Daily Archive: July 20, 2017

पुलिस ने तीन शातिर बदमाशो को किया गिरफ्तार

नोएडा- अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने को लेकर नॉएडा पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नज़र आ रही है। आज नॉएडा पुलिस के द्वारा अलग-अलग घटनाओं में कुल तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। जिन बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है, उनकी पुलिस को काफी लंबे समय से तलाश थी। आपको बता दें कि पुलिस प्रशासन ने अपराधियों के खिलाफ अभियान शुरू कर रखा ही।

पहली घटना में उप-निरीक्षक धर्मेन्द्र सिंह, थाना सैक्टर 20 जनपद गौतमबुद्धनगर द्वारा पुलिस टीम के साथ आरोपी लखन पुत्र मुन्नालाल निवासी कवई जिला महोबा को गिरफ्तार किया गया है। दूसरी घटना में उप-निरीक्षक नीरज, थाना फेज़-2 जनपद गौतमबुद्धनगर द्वारा पुलिस टीम के साथ आरोपी ताज मोहम्मद पुत्र नसीद निवासी मौजा परसराम थाना जामो जिला अमेठी को गिरफ्तार किया गया है। वहीँ तीसरे मामले में उप निरीक्षक सुधीर कुमार, थाना सैक्टर 39 जनपद गौतमबुद्धनगर द्वारा पुलिस टीम के साथ आरोपी धनसिंह पुत्र घासी सिह निवासी ग्राम ढाबका थाना हेमन्तगढ जिला बुलन्दशहर को गिरफ्तार किया गया है। सभी गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायालय में प्रस्तुत कर जेल भेजा गया है।

व‌र्ल्ड ऑफ वंडर्स में व्यक्ति झूले से गिर ा , घटना फेसबुक पर हुई वायरल

नोएडा : सेक्टर-38ए स्थित जीआइपी मॉल के व‌र्ल्ड ऑफ वंडर्स में एक व्यक्ति झूले (राइड)नोएडा : सेक्टर-38ए स्थित जीआइपी मॉल के व‌र्ल्ड ऑफ वंडर्स में एक व्यक्ति झूले (राइड) से गिरकर घायल हो गया। घटना की चश्मदीद और उसी झूले पर मौजूद दिल्ली की आस्था जैन ने फेसबुक पर घटना को पोस्ट किया। यह वायरल हो गया। उधर, पीड़ित की तरफ से मामले की शिकायत पुलिस से नहीं की गई है। हादसा 25 जून की शाम करीब साढ़े छह बजे का है। आस्था जैन ने दो दिन बाद 27 जून को घटना फेसबुक पर पोस्ट की। फेसबुक पोस्ट के अनुसार झूला जैसे ही शुरू हुआ, उनकी सीट के ठीक आगे बैठे व्यक्ति की सेफ्टी बेल्ट खुल गई और वह नीचे गिर पड़ा। वह भी ठीक इसी तरह गिरते-गिरते बची। घायल व्यक्ति केगिरने के बाद भी काफी देर तक झूला चलता रहा। मामले में एसपी सिटी अरूण कुमार सिंह ने बताया कि मॉल प्रबंधन ने घायल का इलाज करा दिया था। उसकी तरफ से पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी गई थी। घायल कोई पुलिस कार्रवाई नहीं चाहते थे। जीआइपी मॉल के उपाध्यक्ष (ऑपरेशन) अरूण मनिकोंडा ने बताया कि हादसे केतुरंत बाद घायल को एंबुलेंस से कैलाश अस्पताल ले जाया गया था। उसकी पूरे शरीर की जांच कराई गई। उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई थी। इससे पहले कभी भी ऐसा हादसा नहीं हुआ है। व‌र्ल्ड ऑफ वंडर के प्रत्येक झूले की दैनिक, साप्ताहिक व मासिक स्तर पर सुरक्षा जांच होती है। विश्व की सर्वश्रेष्ठ कंपनी इन झूलों की सुरक्षा की जांच तथा रखरखाव करती हैं। घटना वाले दिन झूले थोड़ी देरी के लिए इसलिए रुके, क्योंकि सुरक्षा के मद्देनजर इनमें आपातकालीन ब्रेक नहीं होते है। सात-आठ मिनट की राइड के बाद झूला रुका। 15 मिनट के अंदर ही सभी लोगों को झूले से उतार लिया गया था।