Daily Archive: September 5, 2018

नोएडा : आपूर्ति विभाग ने 31 राशन डीलरों के को टे निलंबित किए

नोएडा : आपूर्ति विभाग ने राशन डीलरों पर शिकंजा कसते हुए एफआईआर में शामिल 31 राशन डीलरों के कोटे निलंबित कर दिए गए। इसके साथ प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए दुकानों को दूसरे डीलर से अटैच कर दिया है।

उत्तर प्रदेश में हुए राशन घोटाले में जिले में खाद्य आपूर्ति विभाग ने 31 राशन डीलरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। आपूर्ति विभाग ने एफआईआर में शामिल कोटेदारों की इन दुकानों को निलंबित कर दिया है। वही आपूर्ति अधिकारी आरएन यादव ने बताया कि फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के लिए दुकानों को अटैच कर दिया गया है। ताकि राशन कार्डधरियो को राशन लेने के लिए कोई परेशानी नहीं हो वहीं कोटेदारों को नोटिस भेजकर एक सप्ताह में जबाव मांगा है। तो आज कोटेदारों भी अपनी मांगो को लेकर कलेक्ट्रेट पर धरना दे रहे है ,एफआईआर में शामिल कोटेदार बुधवार से कलेक्ट्रेट पर धरने पर बैठेंगे। आदर्श कोटेदार एवं उपभोक्ता वेलफेयर एसोसिएशन ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर धरने पर बैठने की चेतावनी दी है। वही नगर अध्यक्ष यतेंद्र कुमार ने बताया कि प्रशासन ने जानबूझकर इस प्रकरण में राशन डीलरों को फसा रही है। प्रशासन विभाग के अधिकारियों को बचा रही है। एसोसिएशन ने ऐलान किया है जब तक उन के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए जाते धरना जारी रहेगा।

नोएडा : वेतन घटने से नाराज जिला अस्पताल सफा ई कर्मचारी हड़ताल पर गए

नोएड़ा : जिला अस्पताल में ठेके पर काम कर रहे सफाई कर्मचारियों अजीब इत्तफाक होता है कि जिसकी वजह से आये दिन कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कभी वेतन कही महीनो तक नहीं मिलता। तो कभी छुट्टियों को लेकर। कल भी सेक्टर 30 स्थित जिला अस्पताल में वेतन घटने से आउटसोर्स एजेंसी के सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से दिनभर अस्पताल के वार्डों में गंदगी और बदबू से मरीज और उनके परिजन परेशान रहे। वार्डों में रखी डस्टबिन कचरे से भरी पड़ी थीं। अस्पताल प्रशासन ने तत्काल शासन को पत्र लिखकर सफाई कर्मचारी उपलब्ध कराने की मांग की है।शासन द्वारा एक सितंबर से जिला अस्पताल में हाउस कीपिंग के काम का टेंडर मैसर्स सन फैसिलिटी प्राइवेट लिमिटेड को दे दिया गया है। जिससे सफाई कर्मियों में रोष व्याप्त है। कर्मचारियों का कहना है कि ठेकेदार के साथ मिलकर सफाई कर्मियों को नौकरी से निकालने का षड़यंत्र किया जा रहा है। पिछले 8 साल से कर्मचारी जिला अस्पताल में काम कर रहे हैं। पहले कर्मचारियों का वेतन 10 हजार रुपये महीना मिल रहा था। जिसे घटाकर अब 7 हजार 613 रुपये कर दिया गया है। इस वेतन में ईएसआई और पीएफ की कटौती भी की जाएगी। ऐसे में कर्मचारी अपनी रोजी रोटी कैसे चलाएंगे। इन सभी कर्मचारियों को 14 अगस्त को सीएमएस की ओर से पत्र जारी किया गया था। जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि हाउस कीपिंग का टेंडर मैसर्स सन फैसिलिटी प्राइवेट लिमिटेड को उत्तर प्रदेश हेल्थ स्ट्रेन्थिंग सिस्टम परियोजना की ओर से दिया जा रहा है। जो भी कर्मचारी इस कंपनी के साथ काम करने के इच्छुक नहीं है 1 सितंबर से उनकी सेवाएं जिला अस्पताल से समाप्त कर दी जाएंगी। सिटी मजिस्ट्रेट शैलेन्द्र कुमार मिश्रा मौके पर पहुंचे उनके आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।