आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज नगर निगम के स्कूलों को लेकर MCD पर साधा निशाना

टेन न्यूज़ नेटवर्क

नई दिल्ली (22/01/2022): आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए दिल्ली के MCD और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता पर निशाना साधते हुए कहा है कि जिस तरह MCD दिल्ली की संपत्तियों को बेच रही है और आए दिन दिल्ली सरकार के खिलाफ सड़कों पर आंदोलन कर रही है। इससे भाजपा एमसीडी दोनों के लिए कई सवाल खड़े करता है कि जहां पूरी दुनिया और देश में चर्चा इस बात की हो रही है कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में दिल्ली सरकार द्वारा एक शिक्षा क्रांति चल रही है। दिल्ली की सरकारी स्कूल प्राइवेट स्कूल को टक्कर दे रहे है। चाहे इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले हो या पढ़ाई के मामले हर चीज में दिल्ली के सरकारी स्कूल बेहतर हैं। वहीं उसी दिल्ली के अंदर पहली से पांचवीं कक्षा या प्राइमरी स्कूल इसका दायित्व जो है, नगर निगम के पास हैं। चौंकानेवाले खबर आ रही है कि दक्षिण नगर निगम में 29 स्कूल बंद किया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाते हुए सवाल किया है कि, भाजपा शासित दक्षिण दिल्ली नगर निगम के 29 स्कूल बंद करने जा रही है। सवाल पैदा होता है कि बच्चे कम हुए हैं तो स्कूल बंद हो रहे। लेकिन दक्षिण दिल्ली नगर निगम का दावा था कि उनके स्कूलों में करीब 1 लाख बच्चें बढ़े हैं। ये कैसे संभव है कि स्कूलों में बच्चे बढ़े है और MCD स्कूल बंद कर रही है? कोरोना मामले कम होने पर जब कल केजरीवाल सरकार ने कर्फ्यू हटाने के लिए उपराज्यपाल (LG) साहब के पास फ़ाइल भेजी तो उनके प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया। क्या जो बीजेपी अरविंद केजरीवाल के खिलाफ धरने की धमकी दे रही थी वो अब LG के खिलाफ धरना देगी, आंदोलन करेगी? बीजेपी कोरोना काल में भी घटिया राजनीति से नही चूक रही, पहले दूसरे राज्यों के मार्किट की भीड़ को दिल्ली का बताकर वीडियो वायरल किया। जब दिल्ली सरकार ने सख्त कदम उठाए तो अब भाजपा केजरीवाल धंधे बंद कर रहा है का झूठ फैला कर व्यापारियों को भड़का रही है।

उन्होंने कहा कि स्कूलों का विलय तभी किया जाता है जब डबल शिफ्ट सिस्टम वाले स्कूलों में बच्चों की संख्या में कमी हो जाती है। जो ये दर्शाता है कि बच्चों की संख्या बढ़े तो है लेकिन सिर्फ कागजों में बढ़े हैं। और यह एक बहुत बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। बहुत सारे बच्चों ने स्कूल छोड़ा है क्योंकि स्कूलों का हालत खस्ता होने की वजह से, MCD की स्कूलों की टीचर की हड़ताल की वजह से और मिड डे मील ना मिलने की वजह से बहुत से बच्चों ने स्कूल छोड़ा है लेकिन उन बच्चों के नाम के डाटा के साथ छेड़खानी की जा रही है। उन बच्चों के नाम पर जो भी पैसा आता है चाहे वह मिड डे मील का आता हो, कपड़े, बस्ते और किताब के पैसा आता हो और ये बड़े भ्रष्टाचार की तरफ इशारा करता हैं।