तुस्याना भूमि घोटाले की जांच हुई तेज, एसआईटी ने जुटाए अहम सबूत

टेन न्यूज नेटवर्क

नोएडा (03/02/2023): तुस्याना भूमि घोटाले की जांच के लिए बनी एसआईटी टीम ने जांच तेज कर दी है, एसआईटी पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। वे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के 6 फीसदी जनसंख्या विभाग, योजना विभाग और भूमि विभाग से साक्ष्य जुटा रहे हैं। और इस मामले में जल्द ही बड़ा खुलासा हो सकता है, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के कई उच्च पदस्थ अधिकारियों को भी लपेटे में लिए जाने की आशंका है ।

जानें क्या है पूरा मामला

तुस्याना भूमि घोटाला बहुत पुराना मामला है , यह पूरा मामला वर्ष 1998 का है । 30 दिसंबर, 1998 को धोखे से 175 बीघा जमीन का मुआवजा उठाया गया था। इसके बाद असली महिला की बजाए किसी दूसरी महिला के नाम 6 प्रतिशत आबादी वाला प्लॉट तुस्याना से उठाकर नॉलेज पार्क- 1 में सूरजपुर – कसाना वाले मेन रोड पर जो बेस्ट लोकेशन है वहां पर लगा दिया गया। यह जमीन नर्सरी के लिए पहले ही आवंटित की जा चुकी थी। बहुत सारे प्रोजेक्ट विभाग के अफसर जो कि 6% आबादी के प्लॉट का लीज बनाने वाले प्रोजेक्ट में शामिल थे वह भी लपेटे में आ सकते हैं।

एसआईटी इस बात की जांच कर रही है कि नर्सरी के लिए जो जमीन पहले से ही आवंटित थी, जो ग्रीन बेल्ट की जमीन थी, उस पर परियोजना विभाग के अधिकारियों ने लीज प्लान कैसे जारी कर दिया। तत्कालीन शासकीय अधिवक्ता देवीशरण शर्मा ने 1999 ने एलआरएक्ट संख्या 10 में आपत्ति दर्ज कराई थी। यह भूमि ग्राम समाज की सरकारी भूमि थी।

इस मामले में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के पूर्व जीएम रवींद्र तौंगड़ पर आरोप है और साथ ही उनके खिलाफ तो रिपोर्ट तक दर्ज है और साथ ही योजना विभाग के छह अधिकारी, एडीएम भूमि विभाग के तत्कालीन एडीएम सहित छह बाबू, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के छह प्रतिशत जनसंख्या प्लॉट विभाग के अधिकारी, पूर्व सीईओ, एसीईओ और पटवारी, ये सभी लपेटे में आ सकते है , फिल्हाल जांच चल रही है , और एसआईटी इस मामले की जांच तेजी से करने में लगी हुई है।।