Daily Archive: August 11, 2017

FIRE AT AMRAPALI ZODIAC SOCIETY RESTAURANT 8 INJURRED

नोएडा बिग ब्रेकिंग–आम्रपाली जोडियक सोसायटी के मार्केट रेस्टोरेंट के धमाका,धमाके के 8 लोग घायल,घायलों को निजी अस्पताल में कराया गया भर्ती,सोसायटी के अंदर स्थित मार्किट में चल रहा था रेस्टोरेंट,धमाके के बाद लगी आग , मौके पर पहुची दमकल, सेक्टर 120 स्थित आम्रपाली जोडियक सोसायटी की घटना

218 रुपये की सैलरी पाने वाले जेपी गौड़ कैसे पह ुचे फर्श से अर्श तक

नोएडा – फर्श से लेकर अर्श तक का सफ़र तय करने के बाद दोबारा फर्श पर आ जाने का ग़म कैसा होता है ? इस बात को जेपी गौड़ से अच्छा भला कौन समझ सकता है। जी हाँ, वहीँ जेपी गौड़ जो जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड कंपनी (जेपी बिल्डर्स) के चेयरमैन हैं। बता दें कि जेपी बिल्डर्स को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्युनल की तरफ से दिवालिया घोषित कर दिया गया है। कंपनी पर 8 हजार 365 करोड़ रुपए का कर्ज है। जेपी गौड़ के द्वारा जेपी बिल्डर्स के एम्पायर को खड़ा करने के पीछे बड़ी हीं दिलचस्प कहानी है।

2 जनवरी 1931 को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से करीब 7 किलोमीटर दूर स्थित गांव चिट्ठा में पैदा हुए जेपी गौड़ किसी ज़माने में महज़ 218 रूपये की सैलरी पर काम करते थे। काम करते हुए जेपी गौड़ को यह महसूस हुआ कि उन्हें सरकार की ओर से काम करने के सिर्फ 218 रुपए मिलते हैं, जबकि वहां काम करने वाले उनके साथ के कॉन्ट्रैक्टर्स हर महीने करीब 5000 रुपए कमा लेते थे। बस फिर क्या था, उन्होंने नौकरी छोड़ दी और यहीं से शुरू हुआ उनकी कामयाबी का सफर। आज के समय में उनका जेपी ग्रुप काफी बड़ ग्रुप बन चुका है। ग्रेटर नोएडा को आगरा से जोड़ने वाला 165 किलोमीटर लंबा छह लेन वाला यमुना एक्सप्रेस वे जेपी ग्रुप की ही देन है। इसे जेपी ग्रुप की जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड कंपनी ने बनाया है। पूरे दिल्ली एनसीआर में जेपी बिल्डर्स के करीब 32 हजार फ्लैट्स हैं, लेकिन अब जेपी बिल्डर्स को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्युनल की तरफ से दिवालिया घोषित कर दिया गया है। हालाँकि अभी नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल को जेपी इंफ्राटेक कंपनी के पक्ष का इंतजार है, जिन्हें 270 दिनों का वक्त मिलेगा। अगर 270 दिनों में उन्होंने अपनी स्थिति सुधार ली तो ठीक है, वरना कंपनी की तमाम प्रॉपर्टी की नीलामी हो सकती है।

नोएडा में एक पत्रकार ने साथियों के साथ मिल कर महिला का अपहरण करने की कोशिश

नोएडा : नोएडा के सेक्टर-49 इलाके में एक स्कूटी सवार महिला को टक्कर मारकर महिला का जबरन अपरहण का मामला प्रकाश में आया हैं। अगवा के समय महिला के विरोध करने पर अगवा करने वाले हवा में फायरिंग करते हुए फ़रार होने में सफ़ल हो गए। बताया जाता हैं कि महिला को लंबे समय से ब्लैक-मेल किया जा रहा था। थाने में महिला की शिकायत पर जांच की जा रही है। महिला की माने तो एक दैनिक अख़बार चलाने वाला प्रमोद यादव महिला को लंबे समय से परेशान कर रहा था। गुरुवार की रात को महिला अपनी इस स्कूटी से सब्ज़ी खरीद कर घर वापस लौट रही थी। उसी समय एक गाड़ी में सवार कुछ लोगों ने महिला की स्कूटी में टक्कर मारी और महिला को ज़बरन गाड़ी में बिठाने का प्रयास किया। महिला के विरोध करने पर मौके पे काफ़ी भीड़ इकट्ठी हो गयी। इसी बीच अगवा करने वाले फायरिंग करते हुए मौके से भाग निकले। घटना के बाद महिला ने मामले की शिकायत थाना-49 पुलिस से की। यही नहीं महिला का आरोप हैं कि महिला को प्रमोद यादव द्वारा अपने अख़बार में मनगढंत बातें लिख कर बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा हैं। महिला के मुताबिक प्रमोद यादव ने महिला की तस्वीर एक पुलिस के रिटायर्ड डिप्टी एस. पी के साथ प्रकाशित की हैं। फिलहाल महिला की शिकायत पर पुलिस प्रमोद यादव के ख़िलाफ़ जांच-पड़ताल कर रही है।

बिजली सरकार की मुनाफ़ा कमा रहे बिल्डर, के खि लाफ नेफोमा ने सिटी मजिस्ट्रेट को उर्जा मंत्र ी के नाम सौपा ज्ञापन ।

नोएड़ा में बिल्डरों द्वारा फ्लेट बॉयर्स को फ्लेट पोजेशन न देने, धमकाने, जिनको पजेशन दे दिया है वहाँ सुचारू व्यवस्था न बनाने की शिकायतें तो आम हैं, आज एक नई समस्या को लेकर नोएडा की लगभग 12 सोसायटियो का प्रतिनिधि मंडल नेफोमा के नेतृत्व में सिटी मजिस्ट्रेट महेन्द्र सिंह से मुलाकात कर बिजली की समस्याओं से अवगत कराया व एक ज्ञापन ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के नाम दिया, फ्लेट बायर्स ने आरोप लगाए कि बिल्डरो ने सभी हदों को पार कर दिया है वो किसी भी तरह बॉयर्स से पैसा बसूलना चाहते है, बिल्डर बिजली सरकार से लेकर आगे अपने प्रीपेड मीटर से फ्लेट में सप्पलाई करते है जिसका अपने हिसाब से पैसे बसूलते है, अजनारा ग्रांड हैरीटेज के प्रतिनिधि धनंजय सिंह ने बताया अजनारा बिल्डर मीटर लोड बढ़ाने के 15 हजार जीएसटी अलग से चार्ज कर रहा है जबकि सरकार का रेट 1000 रुपए है ज्यादा तर बिल्डर कॉमन एरिया का बिजली का चार्ज भी बॉयर्स से बसूलते है, आम्रपाली सिलिकॉन सिटी से आए आर० के० एस० चौहान ने बताया कि हमारी सोसाइटी के सभी मेंबर्स बिल्डर को बिजली का पैसा देते है लेकिन बिल्डर आगे जमा ही नही किया बाद में हमारी बिजली काट दी गयी, जोड़ियाक के कर्नल आर०पी० खन्ना ने बताया कि सरकार को बॉयर्स के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने पड़ेंगे, नही तो ये लूट विभाग और बिल्डर की मिलभगत से चलती रहेगी और हम लुटेरों से लूटते रहेगें, नेफोमा अध्यक्ष अन्नू खान ने बताया कि बिजली गलत तरीके से बेचने का अपराध बिल्डर कर रहे है और करोड़ो रुपयों का मुनाफा कमा रहे है, सरकार को खुद एफआईआर करानी चाहिए, हमने ऊर्जा मंत्री के नाम ज्ञापन दिया है और मांग की है जिस तरह सेक्टरों, कालोनी में बिजली विभाग सप्पलाई देता है उसी तरह बिल्डर सोसाइटियों में अपने मीटर से सप्पलाई दे और बिल्डर के चुंगल से आज़ादी दे, ज्ञापन देने वालो में अजनारा ग्रांड हैरिटेज, अम्रापाली जोड़ियाक, अंतरिक्ष गोल्फ 2, हाइड पार्क, अंतरिक्ष केन्बाल, आदित्या अर्बन कासा, आम्रपाली सिलिकॉन आदि से धनंजय सिंह, दीपक कुमार, कर्नल आर०पी० खन्ना, परवेश बंशल, कर्नल पी० चंद्रा, सतेंद्र पाल, अजय शर्मा, जोगिंदर सिंह, वीरेन्द्र सिंह, सुदेश कुमार, आर० के० एस० चौहान, नितेश भट्ट, सोमनाथ मिश्रा, निरंजन सिंह धींगरा, दिनेश ठाकुर आदि उपस्थित रहे ।

नोएडा : मोहब्बत में मिली रुसवाई तो सॉफ्टवे यर इंजीनियर लड़की ने उठाया ये खौफनाक कदम

नोएडा : कुछ लोग प्यार में मिली नाकामी को झेल नहीं पाते और खौफनाक कदम उठा लेते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ नोएडा में रहने वाली पटना के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर लड़की के साथ। सॉफ्टवेयर इंजीनियर लड़की के साथ जब उसीके साथ कंपनी में काम करने वाले प्रेमी ने बेवफाई की तो लड़की ने फांसी के फंदे से लटक कर अपनी जान दे दी।

घटना नोएडा के सेक्टर 62 के शांति कुंज अपार्टमेंट की है। पटना निवासी मृतका एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर थी। वह सेक्टर-62 की एक नामी आईटी कंपनी में काम करती थी। उसी कंपनी में एक अंकुश गंदोत्रा नामक एक शख्स भी काम करता है। इन दोनों के बीच पिछले दो साल से प्रेम संबंध थे। सुसाइड नोट में युवती ने बताया कि पिछले दो साल से उसके और अंकुश के बीच प्रेम संबंध था। उसी दौरान पीड़िता गर्भवती भी हुई थी। कुछ समय पहले उसे मालूम हुआ कि अंकुश अपने घरवालों की मर्जी से किसी और से शादी कर रहा है। उसने कई बार अंकुश को मनाया भी लेकिन वह नहीं मान रहा था, जिस वजह से युवती ने यह कदम उठाया।

पुलिस के मुताबिक, युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उसके परिजनों को इस मामले की सूचना दे दी गई है। परिजनों के आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस युवती के प्रेमी अंकुश का तलाश कर रही है।

नोएडा : डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर ्देश, सितम्बर तक खुले में शौच से मुक्त हो पूरा जनपद

गौतमबुद्धनगर : जनपद गौतमबुद्धनगर को स्वच्छ भारत मिशन(ग्रामीण) कार्यक्रम के तहत खुले मे शौच से आजादी दिलाने के लिए सितम्बर 2017 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस कार्यक्रम में गतिशीलता लाने के उद्देश्य से विकास भवन के सभागार में खुले मे शौच से आजादी सप्ताह का शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुये जेवर विधान सभा क्षेत्र के विधायक ठा0 धीरेन्द्र सिंह ने कहा कि जनपद गौतमबुद्धनगर पूरे प्रदेश के लिए मुख्य जनपद के रूप में पहचान है, अतः इस दृष्टि से जनपद को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए अधिकारियो एवं स्थानीय जनता का और अधिक दायित्व बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के द्वारा ऐसी कार्य योजना तैयार की जाये, जिसमें शासन से मिलने वाले शौचालय सितम्बर माह से पूर्व बनकर तैयार हो जाये और इसी प्रकार जिनके घरों में शौचालय बने हुये है और उनके द्वारा प्रयोग नही किया जा रहा है, ऐसे प्रकरणों मे सभी को जागरूक करते हुये शौचालयों का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जाये। विधायक सिंह ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा इस कार्यक्रम को सर्वोच्च प्राथमिकता भी दी जा रही है।

जिलाधिकारी बीएन सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये कहा कि अधिकारियों के द्वारा खुले में शौच से मुक्ति सप्ताह का आज आरम्भ किया गया हैै। इससे पूरे जनपद में पूरी दृढता के साथ संचालित किया जाये। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत राज विभाग के माध्यम से 100 ग्रामों में 10 हजार शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। उनका कार्य प्रत्येक दशा में पूर्ण मानकों के साथ सितम्बर माह तक संपादित कराया जाये। डीएम ने स्पष्ट किया कि यदि शौचालय निर्माण के लिए लाभार्थी को भेजी जाने वाली राशि में कही पर घूसखोरी की शिकायत मिलती है और साक्ष्य प्राप्त होते है तो सम्बन्धित व्यक्ति के विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया जायेगा।

उन्होंने कहा कि पूरा जनपद ओडीएफ की श्रेणी में तभी आयेगा जब प्राधिकरणों के तहत आने वाले ग्रामों को भी पूर्ण रूप से ओडीएफ कराया जाये। इस सम्बन्ध में सक्षम अधिकारी के द्वारा प्राधिकरणों के अधिकारियों से सामजंस्य स्थापित करते हुये उनके क्षेत्र के ग्रामों को भी ओडीएफ कराये जाने की कार्यवाही की जायें। डीएम ने कहा कि खुले में शौच से मुक्ति सप्ताह को सभी ग्राम स्तर पर आयोजित करते हुये ग्रामीणों को स्वच्छता के बारे में जागरूक करने की कार्यवाही की जाये।

इस अवसर पर सास्कृतिक कार्यक्रम एवं नाटक का आयोजन करते हुये मनुष्य के जीवन में स्वच्छता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए अवधेश कुमार, डीडीओ डॉ रामआसरे, जिला पंचायत राज अधिकारी बीपी शुक्ला, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी एसके द्विवेदी अन्य अधिकारियों तथा गणमान्य व्यक्तियों के द्वारा भाग लिया