Daily Archive: March 24, 2017

Academic stimulation of Indian parliamentary system, Srijan: A genesis of Indian Politics at Amity University

भारतीय संसद प्रणाली की शैक्षणिक जानकारी छात्रों को देने हेतु एमिटी लाॅ स्कूल नोएडा द्वारा सृजन – भारतीय राजनीति की उत्पत्ति नामक कार्यक्रम का आयोजन एफ टू ब्लाक सभागार, एमिटी कैंपस में किया गया। इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष एंव मालवीयस नगर के कांउसजर श्री सतीश उपाध्याय, भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली के कानूनी मामले विभाग के कन्वेंनर ठाकुर विरेंद्र प्रताप सिंह चरक, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मुरारी तिवारी, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री संजय सराफ एंव एमिटी शिक्षण समूह के संस्थापक अध्यक्ष डा अशोक कुमार चौहान , एमिटी लाॅ स्कूल के एक्टिंग चेयरमैन डा डी के बंदोपाध्याय द्वारा छात्रो को प्रोत्साहित किया गया।

डीएम ने विभागीय अधिकारियों को एनजीटी के न ियमों का कडाई से पालन कराने के दिए निर्देश

गौतम बुद्ध नगर के जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद सिंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनपद में पर्यावरण मानकों के अनुसार बना रहे इस उद्देश्य से एनजीटी के नियमों का अक्षरसः से पालन सुनिशित कराया जाये और इस कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरती जाये। डीएम अपने कैम्प आफिस के सभागार नोएडा में एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि एनजीटी के माध्यम से एनसीआर में पर्यावरण संतुलन बनाये रखने के सम्बन्ध में समय-ंसमय पर निरन्तर निर्देश जारी किये जा रहे है अतः जनपद के समस्त विभागीय अधिकारी उनका अक्षरसः पालन सुनिश्चित करते हुये जनपद के पर्यावरण सन्तुलन बनाने में अपनी अहमं भूमिका निभाये।

नोएडा के आईएमएस में मैंनेजमेंट हाट का आयोज न

इंस्टीट्यूट ऑफ मैंनेजमेंट स्टडीज (आईएमएस) नोएडा में मैंनेजमेंट हाट का आयोजन किया गया। शुक्रवार को सेक्टर 62 स्थित संस्थान परिसर में छात्रों ने 2 दर्जन से भी अधिक स्टॉल लगाए। कार्यक्रम के दौरान खान-पान, श्रृंगार, गीत-संगीत, खेल एवं कबाड़ से गृह सज्जा के स्टॉल पर सर्वाधिक भीड़ दिखी।

आईएमएस के मैंनेजमेंट विभाग द्वारा आयोजित हाट की औपचारिक उद्घाटन मिसेज यूनिवर्स (2015-16) माया सिंह ने रीबन काट कर किया। संस्थान द्वारा आयोजित आज के कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को मार्केटिंग स्किल एवं व्यापार के तौर तकीके को रचनात्मक तरीके से पेश करने की कला से रूबरू कराना था।

मैंनेजमेंट हाट में बेस्ट क्रिएटिव आईडिया के साथ कबाड़ से गृह सज्जा का स्टॉल सलाम नमस्ते और होशियारपुर गांव के संसाधन हीन बच्चों नें संयुक्त रूप से लगाया, जिसमें बच्चों ने पानी की पुरानी बोतल से आभूषण, सजावट के समान, पुराने बिस्किट के डब्बों से पेन स्टैंड, मिठाई के डब्बे से टिशु पेपर होल्डर, कपड़ो की दफ्ती से रंगोली आदि पेश किये। हाट के दौरान मोस्ट क्रिएटिव एण्ड इनोवेटिव स्टॉल के लिए सूरज और साक्षी को विजेता घोषित किया गया।

33 CRORE HINDU GODS ? NO 33 KINDS – HINDU BELIVER MUST READ

अधूरा ज्ञान खतरनाक होता है।

33 करोड़ नहीं 33 कोटि देवी देवता हैं हिंदू धर्म में ;

कोटि = प्रकार ।
देवभाषा संस्कृत में कोटि के दो अर्थ होते हैं ।

कोटि का मतलब प्रकार होता है और एक अर्थ करोड़ भी होता है।

हिंदू धर्म का दुष्प्रचार करने के लिए ये बात उड़ाई गयी की हिन्दूओं के 33 करोड़ देवी देवता हैं और अब तो मुर्ख हिन्दू खुद ही गाते फिरते हैं की हमारे 33 करोड़ देवी देवता हैं…

कुल 33 प्रकार के देवी देवता हैँ हिंदू धर्म में :-

12 प्रकार हैँ :-
आदित्य , धाता, मित, आर्यमा,
शक्रा, वरुण, अँशभाग, विवास्वान, पूष, सविता, तवास्था, और विष्णु…!

8 प्रकार हैं :-
वासु:, धरध्रुव, सोम, अह, अनिल, अनल, प्रत्युष और प्रभाष।

11 प्रकार हैं :-
रुद्र: ,हरबहुरुप, त्रयँबक,
अपराजिता, बृषाकापि, शँभू, कपार्दी,
रेवात, मृगव्याध, शर्वा, और कपाली।
एवँ
दो प्रकार हैँ अश्विनी और कुमार ।

कुल :- 12+8+11+2=33 कोटी

अगर कभी भगवान् के आगे हाथ जोड़ा है ।
तो इस जानकारी को अधिक से अधिक लोगो तक पहुचाएं ।

यह बहुत ही अच्छी जानकारी है इसे अधिक से अधिक लोगों में बाँटिये और इस कार्य के माध्यम से पुण्य के भागीदार बनिये ।

👉 एक हिंदू होने के नाते जानना आवश्यक है ।

🙏अब आपकी बारी है कि इस जानकारी को आगे बढ़ाए
📜अपने भारत की संस्कृति
को पहचानें।
ज्यादा से ज्यादा
लोगों तक पहुचायें।

खासकर अपने बच्चों को बताएं
क्योंकि ये बात उन्हें कोई दूसरा व्यक्ति नहीं बताएगा…

📜😇 दो पक्ष-

कृष्ण पक्ष ,
शुक्ल पक्ष !

📜😇 तीन ऋण –

देव ऋण ,
पितृ ऋण ,
ऋषि ऋण !

📜😇 चार युग –

सतयुग ,
त्रेतायुग ,
द्वापरयुग ,
कलियुग !

📜😇 चार धाम –

द्वारिका ,
बद्रीनाथ ,
जगन्नाथ पुरी ,
रामेश्वरम धाम !

📜😇 चारपीठ –

शारदा पीठ ( द्वारिका )
ज्योतिष पीठ ( जोशीमठ बद्रिधाम )
गोवर्धन पीठ ( जगन्नाथपुरी ) ,
शृंगेरीपीठ !

📜😇 चार वेद-

ऋग्वेद ,
अथर्वेद ,
यजुर्वेद ,
सामवेद !

📜😇 चार आश्रम –

ब्रह्मचर्य ,
गृहस्थ ,
वानप्रस्थ ,
संन्यास !

📜😇 चार अंतःकरण –

मन ,
बुद्धि ,
चित्त ,
अहंकार !

📜😇 पञ्च गव्य –

गाय का घी ,
दूध ,
दही ,
गोमूत्र ,
गोबर !

📜

📜😇 पंच तत्त्व –

पृथ्वी ,
जल ,
अग्नि ,
वायु ,
आकाश !

📜😇 छह दर्शन –

वैशेषिक ,
न्याय ,
सांख्य ,
योग ,
पूर्व मिसांसा ,
दक्षिण मिसांसा !

📜😇 सप्त ऋषि –

विश्वामित्र ,
जमदाग्नि ,
भरद्वाज ,
गौतम ,
अत्री ,
वशिष्ठ और कश्यप!

📜😇 सप्त पुरी –

अयोध्या पुरी ,
मथुरा पुरी ,
माया पुरी ( हरिद्वार ) ,
काशी ,
कांची
( शिन कांची – विष्णु कांची ) ,
अवंतिका और
द्वारिका पुरी !

📜😊 आठ योग –

यम ,
नियम ,
आसन ,
प्राणायाम ,
प्रत्याहार ,
धारणा ,
ध्यान एवं
समािध !

📜

📜

📜😇 दस दिशाएं –

पूर्व ,
पश्चिम ,
उत्तर ,
दक्षिण ,
ईशान ,
नैऋत्य ,
वायव्य ,
अग्नि
आकाश एवं
पाताल

📜😇 बारह मास –

चैत्र ,
वैशाख ,
ज्येष्ठ ,
अषाढ ,
श्रावण ,
भाद्रपद ,
अश्विन ,
कार्तिक ,
मार्गशीर्ष ,
पौष ,
माघ ,
फागुन !

📜

📜

📜😇 पंद्रह तिथियाँ –

प्रतिपदा ,
द्वितीय ,
तृतीय ,
चतुर्थी ,
पंचमी ,
षष्ठी ,
सप्तमी ,
अष्टमी ,
नवमी ,
दशमी ,
एकादशी ,
द्वादशी ,
त्रयोदशी ,
चतुर्दशी ,
पूर्णिमा ,
अमावास्या !

📜😇 स्मृतियां –

मनु ,
विष्णु ,
अत्री ,
हारीत ,
याज्ञवल्क्य ,
उशना ,
अंगीरा ,
यम ,
आपस्तम्ब ,
सर्वत ,
कात्यायन ,
ब्रहस्पति ,
पराशर ,
व्यास ,
शांख्य ,
लिखित ,
दक्ष ,
शातातप ,
वशिष्ठ !