Daily Archive: November 14, 2017

रेरा कानून से फ्लेट बॉयर्स को अब तक कोई फाय दा नही हुआ बिल्डर अपने फायदे के लिए कर रहे गलत इस्तेमाल, पुराने बॉयर्स वहीं के वहीं – अन्नू ख ान

आज नोएड़ा इंदिरा गांधी कला केन्द्र में अध्यक्ष उ०प्र० रेरा कमेटी एवं प्रमुख सचिव आवास मुकुल सिंघल ने नोएड़ा प्राधिकरण के अधिकारियों और क्रेडाई के बिल्डरों की मीटिंग बुलाई थी जिसमे रेरा के ऊपर चर्चा की गई, जिसमे नेफोमा टीम ने भाग लिया और बॉयर्स की समस्याओं को सबके सामने रखा, नेफोमा अध्यक्ष अन्नू खान ने बीच मे टोकते हुए अधिकारियों को पूछा जब लगभग सभी बडे बिल्डर यहाँ पर है और बडे मुद्दों पर बातचित चल रही है फिर आम्रपाली बिल्डर के सीएमडी या कोई भी आम्रपाली का प्रतिनिधि मीटिंग में उपस्थित क्यो नहीं है इस पर सीईओ आलोक टण्डन ने कहा सबको बोला गया था, जे०पी० अमन बॉयर ग्रुप से कर्नल एस०के० नागराह ने कहा बिल्डर ने चार महीने पहले पोजेशन के लिए कहा था लेकिन अभी पोजेशन का कही नाम निशान नही है नेफोमा ने रेरा अध्यक्ष को एक ज्ञापन भी दिया जिसमें प्रमुख मुद्दे रखे
1 रेरा के अंतर्गत प्राधिकरण बिल्डरों को एफएआर देने पर विचार कर रहे है नोएड़ा शहर की हालत अब नही है कि वो हजारों लोगों का बोझ सह पाए, एफएआर देने बड़ी जटिल समस्याए उत्पन्न हो जाएगी, अभी भी सड़कों पर जाम की स्थिति रहती है, पार्किंग एक बड़ा मुद्दा है शहर के लिए ।
2 रेरा में शिकायत करने के लिए हजार रुपये बॉयर्स को देने पड़ते है उसके बाद तारीख पड़ने पर उसको लखनऊ जाना पड़ता है कभी ट्रेन का टिकट मिलता है कभी नहीं ऐसे में बस से जाते है तो किराए में पैसा अधिक लगता है एक तारीख करने के लिए कम से कम पांच हजार ख़र्च हो जाता है टाइम अलग, नेफोमा की मांग है रेरा की शिकायतों का समाधान जिला गौतमबुद्ध नगर में ही किया जाए ।
3 बिल्डर रेरा को अपने मुताबिक गलत इस्तेमाल कर रहे है जिस बॉयर्स को बिल्डर पोजेशन देने के लिए 2016 में प्रतिबद्ध था, रेरा लागू होने के बाद बिल्डरो ने उन प्रोजेक्टो की तिथियों में अपने अनुसार बदलाव कर क्रमश 2017, से 2024 तक लेकर गए है एक ही प्रोजेक्ट को फेस वाइज दिखकार 10 प्रोजेक्ट बनाकर काम कर रहे है उन बॉयर्स की क्या गलती है जो 8 साल से घर के इंतजार में है ।
रेरा अध्यक्ष मुकुल सिंघल ने भरोसा दिया कि बॉयर्स के हितों के लिए जो भी संभव होगा वो कदम उठाएंगे, रेरा की सुनवाई लखनऊ हो या गौतमबुद्ध नगर में इस पर विचार करेंगे
नेफोमा टीम से अन्नू खान, अमित कुमार, अशोक सारस्वत, राजीव निझावन, कर्नल एस०के० नागरह, कर्नल आर०पी० खन्ना आदि बॉयर्स के प्रतिनिधियो ने मीटिंग में भाग लिया

A show cause notice to parking contractor by, Noida Authority

Noida authority issued a show cause notice to the contractor of parking for carelessness in hiting people. Regarding a case of Noida sector 18 in which a parking attandent driven a car over a pregnent lady and she died in way to hospital.

The woman and her husband were returning to their car when she was hit by an errant parking attendant.

The contractor allegedly hired the attendant who did not have a driving licence and is ineligible, as per the norms.

The accident that took place in city’s biggest commercial hub — Sector 18 — exposed the iresposible were the Noida authority officials who allegedly do not enforce rules properly.

“We have issued a notice to the contractor Shobit Sharma, directing him to provide details about the parking attendant. He is directed to provide details such as driving licence, revenue collection register and the period the attendant has been working with him. We have issued him a notice as to why we should not take action against him,” RK Mishra, additional chief executive officer of the Noida authority, said.

The Noida authority had allowed parking at 41 sites.

by giving licences to private agencies that charge ₹20 as fee for 13 hours and ensure parking within the area earmarked for them by the authority.

Overcharging, misbehaviour and violation of norms by parking attendants and contractors are common at these 41 sites, as the authority hardly takes the steps required to fix things.

In most of the parking lots, the attendants overcharge and also occupy more space than is allotted to them to run parking lots.

“In 2013, while giving parking licences to contractors, the authority had claimed that all parking attendants will wear a uniform and issue parking slips through hand-held devices. The authority had also assured the public that the contractors will also hire parking attendants after running proper background checks on them through police verification. But many parking attendants do not know how to behave with the motorists,” Atul Thakur, a social activist, said.

The authority officials said that now that they are coming up with the new policy, most of the issues what Visitors were facing will be Our priority and that will be addressed.