जीपीडब्ल्यूएस ने अभिभावकों के समस्याओं के मद्देनजर जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा ज्ञापन

टेन न्यूज नेटवर्क

नोएडा (20/04/2022): कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण को ध्यान में रखते हुए गौतमबुद्धनगर पेरेंट्स वेल्फेयर सोसाइटी (जीपीडब्ल्यूएस) ने अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला द्वारा 8 अप्रैल 2022 को जारी आदेश को अभिभावकों के लिए परेशानी बढाने वाला और असंगत बताया है।और अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला से उक्त आदेश को निरस्त करने का निवेदन किया है। और जिलाधिकारी से स्कूलों को ऑनलाइन एवं ऑफलाइन क्लास का विकल्प देकरबच्चों को पढ़ाई के नुकसान से बचाने का भी आग्रह किया है।

जीपीडब्ल्यूएस के संस्थापक मनोज कटारिया ने बताया कि 8 अप्रैल 2022 को अपर मुख्य सचिव उo प्रo शासन ने अपने आदेश के बिंदु 03 स्कूल फीस को पिछले दो साल में ना बढ़ाने का कारण परिस्थितियों का प्रतिकूल बताया है।

जबकि उन्होंने अपने ही पहले आदेश (07.01.22) के बिन्दु 03 में कोविड-19 प्रकरणो की संख्या में वृद्धि को आधार मानते हुए स्कूल फीस नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया था। आजकल भी वैसी परिस्थिति पैदा होने लगी है । मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने भी अपने 13 अप्रैल के पत्र में जनपद में कोविड-19 महामारी के बढ़ते संक्रमण की पुष्टि की है।

अपर मुख्य सचिव को स्कूलो के प्रभाव में नहीं आकर पीड़ित अभिभावकों की ओर ध्यान देना चाहिए और इसके लिए हमने उनसे 8 अप्रैल 22 का आदेश निरस्त करने तथा 07 जनवरी 22 का आदेश पुनः निर्गत करने का निवेदन भी जिलाधिकारी महोदय को दिया है।

मनोज कटारिया ने आगे बताया कि जिले में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं तथा स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को काफी संख्या में अपनी चपेट में ले रहा है। जिसके कारण अभिभावकों को अपने बच्चों को लेकर परेशानी बढ़ गई हैं। अभिभावकों की मांग है कि स्कूलों को विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन एवंऑफलाइन दोनों (हाइब्रिड मोड) का विकल्प कम से कम गर्मी की छुट्टियों तक देना चाहिए। जिससे वे परिस्थितियों के अनुसार बच्चों को स्कूल भेजने का निर्णय ले सके।

अभी केवल स्कूल ही निर्णय लेता है कि बच्चा ऑनलाइन पढ़ेगा या ऑफलाइन । एक अभिभावक के कोरोना पॉजिटिव होने पर उनके दोनों बच्चे 10-12 दिन के लिए स्कूल की शिक्षा से वंचित हो रहे हैं क्योंकि स्कूल उन्हें ऑनलाइन शिक्षा देने के लिए मना कर रहा है।

अभिभावकों का मानना है कि 12 वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण भी नहीं हुआ है सरकार को बच्चों के टीकाकरण पर ध्यान देना चाहिए। स्कूलो में लंच या छुट्टी के समय बच्चों को संभालना प्रायः कठिन होता है। इसलिए कक्षाओं में विद्यार्थियों की संख्या कम और ऑनलाइन मोड पर अधिक होनी चाहिए इससे संक्रमण का फैलाव बहुत कम रह जाएगा और स्कूल बच्चों की सुरक्षा उपाय करने और कोविड प्रोटोकॉल का पालन सख्ती से करे।

ज्ञापन देने गए संस्था के पदाधिकारियों में मनोज कटारिया के साथ सहायक कोषाध्यक्ष विजय श्रीवास्तव तथा सचिव धर्मेंद्र नंदा के साथ अन्य अभिभावक भी मौजूद थे।