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एमिटी विश्वविद्यालय में 12 वे दीक्षांत समा रोह का आयोजन किया

एमिटी विश्वविद्यालय में 12 वे दीक्षांत समारोह का आयोजन किया

नोएडा प्राधिकरण ने अस्थाई कर्मचारियों को 500 और 1000 के नोट में बाँट रही है सैलरी

केंद्र सरकार के बैन के बावजूद नोएडा प्राधिकरण अपने कर्मचारियों को बांट रहा है 500 और 1000 के नोट में सैलरी आपको बता दें कि 8 तारीख को पीएम नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 के नोट को बैन कर दिया था इन नोटों को बैंक में जमा कर आप अपनी करेंसी को बदल सकते थे लेकिन नोएडा प्राधिकरण पर पीएम मोदी का भी आदेश जारी नहीं है नोएडा प्राधिकरण ने अपने कर्मचारियों को सैलरी का भुगतान किया जिसका ं कर्मचारियों ने विरोध किया उनका कहना है कि है जब केंद्र सरकार इन नोटों को बैन कर चुकी है तो आखिर प्राधिकरण के अधिकारी सैलरी के नाम पर हमें यह नोट क्यों दे रहे हैं

पुलिस और बैंक अधिकारियों के बीच सुरक्षा व ्यवस्था को लेकर हुई वार्ता

केंद्र सरकार द्वारा पांच सौ और हजार के नोट पर पाबंदी लगाई जाने के बाद अब सरकार ने कहा है कि बैंकों में यह नोट बदले जा सकेंगे,जिस पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो सकती है इसको लेकर नोएडा पुलिस ने आज बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नोएडा के सेक्टर 6 ऑफिस में एक मीटिंग की और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हुई इस मीटिंग में बैंकों के अधिकारी ,sp सिटी दिनेश यादव सभी पुलिस अधिकारी मौजूद थे

नोएडा के एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने ट्रैफिक कर्मचारियों को मास्क का वितरण किया

गौतम बुद्ध नगर में ट्रैफिक पुलिस द्वारा नवंबर महा को सड़क सुरक्षा माह के तौर पर मनाया जाता है जिसको लेकर आज नोएडा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने जिले के सभी ट्रैफिक कर्मचारियों को मास्क का वितरण किया आपको बता दें कि दिल्ली एनसीआर में पिछले कई दिनों से वातावरण में काफी अशुद्धि आई हुई है जिसको लेकर पुलिस अधिकारियों ने ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारियों को मास्क प्रदान किए जिसके चलते ट्रैफिक के कर्मचारी सुचारु रुप से अपनी सेवाएं दे सकेंगे

NOIDA TRAFFIC OR TERRIFIC POLICE ?

Noida : कर्तव्य का निर्वहन करते शहीद सिपाही के सलामी समारोह में अधिकारीयो का अमानवीय व्यवहार, कोई नहीं पहुचा पार्थिव शरीर पर दो फूल चढाने

नोएडा पुलिस के अधिकारियो का अमानवीय चेहरा एक बार फिर उजागर हुआ जब सड़क हादसे में मारे गए अपने आन डियूटी कांस्टेबल की मौत पर आयोजित सलामी समारोह में भाग लेने कोई भी अधिकारी नहीं पहुचा। सिपाही के अन्य साथी सिपाही जहा अधिकारियो के इस रवैये से आहत महसूस कर रहे है। वही पुलिस अधिकारियो के इस रवैया से नाराज सिपाही शशि कान्त के परिजन दाह संस्कार करने के लिए मेरठ अपने पैतृक गांव चले गए।

कर्तव्य का निर्वहन करते हुए मौत पर व्यक्ति को शहीद का दर्जा दिया जाता है , यह मौत चाहे सरहद पर हो या सड़क पर। लेकिन नोएडा के पुलिस अधिकारियों ने अपने स्वार्थ के कारण इतने अमानवीय हो गए है , कि एक शहीद को सम्मान देना भी उन्हें गवारा नहीं है। नोएडा ट्रैफिक पुलिस में पिछले पाच साल से कांस्टेबल पद पर तैनात 79 बेंच के शशिकांत कल रात जेवर के पास यमुना एक्सप्रेस वे पर में जाम खुलवाते समय अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई थी।

आज जब पोस्टमार्टम हुआ तो उसके बाद पार्थिव शव को पुलिस लाइन ले जाने के बहाने , वही सड़क किनारे रख सलामी देने की तैयारी शुरू कर दी गई , लेकिन कोई आलाधिकारी नहीं पहुच तो टी आई ने सलामी लेने लगे। सिपाहीयो में रोष पैदा हो गया और परिजन भी नाराज हो गए और एम्बुलेंस में शव रख कर मेरठ रवाना होने लगे , तब एसपी ट्रैफिक मौके पर पहुचे लेकिन सलामी नहीं दिया और परिजनों से ही मिले। यह है नोएडा के पुलिस अधिकारियो का अमानवीय व्यवहार , जिसके चलते पुलिस कर्मिओ में काफी रोष है।