheme of Recognition of Prior Learning (RPL 4). The group has taken this step to certify and empower their workforce, across all its projects.

A huge section of India’s workforce are unskilled or semi-skilled. Only 4.69% of the total workforce in India have a formal training. As a result, most of them pick up skills in an informal channels, which could not be assessed. To recognise these skills, RPL was launched. Ministry of Skill Development and Entrepreneurship (MSDE) & National Skill Development Corporation (NSDC), through RPL, ensures wider reach to large uncertified workforce across the country.

To recognise & assess the workforce in the construction sector, CSDCI was constituted under the mandate of NSDC. RPL was launched as a component under Pradhan Mantri Kaushal Vikas Yojna (PMKVY) and it targets to certify over 40 lakh people in work force in various trades by 2020. RPL recognises prior competencies of the assessed candidates and provide them with a certificate and monetary reward on successful completion of assessments.

With this MoU with CSDCI, Wave Infratech, will get 4000 (approx.) of its construction sector workers, across all its projects, in various trades, certified. The MoU was signed between Mr. H.S. Khandari, Director Wave Infratech and Col. AK Singh (Retd.), CEO, Construction Skill Development Council of India (CSDCI). The certification will help the workforce access future opportunities in the formal eco system.

On this occasion, Mr. H.S. Khandari, Director, Wave Infratech said, “Construction sector is the second largest industry when it comes to manpower employment, and the workforce required here is huge. There is continuous need for upgradation of skills and certification. With this MoU, we are helping our workers, across all our projects, in various trades, get formally recognised and give them an avenue to up-skill and grow further. Through this certification, we are recognising the ‘value of learning’ acquired in an informal setting”.

Speaking on the occasion, Col. AK Singh (Retd.), CEO, CSDCI, said, “Over 60 million of skilled workforce in our country are yet to be assessed. These workers, learned their trade through informal channels, as there were inadequate training facilities. To bridge these gaps, MSDE & NSDC launched RPL. Through RPL 4, we, at CSDCI, facilitate the assessment of the workforce. We are happy to be associated with Wave and we appreciate this initiative taken by them. This association is a step forward for us to achieve our target of certifying the skilled workforce in the construction sector. Our collaboration will work towards honouring, certifying and bringing these workers to the mainstream.”

नवरत्न का स्कूली बच्चों को ठिठुरती ठंड से बचाने का अभियान: “शीत कवच”

आज नोएडा के सेक्टर 17 के स्लम इलाके में चल रहे "अपना स्कूल" पहुंचा और वहाँ पर शिक्षा ग्रहण करे रहे अति निर्धन परिवार के 100 बच्चों को स्कूल यूनिफार्म स्वेटर्स उपहार स्वरूप प्रदान किये गये.

इस अवसर पर सेक्टर की स्लम की प्रधान और स्कूल की समाज सेविका संचालक श्रीमती ऋतू सिन्हा ने व्यवस्था को बेहतर बनाये रखने में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान किया
. इस कडकडाती ठंड में बच्चों को बिगैर गर्म कपड़ों एवं जूते को देख कर एक प्रश्न उठ रहा था की यह बच्चे इस ठंड का सामना कैसे करते हैं . इनमे इतनी शक्ति कहाँ से आती है की ठंड में भी मुस्कारते हुए दिखाई पड़ते हैं. वाकई कोई न कोई ईश्वरीय शक्ति है जो इनको इतना बल देता है. मन में आया की चलो कुछ और किया जाए इनके नौनिहालों के लिए और इनको जूते भी उपहार स्वरुप दिए जाएं .

यह भी शीत कवच का ही हिस्सा है. नोएडा में कई जूतों के निर्माता है हो सकता है की कुछ सस्ता भी मिल जाए .
वैसे हमारे मित्र कुलदीप कटियार जो की जूतों के निर्माता और नोएडा में ही फैक्ट्री है और काफी उदार ह्रदय के हैं और हमारे नवरत्न ज्ञानपीठ की बच्चों को सहयोग भी करते हैं उनसे यही ही निवेदन किया जाए तो शायद बात बन सकती है इन मासूम बच्चों के नंगे पैर को ढकने के लिए.
चलिए
शुरुआत करते हैं शीत कवच को और व्यापक बनाने के लिए.