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आतंकी हमले में हुए जवान शहीदों को श्रंद्धा जलि देने के लिए नोएडा में निकाला कैंडल मार्च

नोएडा के सेक्टर 27 में आवासीय कल्याण समिति द्वारा पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई । इस मौके पर सेक्टर के स्थानीय निवासियों जिसमें महिलाएं युवा और बच्चे बूढ़े सभी शामिल हुए ।

सभी ने मिलकर इस मौके पर एक कैंडल मार्च निकालकर पुलवामा में हुए शहीदों को श्रद्धांजलि दी । कैंडल मार्च निकालते हुए सभी लोग भारत माता की जय हिंदुस्तान जिंदाबाद शहीद जवान अमर रहे और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारों के साथ साथ पत्थर मारने वालों के साथ सलूक कैसा हो आतंकवादी जैसा हो जैसे नारों से अपना आक्रोश व्यक्त किया।

इस मौके पर समिति के अध्यक्ष कन्हैयालाल अवाना महासचिव लोकेश कश्यप उपाध्यक्ष बीबी वालेचा एम डी शर्मा जी, कपिल त्यागी जगदीश वर्मा श्याम सुंदर गर्ग राजेश गुलाटी, राजेश वालिया, नवीन खुल्बे, दिलीप जैस्वाल, मुद्रिका प्रसाद आदि अन्य पदाधिकारियों सहित भारी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

आओ याद करें कुर्बानी के कार्यक्रम में गाय कों ने अपने गाने से शहीदों को दी श्रंद्धाजलि

प्रतिभा विकास समर्पित सामाजिक संस्था नवरत्न फाउंडेशन्स द्वारा लगभग आधा दर्जन संस्थाओं के सहयोग से चल रहे अनदेखी प्रतिभा विकास कार्यक्रम जो आये वो गाये का छठा भाग नोएडा सेक्टर 6 स्थित बी 110, एनईए भवन के सभागार में आयोजित किया गया ।

एनईए, टीआरआई ग्रुप, स्पर्श, आरोही ग्रुप, हारमोनी, अग्रिम विद्यापीठ आदि संस्थाओं के सक्रिय सहयोग से आयोजित हो रहे इस अनदेखी प्रतिभा विकास कार्यक्रम में भी पूर्व की भांति निर्धारित 30 प्रतिभाएं अनदेखी, नई भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही है ।

इस बार जो आये वो गाये का यह छठवां भाग भारतीय जाबाज अमर शहीदों को समर्पित किया गया है ।कार्यक्रम में शहीदों की शहादत के स्मरण के साथ उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की जा रही है ।

आपको बता दे कि इस कार्यक्रम में आओ याद करे कुर्बानी पर गायकों ने अपनी गायकों से श्रंद्धाजलि देकर लोगों का मन मोह लिया । वही इस कार्यक्रम में गायकों ने जब गाना शुरू किया तो उनकी आँखों मे आँसू आने लगे ।

नोएडा में नवरत्न फॉउंडेशन्स द्वारा शहीदो ं को श्रंद्धाजलि देने के लिए किया गया कार्यक ्रम , गायकों ने दी प्रस्तुति

प्रतिभा विकास समर्पित सामाजिक संस्था नवरत्न फाउंडेशन्स द्वारा लगभग आधा दर्जन संस्थाओं के सहयोग से चल रहे अनदेखी प्रतिभा विकास कार्यक्रम जो आये वो गाये का छठा भाग नोएडा सेक्टर 6 स्थित बी 110, एनईए भवन के सभागार में आयोजित किया गया ।

एनईए, टीआरआई ग्रुप, स्पर्श, आरोही ग्रुप, हारमोनी, अग्रिम विद्यापीठ आदि संस्थाओं के सक्रिय सहयोग से आयोजित हो रहे इस अनदेखी प्रतिभा विकास कार्यक्रम में भी पूर्व की भांति निर्धारित 30 प्रतिभाएं अनदेखी, नई भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही है ।

इस बार जो आये वो गाये का यह छठवां भाग भारतीय जाबाज अमर शहीदों को समर्पित किया गया है ।कार्यक्रम में शहीदों की शहादत के स्मरण के साथ उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की जा रही है ।

आपको बता दे कि इस कार्यक्रम में आओ याद करे कुर्बानी पर गायकों ने अपनी गायकों से श्रंद्धाजलि देकर लोगों का मन मोह लिया ।

कार सवार बदमाशों ने दिनदहाड़े महिला पर की फ ायरिंग

कार सवार महिला पर दिनदहाड़े फायरिंग, ताबातोड़ फायरिंग में बाल-बाल बची महिला, लूट के प्रयास में बदमाशों ने की फायरिंग, फायरिंग कर बाइक सवार बदमाश, सेक्टर 24 क्षेत्र के सेक्टर 23 चौराहे की घटना।

कार सवार बदमाशों ने दिनदहाड़े महिला पर की फ ायरिंग की फायरिंग

कार सवार महिला पर दिनदहाड़े फायरिंग, ताबातोड़ फायरिंग में बाल-बाल बची महिला, लूट के प्रयास में बदमाशों ने की फायरिंग, फायरिंग कर बाइक सवार बदमाश, सेक्टर 24 क्षेत्र के सेक्टर 23 चौराहे की घटना।

पुलवामा हमले के बाद नोएडा से गायब हुए छात् र के बारे में कश्मीरी पुलिस ने की पूछताछ

नोएडा से पुलवामा हमले के कारण लापता हुआ कश्मीरी छात्र भी आया शक के घेरे में, छात्र के बारे में कश्मीरी पुलिस ने की नोएडा पुलिस से पूछताछ, 12 दिसम्बर 2018 को नोएडा के सेक्टर 126 में एक PG से लापता हुआ था कश्मीरी छात्र सईद बासिद हसन।

गौतमबुद्ध नगर में यातायात नियम तोड़ने पर म ोबाइल एप आधारित कैब की मदद से होगा चालान

गौतमबुद्ध नगर में यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने कमर कसनी शुरू कर दी है | दरअसल निजी आइटी कंपनी की मदद से यातायात विभाग ने इसके लिए एक विशेष मोबाइल एप तैयार किया है। इसमें शहर में एप आधारित कैब संचालित करने वाली कंपनियों की मदद ली जाएगी। जीपीएस के जरिए लोकेशन देखने के लिए जिस मोबाइल का इस्तेमाल कैब चालक करते हैं उसी मोबाइल में यातायात पुलिस अपने इस एप को डाउनलोड कर देगी। उसके बाद जब कैब सड़कों पर चलेगी तो उसके सामने सड़क पर होने वाली गतिविधि का वीडियो उस मोबाइल एप में कैमरे के जरिये कैद होगा।

वह वीडियो यातायात पुलिस को सर्वर के जरिए मिलेगा। उन वीडियो को देखने के बाद यातायात पुलिस सड़क पर नियमों का उल्लंघन कर चलने वाली गाड़ियों का चालान फोटो व समय के साथ कर सकेगी। यातायात विभाग का कहना है कि इससे चौराहे, एक्सप्रेस वे या अन्य मागरें पर यातायात नियम तोड़ने, एक्सप्रेस वे पर लेन ड्राइविंग नहीं करने, रांग साइड चलने सहित अन्य प्रकार से यातायात नियम तोड़ने वालों की आसानी से पहचान होगी और उनका चालान हो सकेगा।

300 कैब से योजना को लांच करने की है तैयारी

यातायात विभाग के अनुसार शुरुआती दौर में तीन सौ कैब से इसकी शुरुआत करने की योजना है। इस प्रक्रिया का ट्रायल सफल रहा है। शुरुआती दौर में मोबाइल एप्लिकेशन बनाने वाली कंपनी ही डाटा का विश्लेषण कर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों का डाटा (फोटो, समय, स्थान के साथ) यातायात विभाग को देगी व चालान हो सकेगा। कुछ माह में जब यातायात पुलिस के कर्मचारी ट्रेंड होंगे तो यातायात विभाग के कार्यालय से ही इसका संचालन हो सकेगा। एप आधारित कैब संचालित होने वाली एक कंपनी से इसको लेकर बातचीत हो चुकी है। उम्मीद है कि फरवरी माह के अंत तक इस योजना की शुरुआत हो सकेगी। अभी इन माध्यम से हो रहा चालान

– यातायात विभाग के मोबाइल एप।

– एक्सप्रेस वे पर हाइवे ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एचटीएमएस)

– चार चौराहे व एलिवेटेड रोड पर अत्याधुनिक कैमरा लगाकर।

– अत्याधुनिक कैमरे की मदद से यमुना एक्सप्रेस वे पर।

10 फीसद लोग ही भर रहे जुर्माना, नौ करोड़ से अधिक बकाया –

प्रदेश में पहली बार मोबाइल एप के जरिए चालान की प्रक्रिया नोएडा में पिछले वर्ष जुलाई माह में शुरू हुई थी। 100 से अधिक मोबाइल के जरिए यातायात विभाग अभी जिले में चालान कर रही है। पिछले करीब आठ माह में केवल इन मोबाइल एप से दो लाख 70 हजार से अधिक वाहनों का चालान हो चुका है। लेकिन जुर्माना भरने वालों की संख्या काफी कम है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिन वाहनों का मोबाइल एप से चालान किया गया है उसमें केवल 10 प्रतिशत लोग ही जुर्माने का भुगतान करने के लिए यातायात विभाग के दफ्तर तक पहुंचे। 9 करोड़ से अधिक जुर्माने की रकम अभी भी लोगों पर यातायात विभाग का बकाया है।

पेटीएम के जरिये भुगतान की व्यवस्था जल्द

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे, यमुना एक्सप्रेस वे के अलावा शहर के कई चौराहों पर कैमरों के जरिए ऑनलाइन चालान हो रहे हैं, लेकिन अबतक ऑनलाइन जुर्माना भरने की व्यवस्था नहीं है। जुर्माना भरने का प्रतिशत काफी कम होने के पीछे ऑनलाइन व्यवस्था नहीं होना भी था। यातायात पुलिस ने इससे निपटने की तैयारी भी पूरी कर ली है। पेटीएम के जरिये जुर्माने की भुगतान हो इसके लिए आवश्यक तैयारियां हो चुकी है। यातायात विभाग के अनुसार पिछले दिनों कुछ देर के लिए ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था का ट्रायल किया गया था। कुछ ही देर में विभिन्न जिलों के 70 लोगों ने ऑनलाइन जुर्माना अदा कर दिया था। ट्रायल के बाद अन्य औपचारिकताएं पूरी कर जल्द ही इस व्यवस्था की शुरुआत हो सकेगी। उम्मीद है कि ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होने के बाद जुर्माना भरने वालों की संख्या में इजाफा होगा और लोग घर बैठे जुर्माना भर सकेंगे। जीपीएस के लिए इस्तेमाल करने वाले मोबाइल में इस विशेष एप को डाउन लोड किया जाएगा। जब कैब सड़क पर चलेगी तो उस एप से कैब के आगे की गतिविधि सर्वर से मिलेगी। उस डेटा का विश्लेषण कर यातायात नियम को तोड़ चलने वालों का चालान किया जा सकेगा। इसके लिए एक निजी आईटी कंपनी व एप आधारित कैब संचालित करने वाली कंपनियों की मदद ली जाएगी।

नोएडा में कंपनी के डायरेक्टर की कार का शीश ा तोड़कर उड़ाई 1 लाख नकदी

फेस 3 थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले बुलंद, कंपनी के डायरेक्टर की कार से लाखों की चोरी, कार का शीशा तोड़कर 1 लाख रुपए चोरी किए, लैपटॉप, चेक बुक भी ले गए शातिर चोर, फेस 3 थाना क्षेत्र के सेक्टर 64 की घटना।

सबसे बड़ा हमला, देश मांगे बदला

आलेख -चन्द्रपाल प्रजापति नोएडा

एक बार फिर हमारी धरती वीरों के रक्त से रंजित कर दी गई है। कायराना तरीके से पीठ पर हमलाकर पाकिस्तान परस्त आतंकवादियों ने भारत माता के सपूतों की जान ले ली। कश्मीर के पुलवामा में हुई आतंकी घटना में भारतीय सेना के वीर योद्धा वीरगति को प्राप्त हुए। इस घटना से सारे देशवासी स्तब्ध हैं और इस घटना के जिम्मेदार लोगों को यथोचित सबक सिखाने को प्रेरित हैं। शहादत देने वाले जवानों के घरों में मातम पसरा है. परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। इस हमले ने दर्द की कई कहानियां छोड़ी हैं। किसी बच्चे के सिर से पिता का साया उठ गया है तो किसी मां-बाप ने अपने बुढ़ापे के सहारे को खो दिया है। लोगों में शहीदों के लिए गम के साथ ही आतंकियों के प्रति आक्रोश भी दिखा। भारत के लोग पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाने के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी से आतंकियों के खिलाफ खुल कर कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। वही दूसरी ओर हमारे ही देश के टुकड़ों पर पलने वाली कुछ शहरी नक्सली अपनी राजनीतिक रोटियों को सेकने के चक्कर में इस हमले की आड़ में मोदी जी को दोषी बता रहे हैं। हम उनसे पूछते है कि क्या पूर्व सरकारों की दौरान हमले नहीं हुए? क्या 1200 वर्षों से हो रहे इस्लामिक हमलों के लिए भी मोदी जी उत्तरदायी है? नहीं। तो फिर यह बेशर्मी भरे बयान देकर आप लोग किस तथ्य को छुपाना चाहते हैं।

जिन वीरों ने शहादत दी है उनके साथ-साथ पूरे देश के हर घर में शोक पसरा है। इस शोक के नीचे स्वाभाविक रूप से गुस्सा भी है और यह गुस्सा बदला मांग रहा है। हम जिस दुश्मन से मुकाबला कर रहे हैं वो प्यार की भाषा नहीं समझता। उसे उसी के अंदाज में जवाब देना होगा। मगर क्या सीधा युद्ध कोई विकल्प हो सकता है? कोई भी विचारवान व्यक्ति कभी भी सीधे युद्ध की हिमायत नहीं कर सकता। युद्ध केवल अपरिहार्य स्थिति में किया जा सकता है और किया जाना भी चाहिए। ऐसे में सीमा पार पाकिस्तान में छिपकर बैठे कायरों को ‘जैसे को तैसा’ वाला जवाब उसी तरह से दिया जा सकता है जैसे इस सरकार ने उरी हमले के बाद दिया था। शर्त बस इतनी है कि इस बार इस देश को मौलाना मसूद अजहर का सिर चाहिए।

सर्जिकल स्ट्राइक के दावों पर सवालिया निशान उठाने वाले राजनीतिक दलों को भले ही जनता गंभीरता से नहीं लेती हो लेकिन गोएबल्स के अनुसार बार बार कहने से झूठ भी सच हो जाता है। दुनिया भर में तानाशाह के रूप में जो व्यक्ति कुख्यात रहा उसका नाम अडोल्फ हिटलर है, जिसका प्रचार मंत्री गोएबल्स हुआ करता था। उसका कहना यह था कि किसी भी झूठ को 100 बार अगर जोर से बोला जाए तो वह अंतत: सच लगने लगता है। सर्जिकल स्ट्राइक और राफेल के मामले में विपक्ष ने यही रणनीति अपनायी थी। ऐसे में सरकार यदि सीधे मसूद अजहर का सर देश को जनता को सौंपती है तभी गोएबल्स के सिद्धांत हवा में उड़ जायेगा।

जिस प्रकार कवि चंदबरदाई ने पृथ्वीराज चौहान को कविता के माध्यम से उसकी शक्ति को याद दिला था –चार बांस चौबीस गज, अंगुल अष्ट प्रमाण। ता उपर सुल्तान है,मत चूको चौहान।। उसी प्रकार भारत की जनता प्रधानमंत्री से कह रही है कि इस बार चूक नहीं होनी चाहिए। हर बार दुश्मन को उसी के अंदाज में जवाब देने वाली सरकार से लोगों ने इस बार भी सख्त जवाब देने की उम्मीद लगाई है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। आखिर हम जानते हैं कि इस सरकार के पिछले पांच वर्षों के दौरान कश्मी्र के बाहर एक भी बड़ा आतंकी हमला नहीं हुआ है। यहां तक कि देश का पूर्वोत्तर भाग भी आज जितना शांत है उतना अतीत में कभी नहीं रहा। ऐसे में इस हमले के बाद भी हम यह उम्मीद करते हैं कि जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।

नोएडा में जामा मस्जिद पर मुस्लिमों ने दी श हीदों को श्रद्धांजलि, पाकिस्तान से बदला लेने के लगाए नारे

जामा मस्जिद पर शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि, इमाम और नमाज़ियों ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि, पाकिस्तान से बदला लेने के लगाए गए नारे, वीर पोस्टर बैनर लेकर दर्ज कराया अपना विरोध, सेक्टर 8 जामा मस्जिद पर दी शहीदों को श्रद्धांजलि।