Daily Archive: July 22, 2017

FONRWA Team  got the information about stoppage of work immediately Sh. N P Singh ji along with h is team members reached on the the spot and  restarted the cleaning work of the drain forcefully.

On request of FONRWA our MLA Sh. Pankaj Singh ji visited sector-51 near kendriya vihar “big drain” for water logging problem.

The drain was full of shilt so Sh. Pankaj ji ,MLA immediate instructed Sh. R S Yadav ji , Sr. PE, Health department of Noida Authority, for cleaning of the same drain.

Sh. R S Yadav ji immediately started the cleaning work by big JCB Machine.

But Irrigation department, “jiledar sahab” reached on the spot and stopped the cleaning work.

It’s very disappointing to say that irregiation dept. of UP Govt do not co-operate and do not want cleaning of the big drain to keep hygienic atmosphere in the city.

When FONRWA Team got the information about stoppage of work immediately Sh. N P Singh ji along with his team members reached on the the spot and restarted the cleaning work of the drain forcefully.

The jiladar was requested either to clean the drain by his department or allow the Noida Authority to resume the work because of this drain entire Noida city was submerged in the rain water 2 days back.

The work was restarted and jiladar left the spot to report the matter to his seniors.

It is high time that either D.M,G B Nagar, look into the matter of cleaning of drains coming under U.P Govt him self or not to interfere in the constructive work of Noida Authority and FONRWA.

FONRWA Team

पंकज सिंह ने प्राधिकरण अधिकारियों के जलभर ाव की समस्यओं का निरक्षण किया

नोएडा। शहर में बारिश के चलते हो रही जलभराव की समस्या के मद्देनजर भाजपा विधायक पंकज सिंह शनिवार सुबह सेक्टर-51 और सेक्टर 44 में प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ निरिक्षण करने पहुंचे। यहां लोगों ने उनका स्वागत करते हुए अपनी समस्याओं से अवगत कराया। इस दौरान पंकज सिंह ने लोगों की सभी समस्याएं सुनी और अधिकारियों को इन पर जल्द से जल्द काम करने के लिए कहा। पंकज सिंह ने लोगों को आशवासन दिया कि शहर में हो रही जलभराव की समस्या का जल्द ही निवारण कर लिया जाएगा और अधिकारियों को 10-15 दिन में समस्याओं को निपटाने के लिए कहा।
सेक्टर 44 में बन रहे पैरीफेरल के रुके हुए काम के लिए ग्रामीणों ने उन्हें अवगत कराते हुए कहा कि पैरीफेरल के अटके हुए काम की वजह से आसपास के इलाके में पानी भर जाता है जिससे हमें खासी दिक्कतें होती हैं। इस पर प्राधिकरण के अधिकारियों ने कहा कि पैरीफेरल के काम जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
इस दौरान पंकज सिंह के साथ सांसद प्रतिनिधि संजय बाली, जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा, मंडल अध्यक्ष सूरज राणा समेत युधवीर चौहान, दिनेश चौहान, मुकेश गुप्ता आदि भी उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते शहर के अधिकांश इलाकों में सड़कों समेत लोगों के घऱों में पानी भर गया था और पूरे शहर में भारी जाम जैसी स्थिती पैदा हो गई थी।

नोएडा में आ चुके हैं दो हजार के नकली नोट, दव ा व्यापारी को लगी चपत

भारत देश में नकली नोटों का कारोबार फिर से शुरू हो चूका है | दरसल नोटबंदी के बाद से ही बाजार में 500 व दो हजार के नकली नोट आने शुरू हो गए थे। बीच में इस पर काफी हद तक पाबंदी लगी थी। अब फिर से नकली नोट बाजार में आने शुरू हो गए हैं। ताजा मामला है नोएडा का जहाँ एक दवा कारोबारी को दो हज़ार का नकली नोट मिला | पीड़ित अरुण वालिया नोएडा के सेक्टर 12 में मेडिकल स्टोर चलाते है | पीड़ित अरुण वालिया को नोट नकली होने का पता तब चला, जब पीड़ित बैंक में पैसे जमा करने पहुंचे थे तभी बैंक अधिकारी ने इसे नकली बताकर उन्हें वापस कर दिया। पीड़ित अरुण वालिया ने बताया की ये घटना पहली बार उनके साथ नहीं हुई इससे पहले भी कई बार ग्राहक द्वारा अरुण को ऐसे ही नकली नोट मिल चुके हैं। इससे पहले कई लोग एटीएम से 500 व दो हजार के नकली नोट निकलने की बैंक अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं।

कहा से शुरू होता है नकली नोटों का कारोबार

नोटबंदी के दौरान नकली नोटों का कारोबार थोड़ा सा थम गया था लेकिन फिर से नकली नोटों का कारोबार शुरू हो चूका है | ये नकली नोट पाकिस्तान, बंग्लादेश, नेपाल व दुबई से छापकर भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा अब भारत में ही इनके आकाओं ने नकली नोटों को छापने का एक बड़ा नेटवर्क तैयार कर रखा है। इसकी कमान पाकिस्तान व बंग्लादेश, नेपाल व दुबई के हाथों में ही है। नकली नोटों के बाजार में आने से देश की अर्थ व्यवस्था लगातार खतरे में जा रही है। क्योंकि असली नोटों के समानांतर नकली नोट आ जाने से महंगाई बढ़ने लगती है। इसकी वजह यह है कि संसाधन उतने ही होते हैं, लेकिन उसे खरीदने के लिए पैसा ज्यादा हो जाता है। ऐसे में मांग की अपेक्षा उपलब्धता कम हो जाती है। यह अर्थ व्यवस्था के लिए बहुत ही घातक साबित हो सकता है।