Daily Archive: March 20, 2017

जो खोया सम्मान हमारा, उसे दिला दो योगी जी । श्रीराम जैसा यू.पी. में, राज चला दो योगी जी । KAVI AMI T SHARMA @yogi_adityanath @BJP4UP @MARENDRAMODI

राजतिलक की करो तैयारी,,,,, भगवाधारी आया है ।
सत्य सनातन वैदिक धर्म का,,,, एक पुजारी आया है ।

हथियार हाथ में जब पकड़ा तो आप शिवाजी शान लगे ।
गोरखपुर में जब गरजे तो,,,,, भारत की पहचान लगे ।

राजपूताना साफा बांधा,,,,,,,,, पृथ्वीराज चौहान लगे ।
जब कन्या के पैर छुए तो,,,, संस्कार की खान लगे ।

गौ माता को चारा डाला, लगते कृष्ण कन्हाई से ।
भाषण तुमने किया शुरू तो लगे अटल परछाई से ।

शतरंज सियासी जब जीता तो विश्वनाथ आनंद लगे ।
जब तुमने भगवा पहना तो,,,, स्वयं विवेकानंद लगे ।

हे देवभूमि के लाल तुमहे पाकर गर्वित परिवेश हुआ ।
कुर्सी भी हरसायी है,,,,,,और धन्य हमारा देश हुआ ।

भगवधारी सब मंचों पर,,,,,,,,, सदा दिखाई देता हूँ ।
मैं कलमपुत्र एक अदना बालक तुम्हें बधाई देता हूँ ।

सत्ता बड़ी नशीली है,, तुम झूल ना जाना योगी जी ।
कर्तव्य सदा सब याद रहे तुम भूल ना जाना योगी जी ।

गौ की गर्दन पर चलती,,, वो पैनी छुरी भी याद रहे ।
रामलला जंहा खेले है ,,,, वो अवधपुरी भी याद रहे ।

अवैधनाथ जो संत हमारे,,, उनकी साख भी याद रहे ।
निर्दोष बहन जो मुस्लिम है,, वो तीन तलाक भी याद रहे ।

ना फैले उन्माद धर्म का,,,,, ना मजहबी अखाड़ा हो ।
नही मुज्जफरनगर चाहिए,,, नाही कोई बिसाडा हो ।

हर मंदिर से रोज़ सुबह,,, आरती जय जगदीश चले ।
अगर भावना हो आहत तो लप्पड़ उसके शीश चले ।

जो खोया सम्मान हमारा,,, उसे दिला दो योगी जी ।
श्रीराम जैसा यू. पी. में ,,, राज चला दो योगी जी ।

—कवि अमित शर्मा (गाँव सैनी-ग्रेटर नोएडा)
9818516189
9891516189
(कृपया नाम हटाने का पाप ना करे)

एमिटी में भारतीय वन सेवा के उम्मेदवार हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

एमिटी स्कूल आॅफ नेचुरल रिसोर्स एंड सस्टैनबल डेवलेपमेंट एंव एमिटी इंस्टीटयूट आॅफ ग्लोबल वाॅर्मिंग एंड ईकलाजिकल स्टडीज द्वारा भारतीय वन सेवा के उम्मेदवार हेतु एक सप्ताह के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन एमिटी विश्वविधालय सैक्टर 125 नोएडा में किया गया। इस कार्यक्रम में भारतीय वन सेवा के 12 उम्मेदवार ने हिस्सा लिया जोकि देश के अलग अलग राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, मणिपुर, हरियाणा आदी से है। 20 से 24 मार्च तक चलने वाले इस कार्यक्रम का शुभारंभ नेशनल मीशन फाॅर क्लीन गंगा, नई दिल्ली के महानिदेशक श्री यूपी सिंह,

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम नई दिल्ली के राष्ट्रीय समन्वयक श्री प्रभुज सोधी, एमिटी स्कूल आॅफ नेचुरल रिसोर्स एंड सस्टैनबल डेवलेपमेंट के सलाहकार प्रोफेसर बी के पी सिन्हा, एमिटी विश्वविधालय लखनऊ के प्रोफेसर रानीव कुमार, एमिटी इंस्टीटयूट आॅफ ग्लोबल वाॅर्मिंग एंड ईकलाजिकल स्टडीज के सलाहकार श्री जे सी काला ने पारंपरिक दीप जलाकर किया। नेशनल मीशन फाॅर क्लीन गंगा, नई दिल्ली के महानिदेशक श्री यूपी सिंह ने उम्मेदवारों को बधाई देते हुए कहा कि आप सभी ने कैरियर बनाने के लिए अच्छा क्षेत्र का चुनाव किया है। यह क्षेत्र एक प्राइम सेक्टर है। किसी भी प्रकार की चुनौतियों से न डरे चुनौतियां तो आपको हर प्रकार के क्षेत्र में मिलेगी। मेहनत एंव सच्चाई का कभी विकल्प न निकाले। कार्य से सन्तुष्टि तभी मिलेगी जब आपने पेशे से लोगों को मद्द करेंगे।

उत्तर प्रदेश का चुनाव और मायावती की हार वि षय पर सम्भवत काव्य कटाक्ष बड़े कवियों द्वारा

उत्तर प्रदेश का चुनाव और मायावती की हार विषय पर सम्भवत काव्य कटाक्ष बड़े कवियों द्वारा

*प्रसंग है*___

ताजा चुनाव के नतीजों के बाद बहुत ही उदास मन से एक छज्जे पर मायावती बैठी है,

केश खुले हुए हैं और उदास मुख मुद्रा देखकर लग रहा है कि जैसे वह छत से कूदकर आत्महत्या करने वाली हैं

सोचिये विभिन्न कवि इस प्रसंग पर कैसे लिखते…..

मैथिली शरण गुप्त

अट्टालिका पर बैठकर क्यों अनमनी सी हो अहो
किस वेदना के भार से संतप्त हो देवी कहो ?
धीरज धरो संसार में, किसके नहीं है दुर्दिन फिरे
हे राम! रक्षा कीजिए, माया न भूतल पर गिरे।

*काका हाथरसी*-

माया बैठी छत पर, कूदन को तैयार
नीचे पक्का फर्श है, भली करे करतार
भली करे करतार, न दे दे कोई धक्का
ऊपर मोटी नार, नीचे पतरे कक्का
कह काका कविराय, अरी मत आगे बढ़ना
उधर कूदना मेरे ऊपर मत गिर पड़ना।

*गुलजार*-

वो बरसों पुरानी ईमारत
शायद
आज कुछ गुफ्तगू करना चाहती थी
कई सदियों से
उसकी छत से कोई कूदा नहीं था।
और आज
उस
तंग हालात
परेशां
स्याह आँखों वाली
उस लड़की ने
ईमारत के सफ़े
जैसे खोल ही दिए
आज फिर कुछ बात होगी
सुना है ईमारत खुश बहुत है…

*हरिवंश राय बच्चन*-

किस उलझन से क्षुब्ध आज
निश्चय यह तुमने कर डाला
घर चौखट को छोड़ त्याग
चढ़ बैठी तुम चौथा माला
अभी समय है, जीवन सुरभित
पान करो इस का बाला
ऐसे कूद के मरने पर तो
नहीं मिलेगी मधुशाला

*प्रसून जोशी*-

जिंदगी को तोड़ कर
मरोड़ कर
गुल्लकों को फोड़ कर
क्या हुआ जो जा रही हो
सोहबतों को छोड़ कर

*रहीम*-

रहिमन कभउँ न फांदिये, छत ऊपर दीवार
हल छूटे जो जन गिरि, फूटै और कपार

*तुलसी*-

छत चढ़ नारी उदासी कोप व्रत धारी
कूद ना जा री दुखीयारी
सैन्य समेत अबहिन आवत होइहैं रघुरारी

*कबीर*-

कबीरा देखि दुःख आपने, कूदिंह छत से नार
तापे संकट ना कटे , खुले नरक का द्वार”

*श्याम नारायण पांडे*-

ओ घमंड मंडिनी, अखंड खंड मंडिनी
वीरता विमंडिनी, प्रचंड चंड चंडिनी
सिंहनी की ठान से, आन बान शान से
मान से, गुमान से, तुम गिरो मकान से
तुम डगर डगर गिरो, तुम नगर नगर गिरो
तुम गिरो अगर गिरो, शत्रु पर मगर गिरो।

*गोपाल दास नीरज*-

हो न उदास रूपसी, तू मुस्काती जा
चुनाव की हार में भी जिन्दगी के फूल खिलाती जा
जाना तो हर एक को है, एक दिन जहान से
जाते जाते मेरा, एक गीत गुनगुनाती जा

*राम कुमार वर्मा*-

हे सुन्दरी तुम मृत्यु की यूँ बाट मत जोहो।
जानता हूँ चुनाव का
खो चुकि हो चाव तुम
और चढ़ के छत पे भरसक
खा चुकि हो ताव अब तुम
उसके उर के भार को समझो।
जीवन के उपहार को तुम ज़ाया ना खोहो,
हे सुन्दरी तुम मृत्यु की यूँ बाँट मत जोहो।

*हनी सिंह*-

कूद जा डार्लिंग क्या रखा है
मुख्यमंत्री बन जाने में
यो यो की तो सीडी बज री
डिस्को में हरयाणे में
रोना धोना बंद कर
कर ले डांस हनी के गाने में
रॉक एंड रोल करेंगे कुड़िये
फार्म हाउस के तहखाने में..