माता भगवंती चड्ढा निकेतन’ को पुरस्कारों से सम्मानित किया गया

 

नोएडा, 10 अक्टूबर, 2019: द पोंटी चड्ढा फाउंडेशन की एक पहल माता भगवंती चड्ढा निकेतन को हाल ही में दिव्यांग बच्चों को सशक्त बनाने में योगदान के लिए विभिन्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। एजुकेशन वर्ल्ड ने ‘विशेष आवश्यकताओं’ की श्रेणी में एमबीसीएन को प्रथम, दिल्ली में दूसरा और भारत में चौथा स्थान दिया है।


इसके अलावा माता भगवती चड्ढा निकेतन (एमबीसीएन) को राजश्री बिड़ला द्वारा एक और पुरष्कार ‘महात्मा अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। महात्मा अवार्ड्स सस्टेनेबल बिज़नेस और सोशल गुड अवार्ड्स के क्षेत्र में अद्वितीय योग्यता का प्रतीक है।

इस शुभ अवसर पर, एमबीसीएन की निदेशक और प्रिंसिपल डॉ वंदना शर्मा ने कहा, “हमारी प्रेरणा हमारे छात्रों को बढ़ते हुए और उनके उज्ज्वल भविष्य में निहित है और ये पुरस्कार उन समर्पण और कड़ी मेहनत का प्रतिबिंब हैं, जो हम इन बच्चों को सशक्त बनाने में करते हैं। इस तरह की प्रशंसा हमें और अच्छा करने के लिए प्रोत्साहित करती है ताकि हम अपने मिशन को पूरा करने के लिए लगन, प्रेम और ईमानदारी से काम करते रहें”।

माता भगवंती चड्ढा निकेतन के बारे में
दिव्यांगों को सक्षम करने की दृष्टि के साथ, द पोंटी चड्ढा फाउंडेशन ने माता भगवंती चड्ढा निकेतन (एमबीसीएन) की स्थापना की। यह स्वर्गीय श्री पोंटी चड्ढा की एक पहल है, संस्था को 1999 में एक विशेष प्रयास के रूप में स्थापित किया गया था, जिसका उद्देस्य दिवयांग बच्चों को न केवल शिक्षित बल्कि उन्हें सज्जित कर समाज में उनकी जगह बनाने का है।

एमबीसीएन की स्थापना ऐसे इरादों के साथ की गई थी, जहाँ दिव्यांग बच्चे बिना किसी बाधा के बढ़ सकें। एक एकड़ भूमि पर फैला, एमबीसीएन भारत के सबसे बड़े पुनर्वास, धर्मार्थ संस्थान में से एक है। स्कूल 550 से अधिक लाभार्थियों के लिए अनुकूल और अनुभवजन्य वातावरण में नि: शुल्क पुनर्वास सेवाएं प्रदान करता है। इन प्रयासों की मान्यता के रूप में, स्कूल को ‘दिव्यांग व्यक्तियों के लिए कार्य करने वाले सर्वश्रेष्ठ संस्थान’ के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार 2018 से सम्मानित किया गया है।