Daily Archive: January 17, 2018

नॉएडा : लोजिक्स बिल्डर के खिलाफ सड़को पर उतर े बायर्स

नोएडा: आज एक बार फिर बायर्स ने अपनी मांगो को लेकर प्रदर्शन किया सड़क। सेक्टर 32 स्थित लोजिक्स बिल्डर के खिलाफ सिटी सेंटर के मॉल में जगह लेने वालों ने मोर्चा खोल दिया। यहां पर मॉल के साथ साथ ऑफिस स्पेस बनाए गए हैं, प्रदर्शन कर रहे बायर्स ने बताया कि बिल्डर उनसे नाजायज तरीके से वसूली कर रहे है, इस बारे बायर्स कई बार लॉजिक्स के सीएमडी सतीनाथ से इस संबंध में शिकायत की है। बायर्स ने बताया कि यहां पर काम पूरा नहीं हुआ और उनसे मैनेजमेंट चार्ज भी ले लिया गया। इसके बाद बिल्डिंग कंप्लीशन भी नहीं मिला और लोगों से बिल्डर रुपए की मांग कर रहा है। इस पर विरोध जताते हुए करीब दर्जनो बायर्स ने लॉजिक्स मुर्दाबाद के नारे लगाए।

नॉएडा : पुलिस ने अवैध शराब की 50 पेटी बरामद क ी, मोके से दो आरोपी फरार

नोएडा: पुलिस ने बीती रात चैकिंग के दौरान कार में से अवैध शराब बरामद की हैं। यह शराब नॉएडा के रस्ते से हरियाणा से लाई जा रही थी मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने गाड़ी चेकिंग के दौरान 50 पेटी शराब बरामद की । थाना 58 के प्रभारी अनिल प्रताप ने बताया कि मुखबिर की सूचना मिली थी, की एक जायलो कार में अवैध रुप शराब भारी मात्रा में ले जाई जा रही हैं। जिसके बाद पुलिस ने तुरंत सड़को पर बैरीकेटिंग लगाकर चैकिंग शुरु कर दी। तभी एक जायलो कार बड़ी तेजी से आ रही थी जब उसे रोकने की कोशिश की गई तो वह नहीं रुकी डिवाइडर से टकरा गई गाड़ी टकराने से पलट गई. जिसकी वजह से गाड़ी में रखी शराब कि कई बोतल टूट गई ड्राइवर गाड़ी छोड़ कर भाग गया। गाड़ी के अंदर 50 पेटी हरियाणा मार्ग शराब थी जिसमें से 28 पेटी शराब टूट गई और 22 पेटी जप्त कर ली गई. पुलिस ने मौके से जायलो गाड़ी को भी जप्त कर लिया गया है और उसके मालिक की जांच शुरु कर दी गई है।

नॉएडा : यातायात व्यावस्था को दुरस्त करने क े लिए ट्रैफिक पुलिस को मिली 10 गरुड़ बाइक

नोएडा: नॉएडा शहर में यातायात व्यावस्था को सशक्त करने के लिए नॉएडा प्राधिकरण ने आज ट्रैफिक पुलिस विभाग को सभी सुविधाओं से लैस 10 अपाचे बाइक भेट की. हर बाईक पर सवार होंगे दो ट्रैफिक कर्मी नोएडा। इस दौरान मौके पर प्राधिकरण के एसीईओ, एसपी सिटी, एसपी ट्रैफिक, सीओ ट्रैफिक समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।प्राधिकरण के एसीईओ आर.के मिश्रा ने हरी झंडी दिखाकर सभी मोटरसाइकिलों को रवाना किया। यह मोटरसाइकिल साइरन और नीली बत्ती से लेकर सभी सुविधाओं से लैस हैं और इन सभी मोटरसाइकिलों पर दो-दो ट्रैफिक जवान तैनात होकर शहर में यातायात व्यवस्था सश्क्त बनाएंगे। प्राधिकरण के एसीईओ आर.के मिश्रा ने बताया कि ट्रैफिक विभाग की काफी समय मोटरसाइकिल की मांग थी। जिसपर संज्ञान लेते हुए प्राधिकरण ने शहर के ट्रैफिक विभाक को 10 मोटरसाइकिल भेंट की है। इससे शहर में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने में काफी मदद मिलेगी। वहीं एसपी ट्रैफिक अनिल कुमार झा ने बताया कि आज नोएडा प्राधिकरण ने ट्रैफिक विभाग को 10 मोटरसाइकिल दी हैं। इन सभी मोटरसाइकिल पर ट्रैफिक विभाग के दो-दो कर्मी तैनात रहेंगे।

नॉएडा : तेजरफ्तार वाहन ने युवक को मारी टक्क र, युवक की मौत

नॉएडा : तेज रफ़्तार वाहन ने सड़क पार कर रहे एक युवक टक्कर मार दी। जिसकी इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी। घटना थाना एक्सप्रेसवे के सेक्टर 132 की है। परिजनों की शिकायत पर थाना एक्सप्रेसवे पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मूल रूप से सिकंदराबाद के दीपचंद (35) सेक्टर-132 में रहते थे। वे जेपी कंपनी में सुपरवाइजर थे। सोमवार रात डयूटी खत्म कर वे घर लौट रहे थे। ऑटो से उतरकर सड़क पार करने के दौरान पीछे से आए तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। घायल दीपचंद को पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

नॉएडा : कूड़े के निस्तारण के लिए जल्द लगेगी सेक्टरों में मशीने

नॉएडा : जल्द ही कूड़े के निस्तारण के नॉएडा के सभी सेक्टरों में मशीने लगने जा रही है। नॉएडा अथॉरिटी ने पहल करते हुए इस काम के लिए पांच कम्पनियो को प्रजेंटेशन भी दे दिया है। कल इंदिरा गांधी कलाकेंद्र में अथॉरिटी ने आरडब्ल्यूए को ऐसी मशीनों से संबंधित पांच कंपनियों का प्रजेंटेशन दिया। प्रजेंटेशन के दौरान संबंधित कंपनियों ने 10 लाख से लेकर 35 लाख रुपये तक की मशीनों के बारे में बताया कि वह किस तरह कूड़े का निस्तारण करती हैं। एसीईओ आरके मिश्रा का कहना है कि हमने सभी आरडब्ल्यूए को इसका प्रजेंटेशन दिखा दिया है। अब जो लोग अपने सेक्टर में इसे लगवाना चाहते हैं नोएडा अथॉरिटी इसके लिए 75 फीसदी बजट देने को तैयार है। 25 फीसदी बजट आरडब्ल्यूए के खर्च करना होगा। अब देखना है नॉएडा अथॉरिटी ये स्कीम कितना सफल होती है क्योकि पहले भी इस स्कीम पर सभी आरडब्लूए के लोगो ने विरोध किया था।

नॉएडा : पुलिस ने लूट की घटना का किया खुलासा, 3 लुटेरों को किया गिरफ्तार

नॉएडा : कुछ दिन पहले सेक्टर 37 से युवती को लिफ्ट देकर लूटपाट करने वाले गिरोह के तीन बदमाशों पुलिस ने गिरफ्तार किया है। थाना ईकोटेक-3 पुलिस ने पकडे गए आरोपियों से लूट का सारा सामान बरामद कर लिया है. ग्रेटर नोएडा के सीओ थर्ड अनित कुमार ने बताया कि सोमवार की रात ईकोटेक तीन पुलिस टीम ने 3 शातिर लुटेरों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए लुटेरों की पहचान रोहित, टीटू उर्फ जयकांत निवासी मेरठ और सरफुद्दीन निवासी मेवतियान मुहल्ला दादरी के रूप में हुई है। इनमें रोहित और टीटू बीए के छात्र हैं। जबकि सरफुद्दीन ऑटो चालक है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 21 दिसंबर 2017 को उन्होंने नोएडा के सेक्टर 37 से सरिता विहार के लिए एक युवती को लिफ्ट देकर ऑटो में बैठा लिया था और उससे गनपॉइंट पर लूटपाट की। पर्स में पैसे नहीं मिलने पर उन्होंने उसका एटीएम कार्ड छीन लिया। जिसके बाद वह लड़की को लेकर कुलेसरा पहुंचे और यहां एक एटीएम से 10 हजार रुपए निकाले। जिसके बाद लड़की को छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने इनके पास से लड़की से लूटा गया माल बरामद कर लिया है।

नॉएडा : सिक्यॉरिटी मनी नाम पर ठगी कर रफूचक् कर हुई सॉफ्टवेयर कम्पनी

नॉएडा : नॉएडा शहर में आये दिन ठगी के मामले जाएदा देखने को मिल रहे है। ऐसा ही एक अपर मामला थाना 20 के सेक्टर 2 का है जहा एक सॉफ्टवेयर कम्पनी ने सिक्यॉरिटी मनी के नाम पर लाखो रुपये की ठगी कर चपंत हो गयी है। ठगी के शिकार पीड़ितों ने सेक्टर-20 पुलिस से मामले की शिकायत की है। पुलिस के अनुसार, 6 महीने पहले सेक्टर-2 में इस कंपनी ने नौकरी के लिए भर्तियां निकाली थीं। कंपनी ने इंटरव्यू के बाद 200 लोगों को चुना था। सिक्यॉरिटी मनी के नाम 50-50 हजार रुपये मांगने पर सिर्फ 20 लोगों ने ही रुपये दिए। कंपनी में बीते अक्टूबर से काम शुरू हो गया। दो महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें सैलरी नहीं दी गई। इसके बाद नवंबर महीने में कंपनी बंद हो गई। कंपनी प्रबंधक से बात होने पर उन्हें 13 दिसंबर से कंपनी खुलने का झांसा दिया गया। दिसंबर में भी कंपनी नहीं खुली और प्रबंधक का फोन भी बंद जा रहा है। पुलिस ने ठगी के शिकार लोगो की शिकायत दर्ज कर ली है जाँच कर रही है।

आजकल तो साहित्यकारों की उपलब्धि ही बदल गय ी

कल दोपहर मेट्रो की सीढ़ियों पर दौड़ते हुए एक मूर्धन्य साहित्यकार पर मेरी नजर पड़ी ।वो भागते हुए भी साहित्यकार ही लग रहे थे | उनके हाथ में उन्हीं का लिखा हुआ एक महाकाव्य था जो शायद आज के बाद किसी और के आलमारी की शोभा बढ़ाने वाला है । महाकाव्य इसलिए कहा कि उसमें लिखी कविताएँ असाधारण थी । उनकी कविताओं में काव्य के सारे तत्व मौजूद थे बस दिखायी नहीं देते थे ।उनसे मिलने वाला या यूँ कहें उनको दिख जाने वाला कोई भी व्यक्ति बिना उस महाकाव्य को लिए घर नहीं जा सकता ।मेरे पर उनका विशेष प्रेम था,अब तक उस महाकाव्य की तीन प्रतियाँ घर ला चुका हूँ ।हर बार सप्रेम भेट कर देते और मैं उनके सप्रेम भेट को मुस्कुराते हुए स्वीकार कर लेता क्योंकि मैंने सुन रखा था कि शीश तोड़ों ,पत्थर तोड़ों पर किसी का दिल मत तोड़ों ।

खैर ,मेट्रों स्टेशन पर उनको दूर से देखते हुए मैं उनसे और दूरियां बनाते हुए मेट्रों की प्रतीक्षा में खड़ा हुआ । मेट्रों से ज्यादा मेरा ध्यान इस बात पर था कि महोदय जी मुझको देख न लें ।मेट्रों आयी ।चूँकि मैं भीड़ के बीचोबीच खड़ा था अतः बिना किसी प्रयास के भीड़ द्वारा अंदर ठूस दिया गया ।मुझे केवल हाथ-पैर बचाने की मेहनत करनी पड़ी और मैं मेट्रों में अंदर आ गया ।मगर यह क्या ,काटो तो खून नहीं,वो इसलिए की सामने नजर पड़ी तो वृद्ध एवं विकलांग सीट पर साहित्यकार महोदय चश्मा साफ करते दिखाई पड़े ,मुझे देखते ही वो चीख पड़े इससे यह भी साफ़ हो गया था कि चश्मा लगाना उनके पर्सनालिटी का एक हिस्सा है ।

मैंने उन्हें चुप कराते हुए उनके नजदीक पहुँचा तो वो भी मुझे एडजस्ट करने के लिए मेहनत करने लगे,थोड़ा जगह बना कर मुझे जबरदस्ती बिठाने की उनकी कोशिश तब बेकार चली गयी जब बगल में बैठी एक मैडम जी झटपट अपने शौहर का हाथ पकड़ खींच कर बिठा लिया ।फिर क्या करते साहित्यकार महोदय जी भी कुछ लाज-शर्म की बात करके चुप हो गए ।मैं उनकी बातों में रूचि न लेने का बहाना कर रहा था पर वो बातचीत के जुगाड़ में थे ।मुझे भी पता था कि वो ज्यादा देर रुक नहीं सकते थे ,क्योंकि दो साहित्यकार एक जगह हो और दोनों मौन रहें ऐसा संभव ही नहीं ।थोड़ी देर इधर उधर देखते रहे फिर बोल ही पड़े ,कि भाई साहब ,मेरी किताब आप को कैसी लगी । अब मैं क्या बोलूँ क्योंकि मैंने तो आजतक उनकी महाकाव्य के एक पन्ना नहीं पलटा । "बहुत शानदार लगी "इसका विशेषण ढूढ़ ही रहा था कि वहीं झट से बोल पड़े,अच्छी ही लगी होगी ,आजतक जिसने भी पढ़ा सभी ने तारीफ ही की है । मैंने मुँह खोल कि वो फिर बोल पड़े कि जुलाई में दूसरी किताब भी आ जाएगी ,विमोचन में आप को रहना है । विमोचन से मुझे याद आया कि इनके पहले विमोचन में मैं गया था ,मुश्किल से दस लोग आये थे ,फोटों खींचते वक्त तो जलपान वाले लड़कों को भी किताब पकड़ाकर खड़ा कर दिए थे । पाँच मिनट में विमोचन हो गया था पर बन्दे ने डेढ़ घंटे तक सबको कविताएँ सुनाई,जलपान के नाम पर चाय पकौड़े तो आये थे पर इनकी कविता सुनकर सब पेट में जाने से मुकर गए और मुँह तक आकर बाहर आने की जिद करने लगे मैंने तो उनकी जिद तुरंत पूरी कर दी थी ,बाकि लोगों ने शायद बाद में की होगी ।

ऐसी सुखद पल मुझे पचते नहीं हैं अतः मैंने निर्णय लिया कि दोबारा ऐसे कार्यक्रमों में नहीं जाऊँगा और ये भाई साहब दोबारा निमंत्रण दे रहे हैं । खैर मैंने "देखा जायेगा" कह कर बात को टाल दिया । इससे पहले कि वो फिर मुँह खोलते मैंने ही पूछ लिया ,कहाँ जा रहे हो आप ? । "एक साहित्यिक कार्यक्रम में " वो मुस्कुराते हुए बोले।मुझे बिलकुल आश्चर्य नहीं हुआ क्योंकि मुझे ही नहीं बल्कि शहर के एक चौथाई साहित्यकारों पता है कि ये नित्य ही किसी न किसी साहित्यिक कार्यक्रम में ही जाते हैं ।मैंने बात को आगे बढ़ाया और पूछा की कैसा कार्यक्रम है । उन्होंने शहर के एक बड़े साहित्यकार का नाम लेते हुए बताया कि उन्होंने एक विचार गोष्ठी रखी है जिसमें शहर ही नहीं बल्कि देश के बड़े बड़े साहित्यकार व्याख्यान देंगे ।मैंने मजाकिया अंदाज में पूछा कि आप भी व्याख्यान देंगे क्या ,जो तीस रुपये खर्च करके ,पाँच घंटे का सत्यानाश करके इतना बड़े कार्यक्रम में जा रहे हैं ।महोदय जी ने मुँह लटकाते हुए कहा ,"अरे नहीं हम कहाँ " ,हम तो बस व्याख्यान सुनने जा रहें हैं और कुछ लोगों से मुलाकात होगी तो अच्छा लगेगा । मैं साहित्यकार की इस संतुष्टि पर अवाक् रह गया । ऐसा महान साहित्यकार जो केवल व्याख्यान सुनकर संतोष कर लेगा किसी बड़े आश्चर्य से कम नहीं था । मैंने मन ही मन सोचा ये इनका महाकाव्य किसी व्याख्यान का ही नतीजा है,भगवान जाने अब भविष्य में ये और क्या गुल खिलाएंगे ।

मैं भी टाइम पास कर रहा था इसलिए बात आगे बढ़ाया कि आप को अच्छा लगेगा कि महान साहित्यकारों के बीच आप कुछ अपनी न ठेल पाएं तो । उन्होंने बोला भाई यह तो मौके की बात है,अगर जरा मौका मिल गया तो चुप थोड़े ही रहूँगा,कुछ नहीं तो माइक के सामने जाकर एक फोटो तो खिंचवा ही लूँगा ,इसके लिए कौन रोकेगा । इन महोदय की असली बात मेरी समझ अब आयी ,उन्होंने फिर बोले कि भाई इससे पहले भी कई कार्यक्रमों में गया हूँ ,कहीं मौका नहीं मिलता ,मौका छिनना पड़ता है। हम ऐसे ही इतने महान थोड़े ही हुए हैं । फेसबुक पर रोज फोटो अपडेट करता हूँ तो पोज देखकर लोग दाँतों तले उँगली दबा लेते हैं ।हिंदी के साहित्यकार फर्राटा अंग्रेजी बोलने लगे कि बड़ी माई अचीवमेंट इज माई फेसबुक प्रोफाइल पेज,गो एन्ड सी । लोग मुझे कमेंट करते है,लाइक करते हैं,कहते हैं कि बड़े साहित्यकार हो गए हो ,बस और क्या चाहिए । किसको पता कि कार्यक्रमों में क्या होता है ।बस फोटो अच्छी आनी चाहिए ,तो भी बड़े बड़े साहित्यकारों के साथ । फिर तुम भी बड़े हो जाओगे,हम ऐसे बड़े थोड़े ही हुए हैं । उनकी बात ख़त्म हुई और मेरा स्टेशन आ गए । मैं भी नमस्कार करते हुए मेट्रों से उतर गया यह सोचते हुए कि आजकल तो साहित्यकारों की उपलब्धि ही बदल गयी है ,बस फोटों खिंचवाना है,फेसबुक प्रोफाइल चमकना चाहिए,बाकी कौन देखता है ।

—-विनोद पांडेय