सोच से कहीं ज्यादा मजबूत है सुपरटेक ट्विन टावर, 3400 किलो से अधिक विस्फोटक का होगा इस्तेमाल

टेन न्यूज नेटवर्क

नोएडा (10/05/2022): सुपरटेक ट्विन टावर को गिराने वाली एजेंसी कह रही है कि सुपरटेक ट्विन टावर सोच से कहीं ज्यादा मजबूत बना हुआ है इसके लिए करीब 3400 किलो विस्फोटक का इस्तेमाल होगा।

 

सुपरटेक ट्विन टावर को गिराने में अब एक नई बात सामने आई है कि 22 मई को दोनों टावर्स को गिराया जाना था । लेकिन अभी के हालात ऐसे नही लग रहे है की ट्विन टावर को 22 मई में गिराया जाए।

जब 22 मई को टावर न गिराए जाने की बात नोएडा प्राधिकरण के सामने आई तो अफसरों ने अतिरिक्त समय देने से इंकार कर दिया एजेंसी का कहना है कि टावरों का स्ट्रक्चर काफी ज्यादा मजबूत है ऐसे में समय अधिक लगने के साथ-साथ अधिक मात्रा में विस्फोटक और अन्य सामान भी लगेंगे।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले को सुनाते हुए कहा कि 22 मई को सुपरटैक ट्विन टावर ध्वस्त हो जाना चाहिए इसको लेकर कार्य भी चल रहा है एक अफ्रीकी एजेंसी ट्विन टावर को तोड़ने का काम कर रही है अब एजेंसी ने बिल्डर से कहा है कि इस को पूरी तरीके से तोड़ने के लिए 3 महीने का समय और चाहिए ।

इस पर सुपर टेक के चेयरमैन ने नोएडा अथॉरिटी से बातचीत की है लेकिन प्राधिकरण ने इस पर नाराजगी जाहिर कर दी है

 

इमारत को ध्वस्त करने वाली कंपनी एजुकेटिव प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक और ध्वस्तीकरण विशेषज्ञ आनंद शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिस समय विस्फोटक से दोनों टावरों को गिराया जाएगा उस समय मलबे से 60 मंजिल ऊंचा धूल का गुबार उठेगा । जिससे आसपास में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाएगा लेकिन इमारत को बचाने के लिए वॉटर जेट फायर टेंडर, फव्वरो का इंतजाम किया जाएगा इसको लेकर फायर विभाग ने एनओसी भी दे दी है।

 

आगे बताते हुए बताया कि धूल के गुब्बार का असर करीब 15 मिनट तक रहेगा हालांकि यह हवा की गति पर निर्भर करेगा कि धूल का प्रवाह हवा के साथ किस ओर जाता है ध्वस्त होने से पहले उड़ने वाली धूल का मुद्दा प्रदूषण के लिहाज से भी अहम होगा। इमारत को ध्वस्त करने के बाद मलबे के निस्तारण के लिए इसे डिमालिशन साइट तक पहुंचाने का कार्य ट्रक द्वारा किया जाएगा । इससे भी वातावरण पीएम 2.5 का बढ़ना तय माना जा रहा है

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ट्विन टावर 40 मंजिल है और दोनों टावरों में करीब 1000 फ्लैट हैं।