Daily Archive: August 17, 2018

UPDATE ON COL VPS CHAUHAN’S UNLAWFUL ARREST

UPDATE ON COL VPS CHAUHAN’S UNLAWFUL ARREST

Brig (Retd) Ashok Hak

*Bail was not granted today, next date of hearing on 20th Aug 2018*.

*Wife of Col VPS Chauhan arrives in India tonight, we are trying to arrange her meeting with her husband tomorrow*.

*We, the 15 Veterans of Arun Vihar Noida along with the some Local body officials, met the District Magistrate (DM) Gautam Budh Nagar at his Camp Office today at 7 pm*. *The DM assured us of fair investigation and full justice against the Ommissions & Commissions of Police and the Mr Harish Chander, ADM, Muzaffar Nagar, on whose complaint Col VPS Chauhan was unlawfully arrested*.

RIP और विनम्र श्रधांजलि

*“RIP" का मतलब… ??*

अक्सर देखा है कि किसी के भी मृत्यु की खबर जैसे ही आती है तो अधिकतर लोग RIP लिखकर भेजने लगते है,
बिना इसके सही अर्थ को जाने
RIP शब्द का अर्थ होता है
*"Rest In Peace"*
*(शान्ति से आराम करो)*

यह शब्द उनके लिए उपयोग किया जाता है जिन्हें कब्र में दफनाया गया हो। क्योंकि ईसाई अथवा मुस्लिम मान्यताओं के अनुसार जब कभी
*"जजमेंट डे"* अथवा *"क़यामत का दिन"*
आएगा उस दिन कब्र में पड़े ये सभी मुर्दे पुनर्जीवित हो जाएँगे। अतः उनके लिए कहा गया है, कि उस क़यामत के दिन के इंतज़ार में *"शान्ति से आराम करो"।*

लेकिन हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार शरीर नश्वर है, आत्मा अमर है इसलिये हिन्दू शरीर को जला दिया जाता है, अतः उसके *"Rest in Peace"* का सवाल ही नहीं उठता। हिन्दू धर्म के अनुसार मनुष्य की मृत्यु होते ही आत्मा निकल कर किसी दूसरे नए जीव/ काया/ शरीर/ नवजात में प्रवेश कर जाती है। उस आत्मा को अगली यात्रा हेतु गति प्रदान करने के लिए ही श्राद्धकर्म की परंपरा निर्वहन एवं शान्तिपाठ आयोजित किए जाते हैं।

अतः किसी हिन्दू मृतात्मा हेतु
*"विनम्र श्रद्धांजलि"*
*"श्रद्धांजलि"*
*"आत्मा को सदगति प्रदान करें"*
जैसे वाक्य विन्यास लिखे जाने चाहिए।
जबकि किसी मुस्लिम अथवा ईसाई मित्र के परिजनों की मृत्यु उपरांत उनके लिए *"RIP"* लिखा जा सकता है।

गौतम बुद्ध नगर में सात थाना प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में परिवर्तन

गौतम बुद्ध नगर पुलिस प्रसाशन द्वारा 7 थाना प्रभारियों के कार्यक्षेत्रों में परिवर्तन किया गया। उनके नाम और नए कार्यक्षेत्र निम्नलिखित है:

लौटकर आइएगा अटलजी..! @bjp4india #atalbiharivajpayee

सुशील कुमार जैन

लौटकर आइएगा अटलजी..!

अटलजी नहीं रहे। देश भर की दुआएं काम ना आईं। कल हमलोगों ने राष्ट्रीय उत्सव मनाया और आज नियति ने सवा सौ करोड़ भारतवासियों को राष्ट्रीय शोक दे दिया। किसी बड़े व्यक्ति के जाने पर आमतौर कहने का चलन है कि ये ‘अपूरणीय क्षति’ है, पर अटल बिहारी वाजपेयी नाम के शख्स के जाने से बनी रिक्तता सचमुच कभी नहीं भरी जा सकती। भारत के मानचित्र पर जैसे हिमालय जैसा दूसरा संबल नहीं हो सकता, हमारी अंजुलि में जैसे गंगा जैसा दूसरा जल नहीं हो सकता, वैसे ही इस वसुंधरा पर दूसरा अटल नहीं हो सकता। संवेदना से ओतप्रोत कवि, विचारों से लबालब बेजोड़ वक्ता, विनम्रता और शालीनता की प्रतिमूर्ति, नेताओं की भीड़ में अद्वितीय स्टेट्समैन जिसकी भव्यता ना तो किसी पार्टी में समा सकती थी ना प्रधानमंत्री जैसे पद में – काजल की कोठरी कही जाने वाली राजनीति में जैसे तमाम अच्छी चीजें उन्होंने समेट रखी हो अपने भीतर। आज जबकि राजनीति पर विश्वसनीयता का संकट आन पड़ा है, ‘सांकेतिक’ ही सही उनकी मौजूदगी की बेहद जरूरत थी हमें। अटलजी, श्रद्धांजलि शब्द छोटा है आपके लिए, श्रद्धा का पूरा घट ही अर्पित करता हूँ आपको… बस अपना कहा पूरा करिएगा – मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं, लौटकर आऊंगा, कूच से क्यों डरूं? – लौटकर आइएगा अटलजी..!

*कृपया आज अपने अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद करके अटल जी को सच्ची श्रद्धांजली अर्पित करे*