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खाते से आधार लिंक कराने के नाम पर ठगे 80,000 हजा र रुपये

नोएडा – भंगेल निवासी एक युवक से आधार लिंक कराने के नाम पर 80 हजार रुपये ठग लिए गए। आरोपी ठग ने बैंक खाते से आधार कार्ड को लिंक कराने के नाम पर पीड़ित से ठगी की। पीड़ित युवक ने घटना की शिकायत फेज-2 पुलिस से की।
पुलिस ने युवक को साइबर सेल में भेज दिया। मूलरूप से देहरादून उत्तराखंड निवासी निमेश रावत भंगेल में किराये पर रहते हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार शाम वह घर पर थे। तभी उनके मोबाइल पर एक कॉल आया।
कॉल करने वाले शख्स ने खुद को बैंक कर्मी बताते हुए आधार लिंक कराने की बात कही। शख्स ने उन्हें झांसे में लेकर खाते की पूरी जानकारी ले ली। फोन कटने के करीब 2 घंटे बाद उनके मोबाइल पर खाते से रुपये निकलने के 6 मेेसेज आए।
ठग ने उनके खाते से 3 बार में 60 हजार रुपये और एक बार में 10 हजार रुपये और दो बार में 10 हजार रुपये खाते से निकाल लिए। उन्होंने तुरंत कस्टमर केयर पर कॉल कर घटना के बारे में जानकारी दी। तब जाकर उनके खाते से रुपये निकलना बंद हुए। उन्होंने घटना की शिकायत साइबर सेल पुलिस से की है।

नाबालिक से रेप के आरोपी को 7 साल की कठोर सजा

नोएडा जिला कोर्ट ने साल 2013 में एक नाबालिग से रेप के आरोपी को 7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 1 हजार का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायधीश रामनरेश मौर्य की कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान पीड़िता सहित कुल साल लोगों की गवाई हुई। सजा सुनाये जाने के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। अतिरिक्त जिला शासकीय अधिवक्ता ओमप्रकाश यादव के अनुसार मूलरूप से बिहार के छपरा का रहने वाला एक परिवार नोएडा सेक्टर-10 स्थित झुग्गियों में रहता था। परिवार मेहनत मजदूरी करता था। 16 सितम्बर 2013 को परिवार के सभी सदस्य काम पर गये थे। 13 साल की नाबालिग लड़की घर पर अकेली थी। तभी पड़ोस में ही रहने वाले समस्तीपुर निवासी कुशेश्वर सिंह का बेटा श्रवण सिंह नाबालिग को घर पर अकेली पाकर उसके पस पहुंच गया। आरोपी ने जबरन पीड़िता के साथ रेप किया और उसकी अश्लील विडियो बना ली। आरोपी ने इस बारे में किसी को बनाते पर विडियो को वायरल करने और उसको जान से मारने की धमकी दी। डर के कारण पीड़िता ने किसी को अपने साथ हुई घटना के बारे में कुछ नहीं बताया। आरोपी को पीड़िता का भाई भी जानता था। एक दिन उसने आरोपी के मोबाइल से गाने अपलोड करने के लिए उसका मोबाइल ले लिया। इस बीच पीड़िता के भाई ने आरोपी द्वारा बनाई विडियो देख ली। घर पहुंचकर पीड़िता के भाई ने परिजनों को घटना के बारे में बताया।पीड़िता से पूछने पर उसने सारी घटना परिजनों को बता दी। परिजनों ने 25 सितम्बर 2013 को मामले की शिकायत कोतवाली सेक्टर-20 में की। पुलिस ने मामला दर्ज कर पीड़िता को मेडिकल के लिए भेज दिया। मेडिकल में रेप की पुष्टि हो गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

एक्सक्ल्यूसिव सेमसंग शोरूम का सैक्टर-18 मे ं हुआ उदघाटन

नौएडाः सैक्टर-18 में सेमसंग का नया एक्सक्ल्यूसिव शोरूम का उदघाटन किया गया। यह सेमसंग का उत्तम श्रेणी का शोरूम है जहाॅ पर आप सेमसंग के स्मार्ट फोन का अनुभव ले सकते है इसी के साथ नये उत्पादों के बारे में अधिक से अधिक जानकारी भी ले सकते है। साथ ही साथ फोन विशेषज्ञ से फोन के बारे में और तकनीकि स्र्पोट भी पा सकते है। यहाॅ पर आपको सेमसंग के ओरिजनल ऐससरिज व प्रोडक्टस मिलेंगें। एफ-1, सैक्टर-18 के सेमसंग के शोरूम का उद्घाटन कम्पनी के क्षेत्रिय बिक्री प्रबंधक श्री राहुल अरोड़ा ने फीता काट कर व द्वीप प्रज्जवलित करते हुए किया। उन्होंने इस अवसर पर कहाँ कि यह रिटेल आउट लेट है तथा यहा सेमसंग की सभी रेंजस उपलब्ध होंगी। नोएडा सेमसंग डिस्ट्रीब्यूटर श्री एच0 के0 दूआ ने बताया कि यहाॅ सेमसंग के सभी मोबाइल रेंजस को ग्राहकों की सुविधा के अनुसार रखा गया है। जिससे उन्हें उत्तम श्रेणी के फोन और अन्य डिवाईस आसानी से मिल सके। इस तरीके का नोएडा में यह पहला शोरूम होगा जहाॅ उपभोक्ताओं को सभी सेमसंग के ऐससरिज व प्रोडक्टस एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। इस अवसर पर क्षेत्रिय मार्किटिंग हैड अनुभव बंसल जोनल सेल्स हैड अविनाश शर्मा आदि लोग मौजूद थे।

मयूर इंटरनेशनल स्कूल में बड़ा हादसा, दो दर ्ज़न मज़दूर घायल, 1 की मौत, डीएम ने दिए जाँच की आदेश

नोएडा : नोएडा के सेक्टर 126 स्थित मयूर इंटरनेशनल स्कूल में हुए एक बड़े हादसे में करीब दर्जन भर के आस पास लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि घायलों में से एक की मौत हो गई। सभी घायल मज़दूर बताये जा रहे हैं, जो हादसे के वक्त स्कूल में काम कर रहे थे। बता दें कि स्कूल की छत गिरने से ये हादसा हुआ। घटना की सुचना पर आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को इलाज़ के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि मामले में संज्ञान लेते हुए डीएम ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं

एक तरफ जहाँ हादसे में एक मजदुर की मौत हो गई और लगभग दो दर्ज़न मज़दूर गंभीर रूप से घायल स्थिति में अस्पताल में भर्ती हैं, वहीँ इस पुरे मामले में मयूर इंटरनेशनल स्कूल मैनेजमेंट की बड़ी लापरवाही भी सामने आई है। स्कूल मैनेजमेंट की तरफ से मीडिया को आधे घंटे से अधिक समय तक गेट के बाहर रोका गया। जिला प्रशासन व पुलिस अधिकारियों के पहुंचने के बाद मीडिया को अंदर प्रवेश कराया गया। ऐसे में इस बात का अंदेशा है कि पुरे मामले में स्कूल प्रशासन की कहीं ना कहीं बहुत बड़ी लापरवाही रही है, जिस लापरवाही को छुपाने के लिए मीडिया को घटनास्थल पर पहुंचने नहीं दिया जा रहा था–

नोएडा में चल रहे फ़र्ज़ी कॉल सेंट्रो पर एसटी एफ ने की छापेमारी

नोएडा में चल रहे फ़र्ज़ी कॉल सेंट्रो पर एसटीएफ ने मारा छापा | डॉक्टर त्रिवेणी सिंह ने लखनऊ एसटीएफ की नोएडा ग्रेटर नोएडा यूनिट में एसपी का कार्यभार संभालते ही नोएड़ा के 6 कॉल सेंटरों पर की छापेमारी । साथ ही इन फ़र्ज़ी कॉल सेंट्रो में काम कर रहे युवक और युवतियाँ को लिया हिरासत में |

नोएडा में एक महिला ने दूसरी महिला को गोली म ारकर उतारा मौत के घाट

नोएडा नोएडा में क्राइम रुकने का नाम नही ले रहा है पुलिस चाहे कितना भी क्राइम रोकने के झूठे वादे करके मेडल हासिल करले। मगर सचाई कुछ और ही नजर आती है । अभी ऐसा ही मामला सामने आया है । सेक्टर 39 के इलाके में एक महिला ने महिला को गोली मारकर हत्या करने का मामला सामने आया है। जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया है । घटना सलारपुर इलाके की है । जानकारी के मुताबिक अज्ञात बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया है। आपको बता दें मृतक महिला का नाम कंचन हे जिसकी उम्र 35 साल बताई जा रही है । लोगों के मुताबिक घर में घुसकर बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया था इन बदमाशों में एक महिला भी शामिल थी। जिसने इस महिला ने दूसरी महिला को गोली मार कर मौत के घाट उतार दिया। मौके पर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है । सूचना पाकर मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटना स्थल पर मृतक महिला का समान बरामद किया है । पुलिस के मुताबिक पहली नजर में आपसी रंजिश का मामला बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्डम के लिए भेज दिया है।

70 साल की आज़ादी के बाद भी देश के युवा शिक्षा औ र रोजगार से आज भी महरूम

नोएडा – हम आजादी के 71 वें वर्ष में पहुंच गए हैं। इतने सालों में देश ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति की है, लेकिन देश की सबसे बड़ी चुनौतियों से हमें अब भी लड़ना पड़ रहा है। अशिक्षा, गरीबी और बेरोजगारी अब तक खत्म नहीं हुए हैं। आज यह समस्याएं हर सरकार के लिए एक चुनौती बन चुकी हैं लेकिन अफसोस आज तक इनका हल नहीं हो सका है। आधुनिकता की दौड़ में सामाजिक कुरीतियां देश की छवि को धूमिल कर रही हैं। अपराध एवं बाल श्रम के बढ़ते मामले देश की छवि को खराब कर रहे हैं। हम सबको आज इन चुनौतियों से जल्द निपटने का संकल्प लेना होगा। हमारे जिले में भी कई समस्याएं हैं जो आज तक हल नहीं हो सकी हैं।
शिक्षा – शिक्षा का अधिकार अधिनियम के बावजूद यह शहर अशिक्षा के कलंक से दूर नहीं हो पाया है। शिक्षा महंगी होने के चलते कई विधार्थी इससे वंचित हैं। वहीं प्राथमिक स्तर पर ड्राप आउट बच्चों को जोड़ने के लिए कोई खास प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। आजादी के 71 वें वर्ष पर सरकार को शिक्षा का एक स्तर बनाना होगा। बारहवीं तक शिक्षा को अनिवार्य कर पूर्ण रूप से मुफ्त करना होगा ताकि अशिक्षा का कलंक जल्दी दूर हो जाए। शहर की स्लम बस्ती में रहने वाले कई बच्चे प्राथमिक शिक्षा से वंचित हैं, जिनकी पहचान शिक्षा विभाग नहीं कर सका है। इसके लिए सघन अभियान चलाने की जरूरत है ताकि देश तरक्की की उड़ान भर सके। शहर में साइकिल चलाने वाले, मजदूरी करने वाले कई परिवार ऐसे हैं, जिनकी दिन की कमाई से शाम को घर का चूल्हा जलता है। अशिक्षा के कारण गरीबी की दीवार मोटी होती जा रही है। नोटबंदी के समय भी ऐसे कई मजदूर सामने आए थे जिन्हें बासी रोटी नसीब हो रही थी। गरीबी को दूर करने के लिए शहर में प्रौढ़ शिक्षा केंद्र नियमित रूप से चलाना चाहिए। मजदूरों का उनकी रुचि के आधार पर कौशल विकास किया जाना चाहिए। जो मजदूर काम नहीं कर सकते उन्हें और जरूतरमंद गरीब को राशन देने की अलग से व्यवस्था की जानी चाहिए। बेरोजगारी – दिल्ली एनसीआर की इस हाईटेक सिटी में शिक्षित बेरोजगारों की संख्या बढ़ती जा रही है। जो युवा शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं, उनको रोजगार नसीब नहीं हो रहा है। स्कूल, कॉलेजों में इंफ्रास्ट्रक्चर के अभाव में उनका कौशल विकास नहीं हो सका है। ऐसे में कंपनियों की तरफ से नौकरी के अवसर नहीं दिए जा रहे हैं। कंपनियों में पहुंचने पर यह सवाल किया जाता है कि क्या काम आता है, तब विधार्थ कोई जवाब नहीं दे पाते हैं। वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में बदलाव कर प्रायोगिक ज्ञान की तरफ ध्यान दिया जाना चाहिए ताकि पढ़ाई पूरी होते ही युवा वर्ग अपनी कमाई से घर को सहारा दे सकें। नोएडा में हर वर्ष हजारों की संख्या में शिक्षित बेरोजगार सामने आ रहे हैं, जिनको नौकरी पाने के लिए भटकना पड़ रहा है।

डीएम बी एन सिंह ने राजकीय संप्रेक्षण गृह क िशोर पहुचे और निरूद्ध बच्चों से मिले अपने भव िष्य को अच्छा बनाने के लिए उन्हें प्रेरणा दी

गौतमबुद्ध नगर – स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर बी एन सिंह राजकीय संप्रेक्षण गृह किशोर फेस-2 नोएडा में पहुंचे । जहां पर उन्होंने निरूद्ध बच्चों से बात की और अपने भविष्य को अच्छा बनाने के लिए उन्हें प्रेरणा दी। उन्होंने बच्चों को शपथ दिलाई। कि भविष्य में उनके द्वारा अब कोई ऐसा गलत कार्य नहीं किया जाएगा । जिसके कारण उन्हें ऐसे स्थान पर आना पड़े । सभी बच्चों ने जिलाधिकारी को इस अवसर पर आश्वस्त किया। कि उनके केस खत्म हो जाने के उपरांत उनके द्वारा अपने जीवन में अच्छे कार्य किए जाएंगे ।और समाज में अच्छा बनने का प्रयास उनके द्वारा किया जाएगा ।जिलाधिकारी द्वारा इस अवसर पर सभी बच्चों को मिष्ठान का वितरण भी किया गया । जिलाधिकारी ने राजकीय संप्रेक्षण गृह में निरूद्ध बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था करने के सम्बन्ध में जिला समाज कल्याण अधिकारियों को निर्देश दिए ।और कहा कि सभी बच्चों को प्रतिदिन योगा कराया जाए ।साथ ही उनके इनडोर खेल खेलने की व्यवस्था भी कराई जाए । बच्चों को कंप्यूटर का ज्ञान भी दिला दिया जाए ।उन्होंने यह भी कहा कि सभी जिलास्तरीय अधिकारियों से बात करते हुए उन्हें बताया जाए। कि जनपद स्तरीय एक अधिकारी प्रत्येक दिन राजकीय संप्रेक्षण गृह में पहुंचकर बच्चों से बात करेंगे। और उनको अच्छा बनने की प्रेरणा देंगे।

सुपरटेक को नही मिली राहत जल्द जमा कराने हो ंगे 10 करोड़ रुपये, सुप्रीम कोर्ट का आदेश

नोएडा। सेक्टर- 93 ए में निर्माणधीन सुपरटेक इमेराल्ड टावरों पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए सुपरटेक बिल्डर को आदेश दिया कि वह 18 सितंबर तक 10 करोड़ रुपये रजिस्ट्री मे जमा कराएं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इस पैसे से निवेशकों का पैसा वापस किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि सेक्टर- 93 ए में सुपरटेक बिल्डर के कई फ्लैट्स हैं और बिल्डर ने यहां एक नया प्रोजेक्ट इमेराल्ड का निर्माण कार्य शुरु किया था। जिसमें 40 मंजिला दो टावरों का निर्माण किया गया है। हालांकि वहां मौजूद बाकि सोसायटी वालों ने इस प्रोजेक्ट को आवैध बताते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।

इस याचिका में बताया गया था कि इस प्रोजेक्ट के निर्माण से यहां रहने वाले लोगों को दिक्कतें होंगी क्योंकि यहां निर्माण नियमों के मुताबिक नहीं किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में फ्लैटों के बीच के स्पेस का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए बिल्डर को बड़ा झटका देते हुए इन दोनों टावरों को गिराने के आदेश दिए थे।

जिसके बाद बिल्डर ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के टावर को गिराने के फैसले पर रोक लगा दी थी और 14 फीसदी ब्याज के साथ खरीदारों को रकम वापस करने के लिए कहा था। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन निरिक्षण करने के आदेश दिए थे कि वह बताएं कि टावरों का निर्माण नियमों के मुताबिक है या नहीं। जिसके बाद एनबीसीसी ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट में सौंपी जिसमें बताया गया कि टावरों में नियम के मुताबिक दूरी का ध्यान नहीं रखा गया है।

स्वतंत्रता दिवस पर पुलिस रही सख्त, उधर चोर ो ने किया हाथ साफ

नोएडा : जहाँ एक तरफ पूरा देश आज़ादी का जश्न मनाने में व्यस्त है, वहीँ चोरों को चोरी की वारदात को अंजाम देने से फुरसत नहीं है और पुलिस इनपर नकेल कसने में लगातार विफल साबित हो रही है। हम बात कर रहे हैं, दिल्ली से सटे हाईटेक सिटी नोएडा की, जहां स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर चोरों ने एक बैंक और एक एटीएम में चोरी की वारदात को अंजाम दिया है।

दरअसल स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर नोएडा पुलिस ने दिल्ली-नोएडा की सीमाओं पर जहाँ मुस्तैदी से अपनी डयूटी निभाई है, वही थाना सेक्टर 20 के गंगा शापिंग सेंटर में चोरों ने भी अपने हुनर का कमाल दिखाया है। चोरों ने एक बैंक और एक एटीएम से पांच AC पर हाथ साफ कर दिया। बताया जा रहा है कि चोरों ने आईसीआईसीआई बैंक में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर सेक्टर 29 की चौकी के नाक के नीचे चोरी करती रहे और थाना 20 पुलिस सोती रही। ऐसे में सवाल उठता है कि आज ही सम्मानित हुए एसएसपी साहब कैसे इस तरह की पुलिस के साथ कानून व्यवस्था ठीक कर सकेंगे, जिस थाने के प्रभारी को अपने इलाके की घटना की ही जानकारी नही हो। वैसे सवाल थाना सेक्टर 20 के थाना प्रभारी अनिल साही पर भी उठने लाज़िमी हैं। थाना सेक्टर 20 इलाके में लगातार एक के बाद एक जिस तरह की आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है, उससे अनिल साही की कार्यशैली पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल ये कि क्या बदमाशों में कानून व्यवस्था का खौफ खत्म हो गया है ? सवाल ये कि क्या खुद को हाईटेक कहने वाली नोएडा पुलिस बदमाशों के बुलंद हौसलों के आगे घुटने टेक चुकी है ? सवाल ये कि आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले बदमाशों पर क्यों कोई कठोर कार्यवाही नहीं की जाती ? ऐसे कई सवाल हैं, जिनका जवाब पुलिस प्रशासन की तरफ से दिया जाना बांकी है।