“अगर कुछ लोगों ने गद्दारी नहीं की होती तो हमारा देश 1857 में ही आजाद हो जाता”: पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं लोकसभा सांसद डॉ महेश शर्मा

टेन न्यूज नेटवर्क

“बुंदेले हरबोलों के मुंह हमने सुनी कहानी थी,
खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी।”
“सुभद्रा कुमारी चौहान”

नोएडा (19/06/2022): भारत की यह भूमि, वीरता, शौर्यता, पराक्रम, शक्ति एवं आध्यात्म की भूमि रही है।इस प्रांजल और पावन भूमि पर जहां एकतरफ बुद्ध, महावीर और गुरु गोविंद सिंह का अवतरण हुआ तो वहीं दूसरे तरफ वीरांगना झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, वीर चंद्रशेखर आजाद, मंगल पांडे जैसे वीरता एवं शौर्यता के प्रतीक वीर पराक्रमियों का अवतरण हुआ।

भारत में प्रत्येक वर्ष 18 जून को वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाता है। अंग्रेजों के दाँत खट्टे करने वाली झांसी की वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की शौर्य गाथाऐं भारतीय इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखित है। जब जब भारत के इतिहास में वीरांगनाओं का जिक्र किया जाएगा, महारानी लक्ष्मीबाई की वीरता और पराक्रम हमेशा हमें प्रेरणा देते रहेंगे। सुप्रसिद्ध “कवियत्री सुभद्रा कुमारी चौहान” द्वारा रचित पंक्ति ‘खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी’ को पढ़ने से हर भारतीय को गर्व एवं शौर्य की अनुभूति होती है।

आज ही के दिन 18 जून 1858 को ग्वालियर में अंग्रेजों से लोहा लेते हुए वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई वीरगति को प्राप्त हुई थीं। हर वर्ष आज के दिन को हम सभी भारतवासी बलिदान दिवस के रूप में मनाते हैं, और उनके वीरगाथाओं को याद करते हैं। इस बाबत नोएडा के अमेठी विश्वविद्यालय में बलिदान दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित की गई।

यह कार्यक्रम नोएडा लोक मंच और अपनो बुंदेलखंड आदि संस्थाओं द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया । कार्यक्रम की खास बात यह रही कि यहां रानी लक्ष्मीबाई के सेनापति तात्या टोपे के वंशज एवं महारानी लक्ष्मी बाई के वंशजों ने इस कार्यक्रम में शिरकत की।

 

कार्यक्रम की शुरुआत लगभग 4:30 बजे हुई, कार्यक्रम में बुंदेलखंड के कई महान हस्तियों ने भी शिरकत की। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं गौतमबुद्ध नगर लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉक्टर महेश शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में नाटक के माध्यम से बुंदेलखंड और महारानी लक्ष्मीबाई की वीरता को लोगों के सामने प्रस्तुत किया , जिसके बाद कार्यक्रम में मौजूद सभी अतिथियों एवं दर्शकों की आंखें नम हो गई।

इस अवसर पर प्रतिभा सम्मान समारोह कार्यक्रम भी आयोजित की गई। प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्य रूप से लल्लनटॉप न्यूज पोर्टल के सौरभ द्विवेदी ,अरुण श्रीवास्तव ,मुकेश जी सिन्हा ,सोनू निषाद रमेश जी गोस्वामी, प्रीति शर्मा सिंह को प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया गया।

गौतम बुद्ध नगर से लोकसभा सांसद डॉ महेश शर्मा ने महारानी लक्ष्मी बाई के जीवन पर प्रकाश डालते हुए सुभद्रा कुमारी चौहान की पंक्तियों को दोहराते हुए कहा कि

“चमक उठी सन सत्तावन में, वह तलवार पुरानी थी
बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी
खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।

 

डॉ महेश शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में रानी लक्ष्मीबाई के वंशज और तात्या टोपे के वंशज आए हुए हैं। उन सभी का मैं अभिनंदन करता हूं, आज वह नोएडा की माटी पर पधारे हैं। आज पहली बार जीवन में मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे रानी लक्ष्मीबाई का बलिदान दिवस इन तीनों वंशजों के आने पर सफल हुआ है।

उन्होंने कहा की अगर कुछ लोगों ने गद्दारी न की होती तो हमारा देश 1857 में ही आजाद हो जाता । बुंदेलखंड की माटी का इतिहास 1857 के बाद का बाद आज प्रकाश में आया है। आज हमें इस कार्यक्रम में बुंदेलखंड को करीब से जानने का मौका मिला है।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ महेश शर्मा, तात्या टोपे के वंशज नवाब अली बहादुर, महारानी लक्ष्मीबाई के वंशज राजा मर्दन सिंह, राजेश टोपे, उदयवीर सिंह, विजय खरे, अनीता चौहान, महेश सक्सेना मुकुल बाजपेयी, अशोक श्रीवास्तव , गजानन माली , राजेश्वरी थ्यागराजन , आर एन श्रीवास्तव , राजा बुंदेला सहित कई लोग मौजूद रहे।।