Noida Latest News


Difference between a Guru and a Teacher!!!!!!!

1. A teacher takes responsibility for your growth.
A Guru makes you responsible for your growth.

2.A teacher gives you things you do not have and require.
A Guru takes away things you have and do not require.

3. A teacher answers your questions.
A Guru questions your answers.

4. A teacher requires obedience and discipline from the pupil.
A Guru requires trust and humility from the pupil.

5. A teacher clothes you and prepares you for the outer journey.
A Guru strips you naked and prepares you for the inner journey.

6. A teacher is a guide on the path.
A Guru is a pointer to the way.

7. A teacher sends you on the road to success.
A Guru sends you on the road to freedom.

8. A teacher explains the world and its nature to you.
A Guru explains yourself and your nature to you.

9. A teacher gives you knowledge and boosts your ego.
A Guru takes away your knowledge and punctures your ego.

10. A teacher instructs you.
A Guru constructs you.

11. A teacher sharpens your mind.
A Guru opens your mind.

12. A teacher reaches your mind.
A Guru touches your spirit.

13. A teacher instructs you on how to solve problems.
A Guru shows you how to resolve issues.

14. A teacher is a systematic thinker.
A Guru is a lateral thinker.

15. One can always find a teacher.
But a Guru has to find and accept you.

16. A teacher leads you by the hand.
A Guru leads you by example.

17.When a teacher finishes with you, you celebrate.
When a Guru finishes with you, life celebrates.

Noida flat rents may see a dip: Report

NOIDA: The reduction in the home loan rates to up to 8.5% by some banks after demonetisation, the lowest in eight years, and a slew of project deliveries slated for this year can lead to a possible correction in residential rental rates in some of the prime locations in the city, according to a recent report released by Gurgaon-based real estate .


ग्रेटर नोएडा-एसएसपी का जिला कारागार पर छापा,जिला कारागार में एसएसपी ने मारा छापा,जेल की बैरकों में तलाशी अभियान जारी,कई थानो की पुलिस मौजूद

Dr Mahesh Sharma Union Minister appeal for 61 NOIDA candidate

नॉएडा विधानसभा से भाई पंकज सिंह को 11 फरवरी को अपना बहुमूल्य वोट देकर उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार बनाने के मोदी जी के स्वपन को साकार करें
डॉ महेश शर्मा
केंद्रीय मंत्री


Rajiv Goyal

Democracy is something a great gift of constitution of India to its people despite many shortcomings.

Elections don’t happen every month or year. Let their be issue based discussion including replies by Candidates of various party.

It’s the high time when people must demand and these candidates offer Agreement based commitment; an agreement once signed, attested & registered would make them disqualify if they turned their eyes for implementation. However, for this to happen it is necessary that we actually define the problems, expected solutions , our assessment what can be done by MLA or what support of MLA would help problems to be resolved. In case the MLA elected from the party is one whose party does not come to power, what action he would still persist to agitate the issue in Assembly.

Let their be upper level of issue common to entire assembly area and there must be also issues of each village , colony & sectors separately. Even if NA has left a vacant plot which is used for dumping garbage is a problem need a resolution ; Prospective candidate must commit in signing what will be action in general and in particular to mentioned plot nos

We are also 250 people in group, a commitment to such a big group by candidates cannot be simply denied and if so, anyone , in representative suit , bring a suit against winning candidate.

Let people promote some candidate but then onus would be upon him also if their is an agreement.

Don’t forget, how T N Sheehan sb changed elections in country, how candidates have fear of disqualification; let’s walk some steps from the voter side too, infact my take is if some candidate agrees to sign agreement, attest & register with time frame , detailing therein clauses of failures; one who agreed most on terms should sign it and Voters as a group then vote him to win.

Election commission, don’t think , can bring much on plate to make elected people representative more responsible, authentic & accountable, beyond the point they have already brought the discipline and they also need voters support to achieve unified objective of clean & responsible politics in country!!!

नोएडा | बुजुर्ग को घर में बंधक बनाकर लूटा

नोएडा | सेक्टर-71 में बुजुर्ग महिला को घर में अकेली पाकर बदमाशों ने बंधक बनाकर लूटपाट की। बदमाश महिला से लाखों रुपये के गहने लूटकर ले गए। आरोप है कि शिकायत के बाद पुलिस ने महिला को टरका दिया और सात दिन बाद अब उनकी एफआईआर फेज थ्री पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है।


*पश्चिमी उत्तर प्रदेश बन सकता है नया कश्मीर, योगी आदित्यनाथ का उग्र बयान*

*धौलाना (हापुड़) – 30 जनवरी, 2017 :* पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हिंदूओ के पलायन को बड़ा चुनावी मुददा बनाते हुए भाजपा के फायरब्रांड नेता और सांसद योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को धौलाना में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अगर स्थिति इसी तरह बनी रही तो आने वाले समय में पश्चिमी उत्तर प्रदेश नया कश्मीर बन सकता है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यही वक्त है जब सभी हिंदूओं को भाजपा को समर्थन देना चाहिए। माना जा रहा है कि उनके इस उग्र बयान के बाद इलाके में हिंदू वोटो का धु्वीकरण बढ़ सकता है।

धौलाना—पिलखुआ विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी और चार बार के सांसद डा. रमेशचंद्र तोमर के समर्थन में एक सभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने सभा में आए लोगों को हिंदू हित में एक साथ आने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कश्मीर में वहां के पंडितों को भयभीत करके भागने पर मजबूर किया गयास और उनकी संपत्ति पर कब्जा किया गया, उसी तरह की स्थिति वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में होता देख रहे हैं। हिंदूओं को जबरन यहां से संपत्ति छोड़कर पलायन के लिए मजबूर किया जा रहा है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में काफी विषम स्थिति है। खासकर मुज्जफरनगर, बागपत, मेरठ और गाजियाबाद में स्थिति काफी भयावह है। लेकिन भाजपा इसके लिए कृत संकल्पित है कि इस तरह का माहौल न बनने पाए। हम पहले ही कश्मीर घाटी को गंवा चुके हैं। लेकिन हम पश्चिमी उत्तर प्रदेश को दूसरा कश्मीर नहीं बनने देंगे। उन्होंने हिंदू वोटरों को संगठित होकर भाजपा को पूर्ण बहुमत से चुनने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को बकायदका फतवा जारी किया गया है कि वे मुसलिम उम्मीदवार को ही वोट दे। यह हिंदूओं को सीधी चुनौती है। उन्हें चाहिए कि वे इस फतवा का जवाब दें और संगठित होकर हिंदू उम्मीवाद को वोट दे। यह हमारे वजूद का प्रश्न है।

समाजवादी पार्टी और बसपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ये दोनों पार्टी अपना आधार गंवा चुकी है। इनके शासनकाल की ज्यादती लोगों के सामने हैं। एक के राज में पैसा तो दूसरे के राज में गुंडागर्दी—उगाही का बोलबाला रहा है। उप्र विकास के सभी पैमानों पर सबसे पीछे चला गया है। फिर वह कृषि हो, आर्थिक विकास हो, औधोगिकीकरण हो, शिक्षा हो, स्वास्थ्य हो या फिर ढांचागत आधार का ही क्षेत्र क्यों न हो। उन्होंने कहा कि चुनाव में सभी राजनैतिक दलों ने घोषणा पत्र जारी किया है। लेकिन केवल भाजपा है जिसने संकल्प पत्र जारी किया है। जिसमें उप्र को सभी क्षेत्रो में उच्चतम स्तर पर ले जाना के प्रति संकल्प लिया गया है। जिससे उप्र भी देश की मुख्यधारा में शामिल राज्य के तौर पर गौरवांकित हो पाए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी को वाराणसी से संसद मे भेजकर यहां के लोगों ने उप्र का गौरव बहाल किया है। राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर बड़ा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है जब राज्य की जनता भाजपा को चुनकर राज्य में आतंक, गुंडागर्दी के शासन को खत्म करे। ​उन्होंने कहा कि जब अखिलेश यादव अपने पिता के ही नहीं हुए, उनके ही द्वारा नकार दिये गए, तो ऐसे में वह राज्य की जनता के क्या होंगे। उन्होंने कहा कि जनता बसपा की चाल भी समझ चुकी है। केवल राजनैतिक अवसरवादिता के तहत बसपा दलित—मुसलिम का राग अलाप रही है। जबकि स्वयं उनके प्ररेणता बाबा साहिब भीमराव अंबेडकर इस तरह के किसी गठबंधन को आजादी के समय ही नकार चुके थे।

चुनावी सभा को संबोधित करते हुए भाजपा के धौलाना से उम्मीदवार डा. रमेशचंद्र तोमर ने कहा कि अखिलेश राज में महिलाएं आतंक के साये में हैं। कानून का राज पूरी तरह खत्म हो चुका है। लोग भयाक्रांत हैं। महिलाओं की अस्मत लूटी जा रही है और उसमें सपा को राजनैतिक साजिश दिखती है। राज्य की पुलिस सपा के इशारे पर भाजपा के कार्यकर्ताओं को झूठे केस में फंसा रही हैं उन्हें प्रताड़ित कर रही है। उन्होंने सपा के मौजूदा विधायक पर इलाके में भय का राज चलाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने हिंदूओं को एक साथ आने का आहवान करते हुए कहा कि वे भाजपा के साथ आए क्योंंकि कुछ मौलाना मुसलिमों को मुसलिम उम्मीदवार को ही चुनने का फतवा जारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा न हो कि एक दिन धौलाना विधानसभा मौलाना विधानसभा में बदल जाए।

चुनावी समर में डात्र तोमर की स्थिति काफी मजबूत मानी जा रही है। इस आकलन को उस समय और बल मिला जब भाजपा के पूर्व प्रत्याशी वाईपी सिंह ने डा. तोमर की चुनावी अभियान में शिरकत ही नहीं की बल्कि उन्होंने अभियान का मोर्चा भी संभाल लिया है। वाईपी सिंह ने कहा कि वोटरो को अपना मत देने से पहले मसूरी और पिलखुआ की घटनाएं, जहां हिंदूओं पर अत्याचार हुआ, की घटनाओं को याद रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब ये मामले हुए तो सपा विधायक ने कोई कदम नहीं उठाया जिससे आरोपियों—दोषियो को सजा दिलाने में किसी तरह की मदद हासिल हो पाए। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो इन सभी मामलों को दोबारा से खोला जाएगा और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।