नोएडा में बंटी बबली गिरफ्तार, फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड होने का करते थे ठगी।

टेन न्यूज नेटवर्क

नोएडा (03/04/2022): नोएडा मैं बंटी बबली की रफ्तार हुए हैं फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बनाकर बड़े-बड़े मॉल्स में धोखाधड़ी करते आ रहे थे।

नोएडा के ये बंटी और बबली एक साथ मिलकर क्रोमा सेन्टरों से फर्जी आधार कार्ड व पैन कार्ड लगाकर घरेलू सामानों पर लोन लेते थे और फरार हो जाते थे। आधार कार्ड व पैन कार्ड पर अपना फोटो लगाते थे जबकि नाम पता किसी और व्यक्ति का होता था ।

आपने कई फिल्मों में बंटी बबली नाम के युवक और युवतियों को ठगी करते हुए देखा होगा फिल्म में युवक यानी बंटी और युवती यानी बबली ठगी किया करते थे । इसी तरह का मामला नोएडा के उत्तरप्रदेश में देखने को मिला है। नोएडा पुलिस ने एक जोड़े को पकड़ा है जो फर्जीवाड़ा करके चुना लगाने का काम करते थे।

आपको बता दे की नोएडा थाना सेक्टर-24 नोएडा पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड पैन कार्ड बनाकर बड़े-बड़े मॉल्स से धोखाधड़ी करने वाले एक गर्लफ्रेंड और ब्वॉयफ्रेंड को गिरफ्तार किया है. इनके कब्जे से पांच आधार कार्ड, एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, पांच ड्राइविंग लाइसेंस व दो पैन कार्ड बरामद हुए है।

फर्जी आधार कार्ड पैन कार्ड बनाकर बड़े-बड़े मॉल्स से धोखाधड़ी करने वाले आरोपी का नाम ताहिर सैफी है जो गुलावटी जिला बुलन्दशहर का है और उसकी गर्लफ्रेंड माला गर्ग जो की सुपरटेक ईकोविलेज नोएडा एक्सटेंशन की रहने वाली है. दोनों को लॉजिक्स मॉल, सेक्टर-32 से गिरफ्तार किया गया है

कैसे करते थे ठगी?

ये दोनों एक साथ मिलकर क्रोमा सेन्टरों से फर्जी आधार कार्ड व पैन कार्ड लगाकर घरेलू सामानों पर लोन लेते थे और फरार हो जाते थे।

आधार कार्ड व पैन कार्ड पर अपना फोटो लगाते थे जबकि नाम, पता किसी अन्य व्यक्ति का होता था. इनके द्वारा सिटी सेन्टर मॉल, गाजियाबाद क्रोमा सेन्टर से माला गर्ग के नाम से फर्जी आधार कार्ड लगाकर घरेलू सामान पर 60,000 रूपये का लोन, गौर सिटी माल से टिंवकल चौपड़ा के नाम का आधार कार्ड लगाकर 40,000 रूपये का लोन, आरडीसी गाजियाबाद से मुनीश कौशल नाम का आधार कार्ड लगाकर 60,000 रूपये का लोन तथा लाल कुआं अविरल मोबाइल प्वाइंट से 34,990 रूपये का लोन तृप्ति सिंह के नाम से लिया गया है।

इनके द्वारा अब तक उक्त सभी जगह व अन्य जगह से मिलाकर कुल 2,54,990 रूपये की धोखाधड़ी की गयी है. आरोपी ताहिर और माला गर्ग रियल स्टेट कम्पनी अर्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर में नौकरी करते थे।

कोरोना काल में नौकरी छूट जाने के कारण दोनों ने साथ मिलकर धोखाधड़ी करनी शुरू कर दी और लैपटॉप से फर्जी आधार कार्ड व फर्जी पैन कार्ड तैयार करते थे।