Daily Archive: March 20, 2018

नॉएडा प्राधिकरण ने कूड़ा निस्तारण के लिए च ार योजनाओं को किया स्वीकृत!

नॉएडा : नॉएडावासियो के लिए यह खबर ख़ुशी देने वाली है कि नॉएडा को कूड़े की समस्या से राहत देने के लिए नॉएडा प्राधिकरण ने नॉएडा में कूड़ा निस्तारण को लेकर चार योजनाओ को स्वीकर्ती दे दी है।

बता दें कि पिछले काफी अरसे नॉएडा में कूड़े निस्तारण की समस्या अटकी पड़ी थी इस विकट समस्या को नॉएडा की सामाजिक संस्थाओ व् सेक्टरों के आरडब्लूए ने नॉएडा प्राधिकरण से लेकर पिछली सरकारों के सामने रखी थी। लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। लेकिन कुछ माह सामाजिक संस्थाओ व् आरडब्लूए के लोगो ने सड़क पर उतरकर नॉएडा प्राधिकरण व् सूबे की नई सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। नॉएडा में प्रतिदिन पांच सौ मीट्रिक टन ठोस कूड़ा निकलता है। और ग्रेटर नॉएडा अभी तक डेढ़ सौ मीट्रिक टन ठोस कूड़ा पैदा होता है और अभी तक निस्तारण के ठोस व्यवस्था नहीं है साथ ही जमीन भी उपलब्ध नहीं है।

लेकिन अब सरकार के अस्वाशन के बाद नॉएडा प्राधिकरण ने पहल करते हुए कूड़े के निस्तारण को लेकर चार योजनाओ को स्वीकृति दी है:

(1) नॉएडा से निकलने वाले कूड़े से बिजली बनाने के लिए आधुनिक तकनिकी का इस्तेमाल किया जायेगा।
(2 ) ठोस कूड़ा निकालने के लिए अस्तौली गांव में नौ माह के अंदर प्लांट तैयार हो जायेगा और इसे प्राइवेट पार्टनरशिप पर तैयार किया जायेगा।

साथ ही प्लांट में बनी बिजली का उपयोग जिले में किया जायेगा। अब देखते है कि नॉएडा प्राधिकरण कब तक नॉएडा वासियो को कूड़े से राहत देता है।

आईपीसीए द्धारा मनाया गया नोएडा में विश्व गौरैया दिवस

विश्व गौरैया दिवस एक अंतर्राष्ट्रीय दिवस है जिसे गौरैया और ऐसे अन्य पक्षियों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है जो बढ़ते शहरी परिवेशों और इस पक्षी की आबादी के संभावित खतरों से प्रभावित हैं। विश्व स्पैरो दिवस को हर साल 20 मार्च को दुनिया भर के कई देशों में मनाया जाता है। भारत में गौरैया और अन्य ऐसे पक्षियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए नेचर फ़ारवेर सोसाइटी (एन.एफ.एस) द्वारा शुरू किया गया यह एक अंतर्राष्ट्रीय पहल है। विश्व गौरैया दिवस पक्षियों के संरक्षण और महत्व के बारे में जागरूकता और जानकारी प्रदान करना है।

लोगों को जैव विविधता और प्रकृति की सुंदरता की प्रशंसा करने और इसे बचाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए यह दिन मनाया जाता है। बढ़ते शहरीकरण, औद्योगिकीकरण और वनों की कटाई जैसे मानव कार्यों ने कई पक्षियों और जानवरों के प्राकृतिक निवास को नष्ट कर दिया है, इसलिए उनके पास रहने, खाने और जीवित रहने की कोई जगह नहीं है। घरों, भवनों और सड़कों का निर्माण करने के लिए पेड़ों को काट दिया जाता है। बढ़ते प्रदूषण ने भी पक्षियों की आबादी को बहुत प्रभावित किया है। पक्षियों की कुछ प्रजातियां भी विलुप्त हो गई हैं। विशेष रूप से गौरैया को बचाने के लिए कुछ कार्य करने का यह उच्च समय है जो मानव निर्मित कार्यों से प्रभावित है।

कुछ दशक पहले गौरैया भारत में सबसे आम पक्षी थी। लेकिन अब पिछले कुछ वर्षों से, गौरैया बहुत दुर्लभ हो गयी हैं। 2012 में, गौरैया को दिल्ली का राज पक्षी घोषित किया गया था। अब ऐसा समय आ गया है कि आमतौर पर घर के आंगनों में दिखने वाली चिडिया गौरैया बिलकुल ही विलुप्त हो जाएगी. डॉ। असद रहमानी द्वारा ‘हाउस स्पैरो प्रोजेक्ट’ नामक एक रिपोर्ट और कार्तिक के द्वारा बॉम्बे नेशनल हिस्ट्री सोसाइटी से यह पता चला है कि 2005 से पहले और 2005-2012 के मुकाबले ऐसे पक्षियों के झुण्ड की संख्याओं में कमी आयी है। यह स्पष्ट हैं कि दिल्ली एनसीआर में पक्षियों की संकियौ में गिरावट आयी हे विशेषकर बड़े आबादी के क्षेत्र में। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2005 और 2012 के बीच में कोई घोंसला नहीं देखा जा सका हैं। यह संकेत हैं कि हमारे पक्षी कितने खतरे में हैं।

आईपीसीए सिटीजन एनवायरमेंट इंप्रूवमेंट सोसाइटी (सी.ई.आई.एस) के साथ मिलकर आज इको पार्क, सेक्टर 54, नोएडा में गौरैया दिवस मना रहा है ताकि जागरूकता बढ़ाने और चिड़ियों की सुरक्षा और संरक्षण के बारे में जानकारी हो सके। आईपीसीए नोएडा, में अपने पहले ही मौजूदा खाद सुविधा पर एक आवास पर "स्पैरो हाउस" की शुरूआत करेगा और अन्य पक्षियों की रक्षा और संरक्षण के लिए इस महत्वपूर्ण पहल को आगे बढ़ाएगा। आईपीसीए दुनिया भर के व्यक्तियों और संगठनों को एक साथ लाएगा जो चिड़ियों की सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं और अपने विचारों को साझा करने के लिए उन्हें मंच प्रदान कर रहे हैं।

नॉएडा : जीआईपी मॉल पर 14 करोड़ का बकाया , जल्द कटेगा पानी का कनेक्शन

नोएडा : नॉएडा शहर में कारोबारी लोग सुविधा के नाम पर बिजली पानी सब समय पर चाहते है लेकिन बिजली पानी का बिल कोई नहीं भरना चाहता है। लेकिन अब नॉएडा अथॉरिटी का सब्र का बांध टूट गया है और अब बिजली पानी के बकायेदारों पर नकेल कसने का काम कर दिया है। पहले कारवाई करते हुए बिजली बिल के बकायेदारों को नोटिस दिया फिर नकेल कसते बाकयदारो से वसूली की गयी। अब अथॉरिटी ने पानी के बकाएदारों में भी सिंकंजा कसना शुरू कर दिया है , पहले पानी के बाकयदारो को नोटिस भेजा था। फिर सभी लोगो को मीटिंग के लिए बुलाया था जिसमे कोई समाधान नहीं निकला है। अब सबसे बड़े बकाएदार जीआईपी मॉल है जिस पर तक़रीबन 14 करोड़ का पानी का बिल है , जो अभी तक जमा नहीं कराया है अब जीआईपी मॉल के पानी का कनेक्शन काटने की तैयारी है। अथॉरिटी का कहना है कि मीटिंग के बाद भी पानी का बिल जमा करने पर बात नहीं बन रही है। इसके चलते अब इसका कनेक्शन भी काटा जाएगा।

नोएडा अथॉरिटी के 28 करोड़ रुपये के पानी के

बकाएदारों में करीब 14 करोड़ का बिल अकेले जीआईपी मॉल पर है लेकिन इस बिल में कुछ विवाद होने की वजह से कनेक्शन नहीं काटा गया था और लगातार बैठक चल रही थी। अथॉरिटी प्रॉजेक्ट इंजीनियर (जल) एस सी अरोड़ा का कहना है कि मीटिंग के बाद भी बात नहीं बन पा रही है इसके चलते अब जीआईपी मॉल का भी पानी का कनेक्शन काटा जाएगा। अगले दो-तीन दिन में ही इस बारे में कार्रवाई होगी। इसके अलावा अब तक काटे गए पानी के 38 कनेक्शन में से बकाएदारों ने करीब 48 लाख रुपये जमा कर दिया है। अन्य पर भी जल्द कार्रवाई करने की तैयारी है।