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घरेलू सहायिका के मामले में आगे आया दिल्ली महिला आयोग

नोएडा – राजधानी से सटे नोएडा की महागुन सोसायटी में घरेलू सहायिका के साथ मालकिन की ओर से मारपीट करने और सैलरी न देने पर दिल्ली महिला आयोग ने एफआईआर दर्ज करायी है। पीड़ित घरेलू सहायिका ने बताया कि वह पश्चिम बंगाल की रहने वाली है और 4 महीने से इस सोसाइटी के अपार्टमेंट में काम कर रही है। इस केस में सोसायटी में रहने वाले व आसपास के लोगों ने दिल्ली महिला आयोग को फोन व सोशल मीडिया पर सूचना देकर घरेलू सहायिका की मदद करने के लिए कहा था। जिसके बाद दिल्ली महिला आयोग की टीम नोएडा जाकर घरेलू सहायिका से मिली और उसकी काउंसलिंग करने के बाद उसके स्टेटमेंट रिकार्ड कर सेक्टर-49 थाने में उसकी मालकिन के खिलाफ केस दर्ज कराया। स्वाति मालिवाल ने कहा कि हालांकि नोएडा दिल्ली महिला आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है लेकिन मानवीय आधार पर आयोग ने नोएडा जाकर पीड़ित घरेलू सहायिका की मदद की। घरेलू सहायिका ने अपनी शिकायत में बताया कि वह मंगलवार को सुबह सात बजे महागुन सोसायटी में एक घर में काम करने आयी थी। जहां उसकी मालकिन ने उसे गुस्से में आकर कई घंटे के लिए कमरे में बंद कर दिया और उसके साथ बहुत मार-पिटाई की। घरेलू सहायिका का कहना था कि वह किसी तरह जान बचाकर भागी और सोसायटी के बेसमेंट में छिप गई।घरेलू सहायिका ने अपनी शिकायत में बताया कि वह मंगलवार को सुबह सात बजे महागुन सोसायटी में एक घर में काम करने आयी थी। जहां उसकी मालकिन ने उसे गुस्से में आकर कई घंटे के लिए कमरे में बंद कर दिया और उसके साथ बहुत मार-पिटाई की। घरेलू सहायिका का कहना था कि वह किसी तरह जान बचाकर भागी और सोसायटी के बेसमेंट में छिप गई। घरेलू सहायिका ने बताया कि वो बहुत डर गई थी और डर की वजह से ही नहीं निकली। शाम को जब वह घर नहीं पहुंची तो उसका पति उसे ढूंढ़ते हुए सोसाइटी में पहुंचा तो वह नहीं मिली। इसके बाद उसके पति ने पुलिस को फोन कर दिया लेकिन पुलिस ने उसकी कोई मदद नहीं की, आज सुबह जब उस सोसायटी और आसपास की सोसायटी में काम करने वाली दूसरी घरेलू सहायिकाओं को इस घटना का पता चला तो वे सभी सोसायटी के बाहर एकत्रित होकर पीड़ित घरेलू सहायिका से मिलने की मांग करने लगी। इसी बात पर सोसायटी के गार्ड्स और उनके बीच झड़प शुरु हो गई और पुलिस आ गई। पुलिस ने जब घरेलू सहायिका की तलाश की तो वह बेसमेंट में मिली।

एक्सप्रेस वे पर चलाने वाले बेलगाम वाहन मा लिकों के होंगे लाइसेंस निरस्त

नोएडा : यमुना एक्सप्रेस वे पर बेलगाम वाहन चलाने वाले देशभर के 22,538 वाहन मालिकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त होंगे। इसके लिए सभी राज्यों के अलावा प्रदेश के सभी जिले के जिलाधिकारियों को गौतमबुद्धनगर के डीएम ने संस्तुति रिपोर्ट भेज दी है। साथ ही 110842 वाहन स्वामियों को चालान भुगतना होगा। वाहन स्वामियों को भी ई-मेल और डाक से चालान और ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त होने की जानकारी भेज दी गई है। इस कार्रवाई को जेपी कंपनी, एआरटीओ और पुलिस-प्रशासन की ओर से मिलकर किया गया है। जिस राज्य का वाहन स्वामी होगा, उसे उसी जिले के आरटीओ दफ्तर में जाकर चालान भुगतना होगा। जिलाधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि यमुना एक्सप्रेस वे के बाद अब नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे और शहर के अन्य हिस्सों में भी इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। इससे शहर में यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा सके। उन्होंने बताया कि अप्रैल में 50196, मई में 35347 और जून में 93047 वाहन स्वामियों को नोटिस भेजे है और यह देश के 20 राज्यों के लोग है। मई में यातयात नियमों का उल्लंघन करने का औसत 26 फीसदी थी और जून में कार्रवाई को देखते हुए यह संख्या घटकर 23 फीसदी तक पहुंच गई। डीएम ने बताया कि नोटिस के साथ इसकी भी जानकारी भेजी गई है कि उन्होंने कब और किस स्थान पर नियम का उल्लंघन किया था। दोनों की हार्ड और साफ्ट कॉपी वाहन स्वामियों को भेजी गई है।
एसएसपी लव कुमार ने बताया कि उनकी योजना है कि जिले को जाम मुक्त बनाया जाए। नोएडा के सभी चौराहों को जाम मुक्त करने के लिए एसटीएमएस की तरह सीसीटीवी कैमरे और अन्य सुविधाओं से लैस किया जाएगा। उन्होंने एलिवेटिड रोड को भी इस सुविधा से युक्त करने की बात कहीं है।

SUKHDEV SHARMA TO CONTEST NOIDA FONRWA PRESIDENT ELECTION

फोनरवा के चुनाव 30 जुलाई को होने वाले हैँ जिसमे मैं सुखदेव शर्मा(सचिव फोनरवा एवं President RWA रजत विहार) फोनरवा के President के पद के लिये contest कर रहा हूँ ।
मैँ आप को फोनरवा के original by-laws के बारे मे बताना चाहता हूँ ।
1. फोनरवा के original by-laws मे ये प्रावधान था कि फोनरवा के President एवं महासचिव का चुनाव किसी भी सैक्टर के President एवं महासचिव लड़ सकते हैँ लेकिन इस नियम को change करके ऐसा कर दिया कि फोनरवा के President एवं महासचिव का चुनाव वो ही लड सकते हैँ जो एक बार फोनरवा की body मे election win किया हो । मेरा आप सभी से एक सवाल हैँ कि अगर आप अपने सैक्टर मे पहली बार President का election win करके आये हैँ और आप का मन हैँ कि मैं भी फोनरवा का चुनाव लड़ना चाहता हूँ और नोएडा के लिये कुछ करना चाहता हूँ लेकिन आप फोनरवा के President का चुनाव नही लड़ सकते क्योंकि फोनरवा के by-laws मे लिखा हैँ कि आप को फोनरवा मे one term election win करना चाइये तभी आप फोनरवा के President एवं महासचिव का चुनाव लड़ सकते हैँ ।
2. फोनरवा के original by-laws मे लिखा था कि 2 term से ज्यादा एक ही post पर आप नही रह सकते लेकिन इसको भी change कर दिया ।
ये दो नियम ऐसे हैँ जिनको change करना चाइये कोई भी व्यक्ति जो अपने सैक्टर के President हैँ उसको ये हक मिलना चाइये की वो फोनरवा के चुनाव मे किसी भी पद पर चुनाव लड़ सकता हैँ ।
हमारा उद्देश्य by-laws मे ऐसे change करना है कि फोनरवा के जो members है वो किसी भी पद पर चुनाव लड सके और एक पद पर 2 term से ज्यादा नही होना चाइये ।
धन्यवाद
सुखदेव शर्मा

More than CAG audit, need is to have technical audits in Authorities

By Rajiv Goyal

CAG is doing audits in many departments but I am failed to know if anywhere corruption could be reduced.

Sh Vinod Rai made CAG very popular as an agency to fight against corruption and actions were initiated by Sh Man Mohan Singh Govt. however, result is that Sh H S Gupta, IAS retd , the most honest person is behind the bars. And yes, Sh Yadav Singh even without CAG audit is behind bar.

More than CAG audit, need is to have technical audit of works , designs, plans, estimates, BOQ & BOM. Issues like laying of pipes after construction of roads; desilting of drains, issue of FAR & delay in completion of projects etc. Audit is also need to be done to know whether expenditures done were actually necessary. The good example is construction of parks by Ms Mayawati ji. Whether it was right or wrong but once it was constructed, SP Govt and now BJP govt is not able to monetise this asset for public welfare and gain commercially.

CAG audit instead of finding faults, should also provide way forward to make Authorities financially viable

Will NOIDA AUTHORITY CEO ACT ON THIS ?

The CEO
NOIDA

Suggestion regarding sweeping services in sectors

Dear Sir

Just like electricity, water & gas; garbage clearing has also become a service to be availed by every dwelling unit.

Till now, NA is doing it from its own resources & funds probably some of the officers had vested interests in award of contracts. Generally, people are not able to get satisfied services though on complain & 3-4 reminders, contractor take up cleaning of garbages.

In my opinion, when something is done free for recurring expenses for maintenance works, following issues are bound to happen:
a. people, except few don’t appreciate it
b. Agency provider will not be able to sustain services for long time
c. As there is no fine, people chose to drop their garbages whereever they find place, they are not objected to.
d. The contractor would always like to keep things going on like it’s happening now, will never bring an alternative solution to problem.
d. Probably, contractor not paying to employees just only to provoke them to do strike. It helps to extract more money to nexus of contractor & officers.

However, what’s going on , is best known to you with your long experience.

My suggestion is on policy matter:
1. NA must issue licenses for "Cleaning Utility" to 4-5 companies, one each for designated area
2. Such licenses need to be for 15-20 yrs of time
3. NA to be JV partner for licenses for 30-40% equity
4. NA equity can be in the form of Land for garbage dumping, waste treatment, waste conversion & recycling of waste products.
5. A fixed fee on the basis of per sqft for each dwelling unit to be levied by NA, which is to be collected by licenses from each dwelling unit. Non payment may be punishable offence as well as levying cost onto plot.
6. Service Level Agreement to be defined for licensee to perform its duty.
7. Licensee need to be empowered to fine people who are littering or responsible for garbage dumping.
8. Licensee need to comply with labour laws.
9. People of licensee working on ground level need to be designated not as sweeper but as "Sanitation Foreman, Sanitation JE, Sanitation AE. With deployment of machines, licensee need to convert this work as engineering work rather a caste basis work, as done at airport etc. I understand a sanitation foreman must get minimum Rs 20000/- per month along with insurance, mediclaim & other facilities as being given in pvt sectors to its employees.

With this all stakeholders should be happy and NA can save crores for capital expenditures to improve upon amenities.

The proposal may be objected by many people stating some terms & conditions of lease agreement; but fact is that in today’s world, in Noida , we have only two choices — either pay & get services to save us & our children or see deteriorating services. Financially no authority can remain relevant by providing free services for long time.

Regards Rajiv Goyal / sec 12

परिवहन विभाग से जुड़े शिकायती मामले का हर स ोमवार को होगा निवारण

नोएडा : परिवहन विभाग में प्रत्येक सोमवार को शिकायत निवारण दिवस के रूप में मनाया जाएगा। यह आदेश परिवहन आयुक्त की ओर से प्रत्येक सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय को जारी कर दिया गया है। यह मंगलवार को दोपहर बाद सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को प्राप्त हो गए हैं। इसके बाद सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) महेश शर्मा ने शहर की जनता से अपील की है कि यदि कार्यालय से संबंधित किसी भी प्रकार की दिक्कत आती है तो वह व्यक्ति सीधे उनसे संपर्क कर सकता है। तत्काल उसकी समस्या का निस्तारण कर दिया जाएगा। हालाकि मुख्यालय की ओर से निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक सोमवार को शिकायत निवारण दिवस के रूप में मनाया जाए। बता दें कि लंबे समय से मुख्यालय के पास शिकायत जा रही थी कि कार्यालय पर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आने वाले व्यक्ति को टेस्ट पास करने के बाद डाक से लाइसेंस प्राप्त करने में दिक्कत आ रही है। समय पर वाहन का पंजीयन प्रपत्र भी नहीं मिल पा रहा है। कई बार तो घर से डाक वापस कार्यालय पहुंच जा रही है। कार्यालय पर तैनात बाबुओं से वापस डाक हासिल करने में बहुत कठिनाई होती है। कई बार नाम या पता बदलवाने में संबंधित कागजों की जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाती है। कार्यालय पर किसी प्रकार के कागजों की आवश्यकता है। इसकी जानकारी भी बाबुओं या अन्य कर्मचारियों की ओर से उपलब्ध नहीं कराई जाती है। इस कारण लोगों को कार्यालय पर भटकना पड़ता है। ऐसे में इन्हीं समस्याओं के स्थाई निदान के लिए सरकार के निर्देश पर प्रत्येक सप्ताह सोमवार को शिकायत निवारण दिवस मनाने का निर्णय लिया गया है।

नोएडा मे बदमाशों ने व्यापारी से नोटों से भ रा बैग लुटा

नोएडा : सूबे में योगी सरकार क्राइम के मामले में पुलिस को इतना अलर्ट किया हुआ है लेकिन बदमाशो को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा है और पुलिस को चकमा देकर ये वारदात को अंजाम देते है और पुलिस तमाशबीन बन कर रहे जाती है ऐसा ही एक मामला सेक्टर थाना 20 का है सेक्टर 25 स्थित जलवायु विहार में मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने कारोबारी से रुपयों से भरा बैग लूट लिया। वारदात मंगलवार देर शाम की है। बैग में करीब पांच लाख रुपये थे। लूट का विरोध करने पर बदमाशों ने कारोबारी के सिर पर पंच मार दिया। जिससे उन्हें काफी चोट लगी है। प्राथमिक इलाज के लिए उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शिकायत पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार जलवायु विहार सेक्टर 25 में रहने वाले राम कुमार गोयल (60) की दिल्ली में परचून की दुकान है। मंगलवार देर शाम वह कार से घर पहुंचे थे। इस दौरान उनके पीछे से तीन युवक मोटरसाइकिल से पहुंचे। आरोपी बदमाश पहले सड़क हादसा और फिर लड़की छेड़ने की बात कह कर उनसे उलझ गए। इस दौरान बदमाश उनके पास से रुपयों से भरा बैग लूट लिए। लूट का विरोध करने पर बदमाशों ने कारोबारी के सिर पर पंच से हमला कर दिया। हमले में उन्हें काफी चोट लगी है। बताया जा रहा है कि कारोबारी के बैग में करीब पांच लाख रुपये थे। इंस्पेक्टर अनिल शाही ने बताया कि बदमाश कारोबारी के सिर में पंच मारकर रुपयों से भरा बैग ले गए हैं, लेकिन बैग में कितने रुपये थे यह साफ नहीं हो सका है।

जिला अस्पताल में कर्मचारी के साथ हुई हाता पाई , कर्मचारियों ने की हड़ताल

नोएडा के जिला अस्पताल में एक महिला मरीज का इलाज चल रहा था लेकिन महिला के पति को कुछ इलाज में कमी महसूस हुई तो उसने कर्मचारी से जानने की कोशिश की तो कर्मचारी की तरफ से सही जवाब ना मिलने से वो कर्मचारी के साथ नोकझोंक की तो बात मारपीट तक पहुंच गयी , जानकारी के अनुसार मरीज महिला के पति ने शराब के नशे था ये मारपीट का मामला रात में शांत हो गया ,परन्तु आज सुबहे अस्पताल के सभी कर्मचारियों ने मिलकर मारपीट के मामले में काम करना बंद कर दिय और हड़ताल पर चले गये ,जैसे ही हड़ताल की भनक मुख्य चिकित्सा अधिकारी अनुराग भार्गव ने सभी कर्मचारियों को अपने पास बुलाकर उन्हें समझाया और मांमले को शांत कराया फिर कर्मचारियों ने हड़ताल वापसी लेकर काम पर लोट गए ,

कांवड़ यात्रा के दौरान सोशल साइट पर भी रहे गी नजर : एसएसपी

नोएडा अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमले के बाद हाईअलर्ट के बाद एसएसपी लवकुमार के निर्देश पर जिले में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सोमवार रात पुलिस अपने-अपने क्षेत्र में चेकिंग व संदिग्धों की तलाशी लेती रही। मंगलवार को भी पुलिस अलर्ट पर रही। उधर, एसएसपी ने कांवड़ियों के गुजरने वाले मार्ग और प्रस्तावित शिविर के स्थान आदि का निरीक्षण कर सुरक्षा का खाका तैयार किया है। लवकुमार ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर असमाजिक तत्वों व सोशल साइट पर भी नजर रखी जाएगी। अगर कोई माहौल खराब करने वाली पोस्ट करता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
एसएसपी के अनुसार, कांवड़ियों के गुजरने वाले मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी लगाए जाएंगे। एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है। एंबुलेंस पर तैनात कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि अगर कोई घटना हो तो वह पीड़ितों को सरकारी अस्पताल ले जाने के बजाय करीब के अस्पताल ले जाएं।