सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और समाजसेवी एनपी सिंह ने राष्ट्रपति को भेंट की अपनी किताब, राष्ट्रपति ने की उनके काव्य रचनाओं की तारीफ

टेन न्यूज नेटवर्क

नोएडा (25/06/2022): समाजसेवी सेवानिवृत्त आईएएस और भारतीय संस्कृति के विवेचक एनपी सिंह ने शुक्रवार को देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की,एनपी सिंह ने अपना काव्य संग्रह “शब्द कुछ कहे अनकहे से” राष्ट्रपति को भेंट किया। इस अवसर पर महामहिम ने उनके व्यवहारिक जीवन के बीच का काव्य की तारीफ की। एनपी सिंह के साथ उनके पुत्र यायाज्ञलव्य भी राष्ट्रपति से मिले। याज्ञलव्य सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता है वह सामाजिक कार्यों में अपने पिता से प्रेरित है।

एनपी सिंह वाराणसी के एक सामान्य किसान परिवार से उठकर देश की शीर्ष प्रशासनिक सेवा में आए और एक मुकाम हासिल किया। इस पूरी यात्रा में उन्होंने जीवन और समाज के प्रत्येक आयाम को काफी करीब से देखा है। उन्होंने अलग-अलग घटनाओं व्यक्तियों और क्षेत्रों का अनुभव प्राप्त1किया है। यही सब कुछ इनके काव्य संग्रह शब्द कुछ कहे और अनकहे से पढ़ने को मिलता है। आधुनिक नारीवाद, प्रकृतिवाद ,आदिवासी दलित और निर्बल वर्ग की वेदना इन कविताओं में सहज रूप से महसूस की जा सकती है भारतीय परिवेश में स्वतंत्रता के 75 साल बाद भी युवा, किसान, गरीबी, जातिवाद, सांप्रदायिक और गैर बराबर से जुड़ी समस्याएं घटने की बजाय लगातार बढ़ रही है, संग्रह की कविताएं इन सवालों को खड़ा ही नहीं करती हैं उनका समाधान भी बताती है।

एनपी सिंह शामली में जिलाधिकारी रहते हुए खुफिया बावरिया समुदाय के लिए काम कर चुके हैं साल 2013 में बावरिया समाज की 500 युवतियों और महिलाओं को परिवार को प्रेरित किया। बड़ी संख्या में बावरिया बच्चे आईटीआई और पॉलिटेक्निक कॉलेज में गए। परिणाम यह रहा है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी में उनकी लड़कियां पढ़ रही हैं और प्रसिद्ध सेवाओं में जाने के लिए तैयारी कर रहे हैं। बावरिया युवक और युवतियां बैंक प्राइमरी स्कूल में टीचर पुलिस में नौकरी पा गए हैं, एनपी सिंह ने छत्तीसगढ़ के बालोद, रायपुर, कानपुर जिले में भी आदिवासी समुदाय के लिए काफी काम किए हैं। एनपी सिंह ने गौतमबुद्ध नगर के जिला अधिकारी रहते हुए खनन माफिया पर बड़ी कार्यवाही की थी ।