नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवक-युवतियों को लगाता था चूना, पुलिस ने दबोचा

टेन न्यूज नेटवर्क

नोएडा (05/05/2023): नोएडा पुलिस ने बड़ी कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवक-युवतियों से लाखों रूपयों की ठगी वाले फर्जी काॅल सेंटर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। 2 मई को सुनील निवासी बहलोलपुर नोएडा ने अभिषेक, आलोक व उनके अन्य साथियों के खिलाफ अपने साथ एक बड़ी कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर नौकरी डॉट कॉम का फर्जी लेटर देकर 67,000 रूपये ठग लेने के संबंध में थाना सैक्टर 63, नोएडा पर एक शिकायत दर्ज कराई। फिर पुलिस ने कार्यवाही करते हुये बुधवार, 3 मई को थाना सेक्टर 63, नोएडा पुलिस ने इस मामले में प्रकाश में आये आरोपी आलोक उम्र 32 वर्ष, सतीश सिंह उम्र 32 वर्ष, उमेश उम्र 20 वर्ष और अभिषेक उम्र 23 वर्ष को वादी की सूचना पर बी-86 सेक्टर 60, नोएडा से कॉल सेंटर में प्रयोग किये गये उपकरण एवं 27,000/रूपये नगद व के-10 ऑल्टो के साथ गिरफ्तार कर लिया।

 

अपराध का तरीका जानकर चौंक जाएंगे आप!

नोएडा डीसीपी सेन्ट्रल रामबदन सिंह ने बताया कि पुलिस को पूछताछ में पता चला कि गैंग के सरगना आलोक ने एक विश्वविद्यालय से बीसीए की पढ़ाई की हुई है। जल्द रुपये कमाने के चक्कर में उसने फर्जी कॉल सेंटर खोला। जिसमें उसने अपने साथ कुछ साथियों को पैसे का लालच देकर काम करने के लिए रखा। जो बेरोजगार युवक-युवतियों को फोन करने के लिए जॉब पोर्टल से डाटा चोरी करके उनके बारें में जानकारी इकट्ठा करते थे। इसके बाद उनके मोबाइल नम्बर पर सम्पर्क कर उनके जॉब प्रोफाइल एवं शैक्षिक योग्यता के मुताबिक बड़ी कम्पनी में नौकरी दिलाने का नाटक रचते थे। इसके बाद नौकरी पाने के इच्छुक युवक-युवतियों से प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 1900/रुपये, प्रोसेसिंग फीस आ जाने के बाद वेरिफिकेशन और रिज्यूम अपडेट करने के नाम पर और रुपये अपने खाते में डलवा लेते थे तथा फर्जी नौकरी डॉट कॉम की रिसीप्ट तैयार कर बेरोजगार युवक-युवतियों को नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी रिसीप्ट दे देते थें। यह लोग किसी को भी नौकरी नहीं देते थे। ठगी का पैसा इन आरोपियों द्वारा अपने संचालित फर्जी अकाउंट नंबरों में लिया जाता था। जिसमें 27000/रूपये मिले हैं वह भी युवक-युवतियों के साथ की गयी ठगी का ही पैसा है। कॉल सेंटर के सरगना आलोक द्वारा यह भी बताया गया कि अब तक वह अपने साथियों के साथ मिलकर नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 100-200 लोगों से नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी कर चुके हैं।

आगे नोएडा डीसीपी सेन्ट्रल रामबदन सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि ये लोग करीब 05 माह से फर्जी कॉल सेंटर खोलकर ठगी कर रहे थे। पुलिस की नजर में ये फर्जी नौकरी लगवाने वाला कॉल सेंटर न आए इसलिए ये लोग समय-समय पर अपना ऑफिस बदल लेते थे। इन लोगों ने इसके लिए एक दो स्थान भी बदला है। स्थानीय पुलिस अन्य माध्यम का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इनके द्वारा कितने लोगों के साथ ठगी की गयी है तथा कितनी जगह कॉल सेंटर संचालित किया गया है। इसी क्रम मेें अन्य जिलों में भी जालसाजों के आपराधिक रिकॉर्ड का पता लगाया जा रहा है।

शिक्षा के अनुसार तय था कम्पनी में नौकरी का रेट

कॉल सेंटर के सरगना आलोक ने बताया कि वह कॉल सेंटर पर बेरोजगारों युवक-युवतियों से उनकी शैक्षिक योग्यता के अनुसार बड़ी कम्पनी मे नौकरी दिलाने के नाम पर रकम ऐंठते थे, जिनका हजार रुपए से लेकर लाखों रुपए तक रेट तय कर रखा था। जैसी नौकरी वैसा ही रेट लेते थे।।