Daily Archive: January 8, 2018

अतिक्रमण की राजनीति को काफी अंदर तक जाकर द ेखा है।

रामवीर शर्मा सेक्टर ११० नॉएडा

भारद्वाज जी इतनी हिम्मत वही दिखा सकता है जो
1. स्वयं में साफ हो।
2. दिल से देशहित चाहता हो।
3. कोई लोभ न रखता हो।
4. राष्ट्रहित में कुछ जोखिम उठाने की क्षमता रखता हो ।
और
5. अपने आप को गंदी राजनीति का हिस्सा न बनने देने की हिम्मत रखता हो।

भाईजी मुझे शर्म आती है उन लोगों पर जो अपने आपको हमारा नेता कहलवाना चाहते हों और चुप चाप बैठकर शहर को गंदा कराकर पैसे कमा रहे हों। मैंने इस अतिक्रमण की राजनीति को काफी अंदर तक जाकर देखा है। इसमें हम हमेशा पुलिस और प्राधिकरण को दोषी ठहराते हैं जो ठीक नही हैं। मुझे तो पुलिस के चौकी इंचार्ज और थानाध्यक्ष कुछ ऐसे दिखयी दिए कि वो अपनी नौकरी रखा रहे है। प्राधिकरण कर्मी ऐसे कहते दिखे कि शर्माजी छः महीने बचे है नोकरी को किसी तरह काटने का इंतजार कर रहा हूँ। रोज बी0 पी0 की गोलियां खाकर नोकरी करने आता हूँ। कुछ नेताओं का ऊपर से दबाब है क्या करूँ? पर आप सही हैं अतः कभी कभी आपका साथ देने की हिम्मत भी कर लेता हूँ।

भारद्वाज सर ! मैंने एक फ़िल्म देखी थी जिसमें एक खलनायक अजयदेवगन ने नायक अमिताभ बच्चन से कहा था कि ये राजनीति भी बड़ी ही गंदी चीज है , आपको भेजा आतंकियों दूसरी जेल में शिफ्ट करने के लिए और मुझे भेजा आपको ठोकने के लिए। बस नोएडा में वही हो रहा है ।

राजनेता कहते है कि हम अतिक्रमण नही करा रहे हैं जबकि पीछे से वही करा रहे है। पुलिस और प्राधिकरण को उनका ही संरक्षण प्राप्त है । फिर बहती गंगा में पुलिस और प्राधिकरण वाले भी हाथ धो लेते है।

अब हमको ऐसे लोगो का नेतृत्व स्वीकार करना होगा जो खुलकर इस अतिक्रमण हो हटवाने में हमारा साथ दें। उन लोगो का हमें पिछलग्गू नही बनना है जो चुप रहकर हम लोगों की मेहनत को बर्बाद होने का आनंद लेते हो ।

अतिक्रमण की राजनीति को काफी अंदर तक जाकर द ेखा है।

रामवीर शर्मा सेक्टर ११० नॉएडा

भारद्वाज जी इतनी हिम्मत वही दिखा सकता है जो
1. स्वयं में साफ हो।
2. दिल से देशहित चाहता हो।
3. कोई लोभ न रखता हो।
4. राष्ट्रहित में कुछ जोखिम उठाने की क्षमता रखता हो ।
और
5. अपने आप को गंदी राजनीति का हिस्सा न बनने देने की हिम्मत रखता हो।

भाईजी मुझे शर्म आती है उन लोगों पर जो अपने आपको हमारा नेता कहलवाना चाहते हों और चुप चाप बैठकर शहर को गंदा कराकर पैसे कमा रहे हों। मैंने इस अतिक्रमण की राजनीति को काफी अंदर तक जाकर देखा है। इसमें हम हमेशा पुलिस और प्राधिकरण को दोषी ठहराते हैं जो ठीक नही हैं। मुझे तो पुलिस के चौकी इंचार्ज और थानाध्यक्ष कुछ ऐसे दिखयी दिए कि वो अपनी नौकरी रखा रहे है। प्राधिकरण कर्मी ऐसे कहते दिखे कि शर्माजी छः महीने बचे है नोकरी को किसी तरह काटने का इंतजार कर रहा हूँ। रोज बी0 पी0 की गोलियां खाकर नोकरी करने आता हूँ। कुछ नेताओं का ऊपर से दबाब है क्या करूँ? पर आप सही हैं अतः कभी कभी आपका साथ देने की हिम्मत भी कर लेता हूँ।

भारद्वाज सर ! मैंने एक फ़िल्म देखी थी जिसमें एक खलनायक अजयदेवगन ने नायक अमिताभ बच्चन से कहा था कि ये राजनीति भी बड़ी ही गंदी चीज है , आपको भेजा आतंकियों दूसरी जेल में शिफ्ट करने के लिए और मुझे भेजा आपको ठोकने के लिए। बस नोएडा में वही हो रहा है ।

राजनेता कहते है कि हम अतिक्रमण नही करा रहे हैं जबकि पीछे से वही करा रहे है। पुलिस और प्राधिकरण को उनका ही संरक्षण प्राप्त है । फिर बहती गंगा में पुलिस और प्राधिकरण वाले भी हाथ धो लेते है।

अब हमको ऐसे लोगो का नेतृत्व स्वीकार करना होगा जो खुलकर इस अतिक्रमण हो हटवाने में हमारा साथ दें। उन लोगो का हमें पिछलग्गू नही बनना है जो चुप रहकर हम लोगों की मेहनत को बर्बाद होने का आनंद लेते हो ।